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Aanjali Surve - Author on ShareChat
Aanjali Surve
540 views • 5 months ago
#astro #जोतिष शास्त्र #Astrology Solutions #🕵ASTRO TIPS
सभी १२ भावों में बृहस्पति ग्रह का महत्व 3IIoqi ఖTq आठवां भाव में बृहस्पति व्यक्ति को गूढ़ विषयों में रुचि देता है। ज्योतिष, शोध और आध्यात्मिक ज्ञान हो सकती है। में प्रगति होती है तथा आयु लंबी नौवां भाव नौवां भाव में बृहस्पति अत्यंत शुभ फल देता है। व्यक्ति भाग्यशाली , धार्मिक और गुरु कृपा से युक्त होता है। जीवन में बड़े अवसर सहज रूप से मिलते 81 दसवां भाव बृहस्पति उच्च पद, सम्मान और प्रतिष्ठा दशम भाव में देता है। व्यक्ति ईमानदार, जिम्मेदार और समाज में সপ্ানথাালী কীনা ট1 सभी १२ भावों में बृहस्पति ग्रह का महत्व 3IIoqi ఖTq आठवां भाव में बृहस्पति व्यक्ति को गूढ़ विषयों में रुचि देता है। ज्योतिष, शोध और आध्यात्मिक ज्ञान हो सकती है। में प्रगति होती है तथा आयु लंबी नौवां भाव नौवां भाव में बृहस्पति अत्यंत शुभ फल देता है। व्यक्ति भाग्यशाली , धार्मिक और गुरु कृपा से युक्त होता है। जीवन में बड़े अवसर सहज रूप से मिलते 81 दसवां भाव बृहस्पति उच्च पद, सम्मान और प्रतिष्ठा दशम भाव में देता है। व्यक्ति ईमानदार, जिम्मेदार और समाज में সপ্ানথাালী কীনা ট1
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    Aanjali Surve
    #astro #🕵ASTRO TIPS
    मंगल ग्रह का अलग-्अलग भावों पर प्रभाव সথস সাণ जिन जातकों के लग्न भाव में मंगल ग्रह विराजमान होते हैं, उन्हें अपने जीवन में पारिवारिक समस्याओं है क्योंकि मंगल की का सामना करना पड़ सकता प्रबल ऊर्जा व्यक्ति को आक्रामक और चिड़चिड़ा बनाने का काम करती है। चौथा भाव ऐसे जातक जिनकी कुंडली के चौथे भाव पर मंगल ग्रह का प्रभाव होता है, उन्हें अपने जीवन में पर्याप्त मात्रा में धन-्धान्य की प्राप्ति होती है। साथ ही, समाज में लोकप्रियता और मान-सम्मान भी मिलता है। सातवां भावः यदि मंगल देव आपके सातवें भाव में उपस्थित होते हैं, तो जातकों को रिश्तों में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति में व्यक्ति अपने अतीत से बाहर नहीं निकल पाता है या फिर उसे जीवनसाथी की तलाश में कठिनाइयों से दो-चार होना पडता है। दसवां भाव कुंडली के दसवें भाव में मंगल महाराज के बैठे होने से जातक अपने कार्य के प्रति अत्यधिक समर्पित और जुनूनी हो सकता है। साथ ही , यह स्थिति सेना , राजनीति और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में भी सफलता दिलाने में सहायक होती है। मंगल ग्रह का अलग-्अलग भावों पर प्रभाव সথস সাণ जिन जातकों के लग्न भाव में मंगल ग्रह विराजमान होते हैं, उन्हें अपने जीवन में पारिवारिक समस्याओं है क्योंकि मंगल की का सामना करना पड़ सकता प्रबल ऊर्जा व्यक्ति को आक्रामक और चिड़चिड़ा बनाने का काम करती है। चौथा भाव ऐसे जातक जिनकी कुंडली के चौथे भाव पर मंगल ग्रह का प्रभाव होता है, उन्हें अपने जीवन में पर्याप्त मात्रा में धन-्धान्य की प्राप्ति होती है। साथ ही, समाज में लोकप्रियता और मान-सम्मान भी मिलता है। सातवां भावः यदि मंगल देव आपके सातवें भाव में उपस्थित होते हैं, तो जातकों को रिश्तों में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति में व्यक्ति अपने अतीत से बाहर नहीं निकल पाता है या फिर उसे जीवनसाथी की तलाश में कठिनाइयों से दो-चार होना पडता है। दसवां भाव कुंडली के दसवें भाव में मंगल महाराज के बैठे होने से जातक अपने कार्य के प्रति अत्यधिक समर्पित और जुनूनी हो सकता है। साथ ही , यह स्थिति सेना , राजनीति और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में भी सफलता दिलाने में सहायक होती है।
