🌷..chauhan..💐🌺

-Manoj Chauhan
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1 months ago
!!प्यार मोहब्बत का सिला कुछ भी नही!! एक दर्द के सिवा मिला कुछ भी नही, सारे अरमान जल कर खाक हो गए, किसी की वेवफाई हमे मार गए, लोग फिर भी कहते हैं जला कुछ भी नही!! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
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1 months ago
! हम हुए जो उदास! उन्होंने हमे आजमाकर देख लिया, एक धोखा हमने भी खाकर देख लिया … क्या हुआ हम हुए जो उदास, उन्होंने तो अपना दिल बेहलाके देख लिया !! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
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1 months ago
! इंतजार होता हैं ! हर किसी का कयामत को इतंजार होता हैं , यहाँ हर कोई वक्त का शिकार होता हैं ! क्या पंछी क्या पर्वत क्या हवा ओ खुशबू , जो दिल में बस जाए वही प्यार होता हैं ! मैं नाहक डरता हूँ चेहरे के दागों से शायद , तुम हर हाल में चाहोगे ऐतबार होता हैं ! बडे. दुशवार होते हैं मोहब्बत के रास्ते भी , जिसे दरवाजा होना चाहिए वही दीवार होता हैं ! झुक कर सलाम करों मोहब्बत के मारों को , उनका दिल यारो मोहब्बत का मजार होता हैं !! लेखक:-मनोज चौहान ,🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
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1 months ago
"रोने दे जी भर के" आज फिर मुझे जी भर के रोने नदिया तेरी तन्हाइयों ने अकेला मुझे होने न दिया मेरी हस्ती भी नही थी तुझे भुलाने की तेरी यादों के सफर ने मुझे रोने न दिया, लोग कहते हैं मैं भूल जाऊं तुम्हें तेरी यादों ने तन्हा होने न दिया कितनी हसरत से बनाया था मैंने गुलिस्ता उन फूलों की खुशबू ने मुझे सोने न दिया, इश्क के चर्चे तेरे महफिलों में होते रहे उसकी आवाज में मुझे रोने न दिया किसको सुनाए अपनी दिल कि हाल, कभी उसने हमे अपना होने न दिया!! लेखक:मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
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1 months ago
!प्रेम में मिला विष का प्याला! आंखो में कभी शराब देखें, लबों पर कभी मधुशाला, दिल का कभी ना पीर देखे , दे गए विष का हमे विष का प्याला!! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
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1 months ago
!जीवन को महकाया तूने! जीवन को मेरे तूने महकाया है ऐसे, खुशबू से गुलिस्तां महकता हो जैसे। हर जन्म रहे साथ बस तेरा, सागर में पानी रहता हो जैसे। बांहों में भर कर आगोश में ले लो, सीप में मोती रमता हो जैसे। छुपा लो दिन के किसी कोने में, आँखों में कोई ख्वाब बसता हो जैसे। तेरी जुदाई का असर ये हो चला अब, पर कटा पंछी तड़पता हो जैसे। कवि ‘राज़’ भी है नादान कितना, दूर होकर भी कोई यूँ मिटाना है ऐसे ? लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
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3 months ago
!!इजहार मोहब्बत!! मैं चाँद-सितारे तो ला न सकूँगा, पर तुमसे ज़्यादा किसी को चाह न सकूँगा, कोई मिल जाए कितना ही खूबसूरत, मैं तुम्हें छोड़कर कभी जा न सकूँगा!! मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
-Manoj Chauhan
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3 months ago
!!बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनायें!! ज्ञान की ज्योति जलती रहे,हर मुश्किल सरल बनती रहे।मां सरस्वती का साथ मिले,जीवन में तरक्की होती रहे!! मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