सनातन धर्म#उपदेश#सूक्ति#यंत्र,मंत्र,तंत्र#
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यह चित्र धार्मिक और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है। इसमें विभिन्न धर्मों और मतों के चिन्ह बनाए गए हैं, जैसे – ईसाई धर्म का क्रॉस इस्लाम का चाँद और सितारा बौद्ध धर्म का धर्मचक्र यहूदी धर्म का मेनोरा जैन धर्म का अहिंसा चिह्न (हथेली) सिख धर्म का खालसा प्रतीक पारसी धर्म का फरवहर ताओ धर्म का यिन-यांग हिन्दू धर्म का ॐ और अन्य वैदिक मंत्र। बीच में पंचकोणीय तारा (Pentagram) बना है, जो पंचतत्वों – पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश – का द्योतक है। इसके मध्य में ॐ अंकित है, जो सभी शक्तियों और ब्रह्म का मूल स्वर है। नीचे संस्कृत मंत्र लिखे गए हैं – 1. ॐ हौं जूं सः ओं मुं मुवर्न स्वः – यह बीज मंत्र ऊर्जा, सुरक्षा और #🪔ज्योतिष वास्तु यंत्र मंत्र तंत्र #सनातन धर्म#उपदेश#सूक्ति#यंत्र,मंत्र,तंत्र# #यंत्र तंत्र मंत्र #भैरव तंत्र #मंत्र साधना#यंत्र मंत्र तंत्र#टोटके और उपाय#ज्योतिष# के लिए। 2. ॐ नमः शिवाय, ॐ शिवायै नमः ॐ – यह शिव स्तुति है, जो शांति, शक्ति और कल्याण देती है। ➡️ संक्षेप में, यह चित्र सभी धर्मों और सम्प्रदायों की एकता, ब्रह्मांडीय ऊर्जा, पंचतत्वों और ईश्वर की सर्वव्यापकता का संदेश देता है। क्या आप चाहेंगे कि मैं इस पर 2-3 पंक्तियों का प्रेरक विचार भी लिख दूँ जिसे आप चित्र के साथ उपयोग कर सकें? #साबर तंत्र
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यह चित्र एक राम नाम रक्षा यंत्र-मंत्र है, जो साधक को ईश्वर की दिव्य ऊर्जा से जोड़कर उसकी आत्मा और जीवन के चारों ओर एक सुरक्षात्मक कवच निर्मित करता है। प्रमुख विशेषताएँ – 1. राम नाम की परिक्रमा इस यंत्र में "राम-राम-राम" का अनवरत घेरा बनाकर चक्राकार लिखा गया है। ‘राम नाम’ को कलियुग में सबसे श्रेष्ठ और सरल मंत्र माना गया है। इसके निरंतर जप या दर्शन मात्र से मन में शांति, साहस और निडरता आती है। 2. केंद्र का शक्ति बिंदु मध्य में "ॐ" और साधक का नाम लिखा गया है (यहाँ मधुकर)। इससे यंत्र व्यक्तिगत हो जाता है और साधक के लिए विशेष फलदायी बनता है। मान्यता है कि नाम सहित यंत्र साधक की आभा (Aura) को मजबूत कर सीधे ईश्वरीय शक्ति से जोड़ देता है। 3. ‘ॐ’ का समावेश यंत्र के चारों ओर तथा कोनों में "ॐ" अंकित है। ‘ॐ’ ध्वनि सम्पूर्ण ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतीक है और यह यंत्र को जीवंत शक्ति प्रदान करता है। 4. नीचे का रक्षा श्लोक “सदा भवानी साथ सहित, गौरी पुत्र गणेशा। पंच देव रक्षा करें, ब्रह्मा विष्णु महेशा॥” यह श्लोक माता भवानी, गणेश तथा त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) से रक्षा की प्रार्थना है। यह यंत्र को संपूर्ण और सर्वशक्तिमान कवच बना देता है। महत्व – इस यंत्र को पूजा स्थल पर रखकर या साथ रखने से सदैव दिव्य रक्षा कवच बना रहता है। साधक के मन से भय, तनाव और नकारात्मकता दूर होती है। जीवन में आत्मविश्वास, शांति और ईश्वरीय कृपा का अनुभव होता है। ‘राम नाम’ जप करने का फल लाखों मंत्रों के जप के समान कहा गया है, इसलिए यह यंत्र अत्यंत प्रभावी है। 👉 संक्षेप में, यह राम नाम रक्षा यंत्र साधक के चारों ओर एक अदृश्य आध्यात्मिक कवच बनाता है, जो उसे हर प्रकार के भय, रोग, बाधा और अनिष्ट से सुरक्षित रखता है तथा उसे भक्ति और आत्मबल की ओर अग्रसर करता है। #🪔ज्योतिष वास्तु यंत्र मंत्र तंत्र #सनातन धर्म#उपदेश#सूक्ति#यंत्र,मंत्र,तंत्र# #भैरव तंत्र #मंत्र साधना#यंत्र मंत्र तंत्र#टोटके और उपाय#ज्योतिष# #तंत्र मंत्र यंत्र #यंत्र तंत्र मंत्र
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