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    Aanjali Surve
    #astro #🕵ASTRO TIPS #जोतिष शास्त्र #Astrology Solutions
    १२ भावों में शुक्र ग्रह का महत्व Iq छठ शुक्र रिश्तों में थोड़ी परेशानियां आ सकती हैं। से सावधानी रखनी पडती है। स्वास्थ्य और शत्रुओं ` सातवां भाव fag' शुक्र विवाह और पार्टनरशिप के बहुत शुभ माना जाता है। जीवनसाथी आकर्षक और सहयोगी होता 81 आठवां भाव इस भाव में शुक्र गुप्त सुख, अचानक धन लाभ और गहरे भावनात्मक संबंध देता है, लेकिन उतार चढ़ाव भी ला सकता है। १२ भावों में शुक्र ग्रह का महत्व Iq छठ शुक्र रिश्तों में थोड़ी परेशानियां आ सकती हैं। से सावधानी रखनी पडती है। स्वास्थ्य और शत्रुओं ` सातवां भाव fag' शुक्र विवाह और पार्टनरशिप के बहुत शुभ माना जाता है। जीवनसाथी आकर्षक और सहयोगी होता 81 आठवां भाव इस भाव में शुक्र गुप्त सुख, अचानक धन लाभ और गहरे भावनात्मक संबंध देता है, लेकिन उतार चढ़ाव भी ला सकता है।
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  • balkrusna joshi - Author on ShareChat
    balkrusna joshi
    #माझी पहिली पोस्ट ✌ #astro #astro tips #🕵ASTRO TIPS #Astro 아스트로
    ೬ೇ ` ज्योतिषी अनुभवी  महाराष्ट्राचे जाशी गुरुजी अक्कलकोट वर्षांपासून आपल्या सेवेत आहेत 31 प्रयत्नांती परमेश्वर , प्रयत्ने कार्य करी सत्वर! तूसेच इतर सूमस्याही जूसे 6 विवाद पैसा न टिकणे , शिक्षणात बाधा, [alಕ' সম ur-urೆಗಟ aಷ कुटुंबातील समस्या, घरात अशांतता , नोकरी धंद्यात अडचण , कोर्ट कचेरी, विदेश यात्रा, अशा अनेक समस्यांचे निवारण व मार्गदर्शन मिळेल. कुंडलिक जाणून घेण्यासाठी एक फोन अवश्य करावा. माता बहिणींचे स्वागत आहे एक फोन आपले भाग्य बदलू शकतो হনামী समर्थ ऑनलाईन afeunt- 151| मार्गदर्शन उपलब्ध गुरुजी Follow us on For Payment
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  • Aanjali Surve - Author on ShareChat
    Aanjali Surve
    #astro #Astrology Solutions #🕵ASTRO TIPS #जोतिष शास्त्र
    १२ भावों में सूर्य ग्रह का महत्व आठवां भाव आयु, रहस्य और अचानक घटनाओं का भाव है। यहाँ सूर्य जीवन में उतार ्चढ़ाव ला सकता है। रिसर्च, ज्योतिष या गूढ़ विद्या में रुचि बढ सकती है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। नौवां भाव नौवे भाव में भाग्य, धर्म और गुरु का भाव है। व्यक्ति धार्मिक, सिद्धांतवादी और भाग्यशाली होता है। पिता से सहयोग मिलता है और जीवन में सम्मान बढ़ता है। दसवां भाव कर्म और करियर का सबसे महत्वपूर्ण भाव है। यहां सूर्य बहुत शुभ माना जाता है। प्रशासन , राजनीति, सरकारी सेवा या उच्च पद मिलने के प्रबल योग बनते हैं। समाज में मानप्रतिष्ठा मिलती है। ग्यारहवां भाव लाभ और आय का भाव है। व्यक्ति को उच्च पद वाले मित्र मिलते हैं और आय के अच्छे स्रोत बनते हैं। इच्छाओं की पूर्ति के योग रहते हैं। बारहवां भाव बारहवें भाव में खर्च, विदेश और आध्यात्म का भाव है। यहां सूर्य विदेश से