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#प्रातःकालीन प्रणाम
प्रातःकालीन प्रणाम - प्रातःकालीन प्रणाम बोले गए शब्द, बीता हुआ वक़्त और टूटा हुआ भरोसा कभी लौटकर नहीं आते। हमारे दुःख की जड़ अक्सर लोग नहीं होते बल्कि उनसे जुड़ी हमारी अपेक्षाएँ होती हैं। जिस दिन हम बिना शर्त देना सीख लेते हैं, उस दिन लौटकर कुछ न मिले तो भी कोई पीड़ा नहीं रहती। आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो प्रातःकालीन प्रणाम बोले गए शब्द, बीता हुआ वक़्त और टूटा हुआ भरोसा कभी लौटकर नहीं आते। हमारे दुःख की जड़ अक्सर लोग नहीं होते बल्कि उनसे जुड़ी हमारी अपेक्षाएँ होती हैं। जिस दिन हम बिना शर्त देना सीख लेते हैं, उस दिन लौटकर कुछ न मिले तो भी कोई पीड़ा नहीं रहती। आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो - ShareChat