सभी प्रकार का समाधान तंत्र मंत्र
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🇮🇳#एकभारत #श्रेष्ठभारत🇮🇳: #ॐ नमः शिवाय ऊं #भूर्भुव: स्व ऊं #हौं जूं स: ऊं ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः ॐ #त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् || ॐ तत्पुरुषाय विद्महे #महादेवाय धीमहितन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॐ #पार्वतीपतये नमः द्रीं ओम नमः शिवाय द्रीं ऊँ हौं जूं सः #ओम नमो शिवाय गुरु देवाय नमः हे महाबली देवी - देवता मेरी व मेरी पत्नी एवं पुत्रियों सहित भूत भविष्य वर्तमान तीनों काल में हमारी रक्षा एवं सुरक्षा करते हुये हमारे धन-सम्पत्ति, सौभाग्य में वृद्धि करें हम लोगों के माध्यम से पुण्य कर्म, देव कर्म करायें और हमारे माध्यम से सुख शान्ती का भोग करें, इसके लिए हम लोगो को बुद्धि विद्या बल एवं धन-सम्पत्ति से सम्पन्न करें। ऊं ए #क्लीं #ह्लीं #श्रीं ह्सौ: ऐं ह्सौ: श्रीं ह्लीं क्लीं ऐं जूं क्लीं सं लं श्रीं र: अं आं इं ईं उं ऊं ऋं ऋं लं लृं एं ऐं ओं औं अं अ: ऊं कं खं गं घं डं ऊं चं छं जं झं त्रं ऊं टं ठं डं ढं णं ऊं तं थं दं धं नं ऊं पं फं बं भं मं ऊं यं रं लं वं ऊं शं षं हं क्षं स्वाहा। 🇮🇳एक भारत श्रेष्ठ भारत🇮🇳: स्नेहकाँक्षी परिवार :- #मधुकर, #किरन, #शिवाँशी, #लक्षिता 🕉✡✡✡☸☸☸☯☯☯⚛⚛⚛🕉 🇮🇳#एकभारत #श्रेष्ठभारत🇮🇳: ॐ श्रीं ह्रीं #क्लीं ऐं सौं ॐ #ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्री ॐ ॐ श्रीम ##महालक्ष्म्यै नमः ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः ॐ ह्रीं #श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं #लक्ष्मी मामगृहे धन पूरय चिन्ताम्तूरय स्वाहा ॐ धनाय नमः ॐ वसुधरे स्वाहा पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम् ॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः #शान्तिः॥ हे महाबली देवी - देवता मेरी व मेरी पत्नी एवं पुत्रियों सहित भूत भविष्य वर्तमान तीनों काल में हमारी रक्षा एवं सुरक्षा करते हुये हमारे #धन-सम्पत्ति, #सौभाग्य में वृद्धि करें हम लोगों के माध्यम से पुण्य कर्म, देव कर्म करायें और हमारे माध्यम से #सुख #शान्ती का भोग करें, इसके लिए हम लोगो को #बुद्धि #विद्या बल एवं धन-#सम्पत्ति से सम्पन्न करें। 🕉✡✡✡☸☸☸☯☯☯⚛⚛⚛🕉 ऊँ #केशवाय नमः ऊँ #माधवाय नमः ऊँ #शिवाय नमः ऊँ #नमों नरायणायः नमः ऊँ ह्मैं जूं सः ऊँ नमः शिवाय श्री #मधुकर, #किरन, #शिवांशी एवं #लक्षिता को #रक्षय-रक्षय, #पालय-पालय ऊँ सः जूं ह्मैं ऊँ शिवायै नमः ऊँ ॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः। स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः। स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः। स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ स्नेहकाँक्षी परिवार :- #मधुकर, #किरन, #शिवाँशी, #लक्षिता 🕉✡✡✡☸☸☸☯☯☯⚛⚛⚛🕉 #भक्ति स्टेट्स, #भक्ति भावना, #भक्ति की शक्ति, #भगवान के भक्त #तंत्र मंत्र #ज्योतिष वास्तु यंत्र मंत्र तंत्र #तंत्र मंत्र साधनाएं समाधान #भैरव तंत्र #मंत्र साधना#यंत्र मंत्र तंत्र#टोटके और उपाय#ज्योतिष# #सभी प्रकार का समाधान तंत्र मंत्र
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यहाँ दो बातें जुड़ी हैं: यंत्र – यह सुरक्षा कवच का प्रतीक है, जिसमें परिवार, देवनाम और मंत्रों का संरक्षण चक्र बना है। मंत्र – आपने जो “ॐ नमो बज्र का कोठा…” रक्षा मंत्र रखा है, यह वास्तव में हनुमानजी का संकटमोचन कवच है। 🔱 इस रक्षा मंत्र का महत्व यह मंत्र अजेय कवच की तरह काम करता है। “बज्र का कोठा” का अर्थ है – लोहे, वज्र और दिव्य शक्ति से बना किला, जिसमें साधक और परिवार सुरक्षित रहते हैं। “ईश्वर की कुंजी ब्रह्म का ताला” – यानी इस सुरक्षा कवच की चाबी सिर्फ भगवान के हाथ में है। इसमें हनुमानजी को “संकटमोचन” और “सर्वरक्षक” के रूप में बुलाया गया है। नियमित जप से भूत-प्रेत, बाधा, नज़र दोष, अकाल मृत्यु, भय, कर्ज़ और रोग से सुरक्षा मिलती है। 