लाभ दे सकता है या व्यक्ति को अध्यात्म की ओर झुका सकता है। खर्च अधिक हो सकता है और आंखों या नींद से संबंधित समस्या संभव है। १२ भावों में सूर्य ग्रह का महत्व आठवां भाव आयु, रहस्य और अचानक घटनाओं का भाव है। यहाँ सूर्य जीवन में उतार ्चढ़ाव ला सकता है। रिसर्च, ज्योतिष या गूढ़ विद्या में रुचि बढ सकती है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। नौवां भाव नौवे भाव में भाग्य, धर्म और गुरु का भाव है। व्यक्ति धार्मिक, सिद्धांतवादी और भाग्यशाली होता है। पिता से सहयोग मिलता है और जीवन में सम्मान बढ़ता है। दसवां भाव कर्म और करियर का सबसे महत्वपूर्ण भाव है। यहां सूर्य बहुत शुभ माना जाता है। प्रशासन , राजनीति, सरकारी सेवा या उच्च पद मिलने के प्रबल योग बनते हैं। समाज में मानप्रतिष्ठा मिलती है। ग्यारहवां भाव लाभ और आय का भाव है। व्यक्ति को उच्च पद वाले मित्र मिलते हैं और आय के अच्छे स्रोत बनते हैं। इच्छाओं की पूर्ति के योग रहते हैं। बारहवां भाव बारहवें भाव में खर्च, विदेश और आध्यात्म का भाव है। यहां सूर्य विदेश से लाभ दे सकता है या व्यक्ति को अध्यात्म की ओर झुका सकता है। खर्च अधिक हो सकता है और आंखों या नींद से संबंधित समस्या संभव है।
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  • Aanjali Surve - Author on ShareChat
    Aanjali Surve
    #astro #जोतिष शास्त्र #🕵ASTRO TIPS #Astrology Solutions
    सीता नवमीः वैशाख मास স থুনল ' पक्ष की नवमी तिथि को सीता माता का जन्म हुआ था। उनके जन्म दिवस को सीता नवमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विवाहित स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत रखती हैं। मोहिनी एकादशीः वैशाख माह २०२६ স থুবল  पक्ष को आने वाली एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस एकादशी पर व्रत रखने से क्लेश समाप्त होते हैं और मनुष्य मोह के बंधन से मुक्त हो जाता है। नृसिंह जयंतीः माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यपु का वध करने के लिए नृसिंह अवतार लिया था। इस्कॉन और वैष्णव संप्रदाय के लोग इस तिथि को श्री नृसिंह चतुर्दशी के रूप में मनाते हैं। बुद्ध पूर्णिमाः मान्यता है कि भगवान बुद्ध विष्णु जी के नौवें अवतार थे। उन्होंने मनुष्यों को सत्य, अहिंसा, करुणा , दया एवं परम शांति का मार्ग दिखाया था। कूर्म जयंतीः इस दिन भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार लिया था। विष्णु जी के दस अवतारों में से द्वितीय अवतार को कूर्म अवतार के रूप में जाना जाता है। सीता नवमीः वैशाख मास স থুনল ' पक्ष की नवमी तिथि को सीता माता का जन्म हुआ था। उनके जन्म दिवस को सीता नवमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विवाहित स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत रखती हैं। मोहिनी एकादशीः वैशाख माह २०२६ স থুবল  पक्ष को आने वाली एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस एकादशी पर व्रत रखने से क्लेश समाप्त होते हैं और मनुष्य मोह के बंधन से मुक्त हो जाता है। नृसिंह जयंतीः माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यपु का वध करने के लिए नृसिंह अवतार लिया था। इस्कॉन और वैष्णव संप्रदाय के लोग इस तिथि को श्री नृसिंह चतुर्दशी के रूप में मनाते हैं। बुद्ध पूर्णिमाः मान्यता है कि भगवान बुद्ध विष्णु जी के नौवें अवतार थे। उन्होंने मनुष्यों को सत्य, अहिंसा, करुणा , दया एवं परम शांति का मार्ग दिखाया था। कूर्म जयंतीः इस दिन भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार लिया था। विष्णु जी के दस अवतारों में से द्वितीय अवतार को कूर्म अवतार के रूप में जाना जाता है।
