sn vyas
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3 months ago
#चाणक्य हम सबके गुरू आचार्य चाणक्य जी कहते है कि अपचन में उपवास करके केवल पानी (उबालकर ठंडा किया हुआ जल) का सेवन दवा का काम करता है, भोजन के पच जाने पर सेवन किया जल बलदायक है। भोजन के बीच में थोड़ा - थोड़ा पानी पीना भोजन के प्रति रुचि बढ़ाते हुए अमृत के समान लाभकारी (भोजन भली भांति पच जाता है) है। भोजन के तुरन्त बाद जल का सेवन विष के समान हानिकारक है।