sn vyas
4K views • 6 hours ago
#रामायण #रामायण ज्ञान #रामायण कथा #रामायण चौपाई
रावण अपना भविष्य क्यों नहीं देख पाया?”
〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️
रावण इतना बड़ा विद्वान, तांत्रिक, ज्योतिषाचार्य और वेदों का ज्ञाता था, तो वह अपना भविष्य क्यों नहीं देख पाया?”
यह प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, क्योंकि आपको यह जानकर हैरानी होगी कि लंकापति रावण ने कई पुस्तकों का भी रचना की है. रावण ने शिव तांडव स्रोत के अलावा अंक प्रकाश, इंद्रजाल, कुमारतंत्र, प्राकृत कामधेनु, प्राकृत लंकेश्वर, ऋग्वेद भाष्य, रावणीयम, नाड़ी परीक्षा आदि पुस्तकों की रचना की थी, फिर भी ऐसा मृत्यु ।
किंतु इसका उत्तर केवल ज्योतिष नहीं, बल्कि धर्म, दर्शन और मनोविज्ञान— तीनों के आधार पर समझना चाहिए।
पहला तर्क 👉 ज्योतिष संभावनाएँ बताता है, भाग्य को समाप्त नहीं करता। ज्योतिष यह संकेत दे सकता है कि जीवन में संकट, युद्ध, मृत्यु या हानि का समय आने वाला है, लेकिन वह उस कर्मफल को समाप्त नहीं करता जो पहले से संचित है। यदि ऐसा होता, तो संसार का कोई भी ज्योतिषी कभी कष्ट नहीं भोगता।
दूसरा तर्क 👉 अपने विषय में निर्णय लेना सबसे कठिन होता है। शास्त्रों में कहा गया है कि मोह, अहंकार और आसक्ति मनुष्य की विवेकशक्ति को ढक देते हैं। रावण अत्यंत विद्वान था, लेकिन सीता-हरण के बाद उसका अहंकार इतना प्रबल हो गया कि उसने विभीषण, मंदोदरी, माल्यवान और अनेक विद्वानों की सलाह भी अस्वीकार कर दी।
तीसरा तर्क 👉 भविष्य जानना और उसे स्वीकार करना, दोनों अलग बातें हैं। संभव है रावण को अपने विनाश के संकेत ज्ञात रहे हों, परंतु उसने उन्हें स्वीकार नहीं किया। इतिहास में अनेक राजा, वैज्ञानिक और विद्वान भी जोखिम जानते हुए उसी मार्ग पर चलते रहे हैं।
चौथा तर्क 👉 ईश्वर की इच्छा और कर्मफल सर्वोपरि हैं। सनातन दर्शन के अनुसार जब अधर्म अपनी सीमा पार कर देता है, तब उसका अंत निश्चित होता है। रावण का वध केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि अधर्म के अंत और धर्म की स्थापना का माध्यम था। उस नियति को कोई भी विद्या बदल नहीं सकती थी।
पाँचवाँ तर्क 👉 विद्या और चरित्र अलग-अलग विषय हैं। रावण के पास असाधारण ज्ञान था, परंतु ज्ञान के साथ विनम्रता और संयम नहीं रहा। इसलिए उसका ज्ञान उसे बचा नहीं सका। शास्त्रों में ज्ञान का उद्देश्य अहंकार बढ़ाना नहीं, बल्कि विवेक जागृत करना बताया गया है।
जय सिया राम
〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️
51 likes
52 shares