black Lover (✷‿✷)^_________^अल्फाज युवा कवि Kunal Singh
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digital निर्माता
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कवि का जलवा — कबीर का कटाक्ष जो सीधे दिल पर चलता है: क्या आपने जाना कि कबीर 15वीं सदी के रहस्यवादी संत-कवि थे जिनकी वाणियाँ बीजक में संकलित हैं और कुछ गाथाएँ गुरु ग्रन्थ साहिब में भी दर्ज हैं; उनकी शक्ल-संख्या कम पर उनके दोहे जन-जन तक पहुंचते रहे हैं — “बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय; जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।” 🪶📜🔥 तर्क/साइंस: इसका कारण केवल भाव नहीं, बल्कि मेमोरी साइंस और मौखिक परंपरा है — छोटे, लयबद्ध दोहे (meter/rhyme) और मौखिक-संगीतीय प्रस्तुति ने इन्हें याद रखना आसान बनाया; राइम और नियमित छंद हमारे दिमाग़ की प्रोसेसिंग को सरल करते हैं और oral-transmission ने पंक्तियों को पीढ़ी दर पीढ़ी फैलाया — इसलिए कबीर आज भी सामाजिक-आलोचना और सरल जीवन-शिक्षा का प्रतीक हैं। 🔍✨ #कबीर #कविता #दोहे #SantKabir #कविता_विचार 🕊️ आप अगली post किस पर बनी देखना चाहते हैं comment करें। @कविता परमार @कविता कुमारी @कविता वर्मा @कविता चौरसिया 2627 @Vaibhav thakare (कवी वेड्या मनाचा) #कवि #black Lover (✷‿✷)^_________^अल्फाज युवा कवि Kunal Singh #कवि मंतरण #कवि सम्मेलन #कवि सम्मेलन
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Shyam Kunvar Bharti
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कहानी _ **क्या होगा घर जमाई का** भाग_ 24 लेखक_ श्याम कुंवर भारती मंजू लता ने अपनी मां से कहा _ मां पापा की देखभाल और मेरी शादी की बात करने के लिए आप सबको भी मेरे साथ मेरे आवास पर चलना होगा ।इसलिए आप चलने की तैयारी कर ले।फिर उसने प्रतीक से एक और एक एंबुलेंस का इंतजाम करने की कहा । प्रतीक ने थोड़ी देर में अपने अस्पताल में फोन कर एम्ब्युलेंस लाने को कह दिया। कुछ ही घंटों में सभी वहां से निकल चुके थे।एंबुलेंस में उसके माता पिता और चचेरी बहन थी और दूसरी गाड़ी में प्रतीक और मंजू सवार थे। रास्ते में प्रतीक ने मंजू को बताया कि उसकी बहन पम्मी ने उसे फोन कर बताया था कि मेरी मां उसे घर जमाई बनाने को तैयार हो गई है लेकिन मेरे पिता मेरे आने का इंतजार कर रहे हैं। मेरी सलाह लिए बिना वे कोई फैसला नहीं लेना चाहते है । उसकी बात सुनकर मंजू बड़ी चिंतित नजर आने लगी। लेकिन आपकी मां ने आपसे पूछे बिना कैसे यह रिश्ता तय कर दिया।उसने प्रतीक से पूछा । मा को लड़की वाले के धन दौलत ,जमीन और मकान का लालच हो आया होगा लेकिन मा समझ नहीं रही है वो मुझे हमेशा के लिए खो देगी ।भले ही कई शर्ते तय हुई हैं लेकिन घर जमाई धोबी के कुत्ते की तरह होता है।वो न घर का रहता है न घाट का ।प्रतीक ने चिंतित होकर कहा । वैसे मेरी मां बहुत ज़िद्दी है।वो जो ठान लेगी पापा से मनवाकर ही रहेगी। प्रतीक ने आगे कहा। ऐसे हालत में आप क्या करेंगे ।मंजू ने पूछा । मैं क्या करूंगा ।एक तरफ मेरी मां और दूसरी तरफ मेरे पिता होंगे ।मेरे घर जाते ही बहुत जोर की बहस बाजी होगी ।मैं तो उलझन में पड़ जाऊंगा।प्रतीक ने कहा। इसमें उलझन वाली क्या बात है।जब आपसे आपके पापा आपकी राय पूछेंगे आप साफ साफ कहा देंगे कि आपको यह रिश्ता मंजूर नहीं है और आप अपनी वीडियो मैडम मंजुलता से विवाह करना चाहते हैं। आखिर आपको भी तो अपनी पसंद नापसंद कहने का मौका मिलेगा।मंजु ने प्रतीक को सलाह देते हुए कहा। शायद आप ठीक कह रही हैं मैडम मैं आपके बारे में बात करूंगा मम्मी पापा से । मेरे आवास पर पहुंचते ही आप तुरंत अपने घर जाएंगे ।थोड़ी देर बाद मैं अपनी मां और चचेरी बहन को आपके घर भेजूंगी हम दोनों के रिश्ते की बात करने ।आप मेरी मां की बात को समर्थन करना ।मंजू ने कहा ।ठीक है ।मैडम मै यही करूंगा प्रतीक ने गाड़ी चलाते हुए कहा। शाम के छ बजे तक सभी मंजू लता के सरकारी आवास पर पहुंच गए ।