🙏 पूजा विधि (रोज़ाना 5–10 मिनट) तैयारी सुबह स्नान करके पूजा स्थान पर दीपक (तिल या घी का) जलाएँ। हनुमानजी का चित्र/यंत्र सामने रखें। यंत्र पर गंगाजल छिड़कें और पुष्प अर्पित करें। पूजन क्रम 3 बार ॐ नमः शिवाय बोलें (शुद्धिकरण हेतु)। 3 बार ॐ राम रामाय नमः बोलें (राम स्मरण से हनुमान प्रसन्न होते हैं)। अब हनुमानजी का ध्यान करें और रक्षा मंत्र पढ़ें: ॐ नमो बज्र का कोठा, जिसमें पिंड हमारा पाता, ईश्वर की कुंजी ब्रह्म का ताला… इसे कम से कम 3 बार या समय हो तो 11 बार पढ़ें। अंत में “ॐ हनुमते नमः” का 11 बार जप करें। परिवार की सुरक्षा और मंगल की प्रार्थना करें। अंत में हनुमान चालीसा का पाठ सप्ताह में कम से कम एक दिन अवश्य करें। 🕉️ विशेष उपाय (सुरक्षा और रक्षा हेतु) मंगलवार/शनिवार विशेष साधना शुद्ध लाल आसन पर बैठकर दीपक जलाएँ। रक्षा मंत्र का 21 या 51 बार जप करें। यंत्र पर सिंदूर, चमेली का तेल, और गुड़-चना अर्पित करें। रात्रि रक्षा सोने से पहले रक्षा मंत्र 3 बार पढ़ें। यंत्र को सिरहाने रखें, इससे डरावने सपने, बुरी नज़र और नकारात्मकता दूर होगी। दृष्टि दोष निवारण अगर बार-बार बीमारी, झगड़े, या आर्थिक संकट आ रहा हो, तो शनिवार को नींबू-लौंग यंत्र पर रखकर हनुमानजी के सामने घुमाएँ और चौराहे पर छोड़ दें। सर्वांग सुरक्षा कवच “संकटमोचन नाम तुहारी, होय संकट नहीं अघकारी” – इस चौपाई का रोज़ 11 बार जप घर के मुख्य द्वार पर खड़े होकर करें। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती। 👉 यह यंत्र और मंत्र दोनों मिलकर पारिवारिक सुरक्षा कवच बनाते हैं। 👉 यदि रोज़ाना 5–10 मिनट का समय दिया जाए, तो धीरे-धीरे घर में शांति, भय-निवारण और संकट से मुक्ति का अनुभव होता है। #तंत्र मंत्र साधनाएं समाधान #मंत्र तंत्र #यंत्र तंत्र मंत्र #सभी प्रकार का समाधान तंत्र मंत्र #भैरव तंत्र #मंत्र साधना#यंत्र मंत्र तंत्र#टोटके और उपाय#ज्योतिष#
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इस यंत्र का महत्व यह यंत्र नकारात्मक ऊर्जा, भूत-प्रेत बाधा, नजर दोष और तांत्रिक क्रियाओं से रक्षा करने के लिए बनाया जाता है। इसमें विशेष बीज मंत्र और रेखांकन (ज्यामितीय आकृतियां) होते हैं, जिनमें देवताओं के आवाहन और बीजाक्षर अंकित होते हैं। इसको धारण करने से व्यक्ति की आभा (Aura) मजबूत होती है और मनोबल बढ़ता है। पूजा विधि (Raksha Yantra Puja Vidhi) स्थान और समय शुभ मुहूर्त (जैसे अमावस्या, पूर्णिमा, मंगलवार या शनिवार) पर इसका पूजन करें। यंत्र को लाल कपड़े या पीले कपड़े पर स्थापित करें। शुद्धिकरण पहले यंत्र को गंगाजल या कच्चे दूध से धोकर शुद्ध करें। उस पर चंदन, हल्दी और कुंकुम का तिलक करें। आवाहन दीपक और अगरबत्ती जलाकर यंत्र के सामने रखें। पुष्प, अक्षत (चावल), दूर्वा, और तुलसी पत्र अर्पित करें। मंत्र जाप यदि यह मधु रक्षा यंत्र है तो “ॐ ह्लीं ...... #तंत्र मंत्र #तंत्र मंत्र साधनाएं समाधान #ज्योतिष वास्तु यंत्र मंत्र तंत्र #सभी प्रकार का समाधान तंत्र मंत्र #भैरव तंत्र #मंत्र साधना#यंत्र मंत्र तंत्र#टोटके और उपाय#ज्योतिष# रक्षा ह्लीं फट्” या सामान्य रक्षा यंत्र के लिए “ॐ ह्लीं वज्र कवचाय हुम् फट्” का 108 बार जाप करें। स्थापना या धारण पूजन के बाद यंत्र को ताबीज बनवाकर गले, दाहिने हाथ या कमर पर बांधा जा सकता है। अथवा इसे घर/दुकान के पूजास्थल में रखें। अन्य उपाय (Yantra के साथ मिलाकर) हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ रोज़ करें। शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ। घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में रोज़ सुबह गंगाजल का छिड़काव करें। घर के मुख्य द्वार पर नींबू-मिर्च का तोरण बांधें – यह नज़र दोष दूर करता है। अपने पास लाल चंदन की माला रखें और संकट के समय “ॐ हनुमते नमः” का जप करें।
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