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  • Aanjali Surve - Author on ShareChat
    Aanjali Surve
    #astro #जोतिष शास्त्र #Astrology Solutions #🕵ASTRO TIPS
    सभी १२ भावों में बृहस्पति ग्रह का महत्व तीसरा भाव व्यक्ति को बौद्धिक तीसरे भाव में स्थित बृहस्पति ' साहस देता है, लेकिन शारीरिक पराक्रम औसत रहता है। लेखन, शिक्षा और परामर्श जैसे कार्यों में सफलता मिलती है। चौथा भाव सुख, शांति और शिक्षा प्रदान चौथा भाव बृहस्पति करता है। माता से अच्छा संबंध, संपत्ति और वाहन सुख मिलता है तथा व्यक्ति मानसिक रूप से संतुलित रहता है। सभी १२ भावों में बृहस्पति ग्रह का महत्व तीसरा भाव व्यक्ति को बौद्धिक तीसरे भाव में स्थित बृहस्पति ' साहस देता है, लेकिन शारीरिक पराक्रम औसत रहता है। लेखन, शिक्षा और परामर्श जैसे कार्यों में सफलता मिलती है। चौथा भाव सुख, शांति और शिक्षा प्रदान चौथा भाव बृहस्पति करता है। माता से अच्छा संबंध, संपत्ति और वाहन सुख मिलता है तथा व्यक्ति मानसिक रूप से संतुलित रहता है।
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  • Aanjali Surve - Author on ShareChat
    Aanjali Surve
    #astro #जोतिष शास्त्र #Astrology Solutions #🕵ASTRO TIPS #stock market astrology
    ೫ಶ್೯; যহি ম মাী (11 মার্ব 2026): সান T के ग्रह  और विकास गुरु महाराज १ १ मार्च २०२६ की सुबह ०६ बजकर १७ मिनट पर मिथुन राशि में मार्गी होने जा रहे हैं जिसका असर देश दुनिया पर दिखाई दे सकता है। ೫ಶ್೯; যহি ম মাী (11 মার্ব 2026): সান T के ग्रह  और विकास गुरु महाराज १ १ मार्च २०२६ की सुबह ०६ बजकर १७ मिनट पर मिथुन राशि में मार्गी होने जा रहे हैं जिसका असर देश दुनिया पर दिखाई दे सकता है।
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  • Aanjali Surve - Author on ShareChat
    Aanjali Surve
    #astro #Astrology Solutions #🕵ASTRO TIPS #जोतिष शास्त्र
    मई २०२६त्योहार शुक्रवार वैशाख पूर्णिमा व्रत 1 चतुर्थी ५ मंगलवार संकष्टी १३ बुधवार अपरा एकादशी १४ गुरुवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 5 शुक्रवार मासिक शिवरात्रि, वृष संक्रां १६ शनिवारज्येष्ठ अमावस्या २७ बुधवार पद्मिनी एकादशी २८ गुरुवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) ३१ रविवार पूर्णिमा व्रत मई २०२६त्योहार शुक्रवार वैशाख पूर्णिमा व्रत 1 चतुर्थी ५ मंगलवार संकष्टी १३ बुधवार अपरा एकादशी १४ गुरुवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 5 शुक्रवार मासिक शिवरात्रि, वृष संक्रां १६ शनिवारज्येष्ठ अमावस्या २७ बुधवार पद्मिनी एकादशी २८ गुरुवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) ३१ रविवार पूर्णिमा व्रत
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  • कृपासिंधू जोतिष - Author on ShareChat
    कृपासिंधू जोतिष
    🌸श्री स्वामी समर्थ🌸. . . .#astro#astro tips
    श्री स्वामी समर्थ.
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