आज मौसम बिल्कुल साफ था इसलिए सभी एक बार केवल खाने के लिए एक होटल में रुके उसके बाद लगातार चलते रहे और आवास पर जल्दी पहुंच गए। आवास पर पहुंचते ही मंजू प्रतीक को दस हजार रुपए देने लगी और बोली इसे रख लीजिए अब तक आपने ही खर्चा किया है लेकिन प्रतीक ने लेने से इनकार कर दिया और कहा अब काहे का मेरे तेरा मैडम ।अब तो है दोनों एक ही है ।आपको अपना समझकर समझकर खर्चा किया है। मंजू बड़ी भाऊक हो गई और प्रतीक से लिपट गई।उसकी आंखे नम हो गई थी ।कितना प्यारा लड़का है।उसका कितना ख्याल रखता है।पता नहीं उसके साथ उसका विवाह हो पाएगा या नहीं ।इसलिए वो रो रही थी । प्रतीक ने उसे बड़ी मुश्किल से चुप करवाया और कहा हिम्मत रखे मैडम ।अब मैं अपने घर जा रहा हूं ।आप अपनी मां को कल मेरे घर भेज देना और अपने पापा का ख्याल रखना ।उसने उसके मम्मी पापा का आशीर्वाद लिया और आकर कार में बैठ गया ।चाबी से उसे स्टार्ट किया और अपने घर की ओर निकल पड़ा।उसका दिमाग बड़ी उधेड़ बुन में लगा हुआ था ।आखिर वो अपनी मां को कैसे मनायेगा। शाम को प्रिया के पिता और उसके चाचा शादी की कुछ खरीदारी करने के लिए अपनी गाड़ी से बाजार जा रहे थे।तभी उनकी नजर एक बाइक पर पड़ी ।पीछे प्रिया बैठी हुई थी और बाइक विवेक चला रहा था । प्रिया उसकेे कमर में हाथ डालकर चिपक कर बैठी हुई थी।यह दृश्य देखकर उसके पिता के होश उड़ गए ।यह तो मेरी बेटी प्रिया है और ये लड़का एक नंबर का आवारा बदमाश ,जुआरी और शराबी है।ये कई बार कॉलेज में फैल हो चुका है।ये कोई काम धंधा नहीं करता है।कई बार हवालात भी जा चुका है।ऐसे बिगड़े लड़के के साथ मेरी बेटी घूम रही है।कोई जान जायेगा तो मेरी इज्जत का जनाजा निकल जायेगा ।उन्होंने अपने छोटे भाई से कहा । भइया ये तो बड़े शर्म की बात है।अभी प्रिया की शादी होने वाली है एक सरकारी ऑफिसर के साथ ।वे लोग बड़े सम्मानित लोग हैं और ये बदमाश हमारी बच्ची को गुमराह कर अपने साथ घूमा रहा है। उनके छोटे भाई ने कहा । चलो दोनों का पीछा करते हैं देखते हैं दोनों कहा जाते हैं और क्या करते हैं।इतना कहकर प्रिया के पिता ने अपनी गाड़ी उसके पीछे लगा दिया और उस बाइक का पीछा करने लगे ।थोड़ी देर में बाइक एक पार्क की तरफ मूड गई। विवेक ने बाइक को स्टैंड में खड़ा किया और प्रिया की कमर में हाथ डालकर पार्क के भीतर चला गया । प्रिया के पिता ने अपनी कार बाहर खड़ा किया और अपने छोटे भाई को लेकर लपकते हुए पार्क में चले गए। अंदर जाकर दोनों प्रिया और विवेक को ढूंढने लगे ।तभी उनकी नजर प्रिया पर पड़ी। प्रिया बैठी हुई थी और विवेक उसके गोद में सिर रखकर सोया हुआ था ।ऐसा दृश्य देखकर दोनों भाइयों का गुस्सा सातवें आसामान पर चला गया । प्रिया के पिता ने कहा तुम उस लड़के को पकड़कर झाड़ियों में ले जाकर जमकर कुटाई करो और मैं अपनी बेटी की खबर लेता हूं । नहीं भैया गुस्से में ऐसा मत कीजिए ।इससे हो हंगामा होगा और सबको पता चल जायेगा और हमारी इज्जत चली जाएगी ।शहर के सभी लोग आपको जानते हैं।इसलिए समझदारी से काम लीजिए।गुस्सा तो मुझे भी बहुत आ रहा है लेकिन सोच समझकर कदम उठाना होगा ।मैं अपनी बेटी को फोन कर बोलता हूं कि वो प्रिया को फोन करे और कहे कि उसकी मां की तबीयत खराब हो गई है जल्दी घर आओ ।प्रिया जैसे ही पार्क के बाहर आएगी हम दोनों धीरे से उसे अपनी गाड़ी ने बैठाकर निकल जायेंगे।उस आवारा लड़के की बाद में देख लेंगे ।पहले अपनी बेटी को यहां से निकालना है ।पता नहीं वो क्या देखकर इस आवारा लड़के के प्रेम जाल ने फंस गई है। प्रिया के चाचा ने उसके पिता को समझाते हुए कहा । प्रिया के चबाने अपनी बेटी को फोन कर सब समझते हुए प्रिया को अपनी मां की बीमारी का बहाना बनाकर घर आने कहने बोला । थोड़ी देर में प्रिया का मोबाइल बजने लगा । प्रिया ने फोन उठाया और उसे सुनते ही उठ खड़ी हुई ।विवेक उसे पूछता रहा क्या हुआ लेकिन वो भागती हुई पार्क के बाहर आ गई। जहां उसके पिता और चाचा उसका इंतज़ार कर रहे थे । शेष अगले भाग_ 25 में लेखक _ श्याम कुंवर भारती बोकारो,झारखंड मॉब.9955509286 #📚कविता-कहानी संग्रह #black Lover (✷‿✷)^_________^अल्फाज युवा कवि Kunal Singh #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #✍प्रेमचंद की कहानियां
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