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MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
MEKHRAM SAHU
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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
।। सत्यनाम ।l प्रकाशमुनिनाम साहेब पंथश्री गृन्धमुनिनाम साहब पंथ श्री हुजूर  ম[টং कास 16 41 ग़ुरु पूर्णिमा धनी थर्मदासजी साहेब की हार्दिक शुभकामनाएं गुरू के चरणों में ही जीवन का सच्चा मार्ग है, गुरू कृपा से ही मिलती है हर राह में सफलता। पंथ श्री हुजूर उदितमुनिनाम साहेब सप्रेम साहेब बंदगी साहेब ।। सत्यनाम ।l प्रकाशमुनिनाम साहेब पंथश्री गृन्धमुनिनाम साहब पंथ श्री हुजूर  ম[টং कास 16 41 ग़ुरु पूर्णिमा धनी थर्मदासजी साहेब की हार्दिक शुभकामनाएं गुरू के चरणों में ही जीवन का सच्चा मार्ग है, गुरू कृपा से ही मिलती है हर राह में सफलता। पंथ श्री हुजूर उदितमुनिनाम साहेब सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    चार प्रकार की लIछ voice of saints 02 01 लोक लाज वेद लाज लोग क्या कहैंगे , समाज নন-থাসসে; কদকাs সীং इस डर से क्या सोचेगा पांडित्य के अहंकार से बंधी हुई जो लाज हो, जो रूकावट बने, वही है वही है वेद लाज। लोक लाज| 03 04 देव लाज इंद्री लाज কী পুতা, देवताओं इंद्रियों के सुख, वासनाओं उनके और मन की इच्छाओं से भय या प्रसनता की चाह में जो बंधन बन जाए, जो लाज उपजे , वही है वही है देव लाज। इंद्री लाज। जब चहु लाज लांघी जीव जावै। बड़भागी कोई प्रभु पद पावै।। कबीर साहेब चार प्रकार की लIछ voice of saints 02 01 लोक लाज वेद लाज लोग क्या कहैंगे , समाज নন-থাসসে; কদকাs সীং इस डर से क्या सोचेगा पांडित्य के अहंकार से बंधी हुई जो लाज हो, जो रूकावट बने, वही है वही है वेद लाज। लोक लाज| 03 04 देव लाज इंद्री लाज কী পুতা, देवताओं इंद्रियों के सुख, वासनाओं उनके और मन की इच्छाओं से भय या प्रसनता की चाह में जो बंधन बन जाए, जो लाज उपजे , वही है वही है देव लाज। इंद्री लाज। जब चहु लाज लांघी जीव जावै। बड़भागी कोई प्रभु पद पावै।। कबीर साहेब
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    पानी की नन्ही सी बूंद सागर में मिलकर सागर ही बन जाती है। सागर उसे अपना स्वरूप प्रदान कर देता है। पूर्णतः अपने प्रभु को, अपने आराध्य के चरणों में समर्पित हा जाएँ तो देखो ~ हम अगर प्रभु को समर्पित होते हैं हम साहेब के चरणों में समा जाते हैं तो साहेब भी हमें अपना स्वरूप प्रदान कर देते हैं। जाता कुछ नहीं है। 9ভ্নুভ' ~पंथ प्रकाशमुन नाम साहब KABIR DHARMDAS VANSHAVALI kabirdharmdasvanshavali.org पानी की नन्ही सी बूंद सागर में मिलकर सागर ही बन जाती है। सागर उसे अपना स्वरूप प्रदान कर देता है। पूर्णतः अपने प्रभु को, अपने आराध्य के चरणों में समर्पित हा जाएँ तो देखो ~ हम अगर प्रभु को समर्पित होते हैं हम साहेब के चरणों में समा जाते हैं तो साहेब भी हमें अपना स्वरूप प्रदान कर देते हैं। जाता कुछ नहीं है। 9ভ্নুভ' ~पंथ प्रकाशमुन नाम साहब KABIR DHARMDAS VANSHAVALI kabirdharmdasvanshavali.org
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    सतगुरू कबीर साहब जन्म पर बांटी मिठाई , मृत्यु पर बनी खीर | दोनों ही ना खा पांवे , বট্ট হাস ম্ী য ক্কীয Il सतगुरू कबीर साहब মটহা: 4 जीवन क्षणभंगुर है, इसलिए घमंड नहीं , सत्य , भत्तित और सदाचार ही साथ जाते हैं। सतगुरू कबीर साहब जन्म पर बांटी मिठाई , मृत्यु पर बनी खीर | दोनों ही ना खा पांवे , বট্ট হাস ম্ী য ক্কীয Il सतगुरू कबीर साहब মটহা: 4 जीवन क्षणभंगुर है, इसलिए घमंड नहीं , सत्य , भत्तित और सदाचार ही साथ जाते हैं।
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    सत्यनाम पंथ श्री हुजूर उदितमुनि नाम साहब आगामी चौका आरती कार्यक्रम [ নিনাক : 13 সুলাই 2026 कबीर आश्रम, रंगबाड़ी बूंदी ( राजस्थान ) १६ जुलाई २०२६ दिनांक सदगुरु कबीर आश्रम ( चुका माता आश्रम ), मेड़ता रोड, नागौर ( राजस्थान) दिनांक : २० जुलाई २०२६ सदगुरु कबीर आश्रम, पीह, नागौर ( राजस्थान ) 24 ಶm೯ 2026 दिनांक सदगुरु कबीर आश्रम, सदगुरु कबीर नगर, लोहागल, अजमेर ( राजस्थान ) सप्रेम साहेब बंदगी साहेब ।l KABIR DHARMDAS VANSHAVALI kabirdharmdasvanshavali.org सत्यनाम पंथ श्री हुजूर उदितमुनि नाम साहब आगामी चौका आरती कार्यक्रम [ নিনাক : 13 সুলাই 2026 कबीर आश्रम, रंगबाड़ी बूंदी ( राजस्थान ) १६ जुलाई २०२६ दिनांक सदगुरु कबीर आश्रम ( चुका माता आश्रम ), मेड़ता रोड, नागौर ( राजस्थान) दिनांक : २० जुलाई २०२६ सदगुरु कबीर आश्रम, पीह, नागौर ( राजस्थान ) 24 ಶm೯ 2026 दिनांक सदगुरु कबीर आश्रम, सदगुरु कबीर नगर, लोहागल, अजमेर ( राजस्थान ) सप्रेम साहेब बंदगी साहेब ।l KABIR DHARMDAS VANSHAVALI kabirdharmdasvanshavali.org
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    66 निंदक नियरे राखिए, 3ಫ ক্রুমী छवाय बिन पानी , साबुन बिन, निर्मल करे सुभाय।। 66 0 भावार्थ निंदक (आलोचक ) को अपने पास रखो, उसे अपने घर के आंगन में कूटी ( झोपड़ी ) बना कर रहने दो। वह बिना पानी और बिना साबुन के ही तुम्हारे स्वभाव को निर्मल (शुद्ध ) कर देता है। कबीर भजन ज्ञान कबीर वाणी , भजन और आध्यात्मिक ज्ञान का संगम 66 निंदक नियरे राखिए, 3ಫ ক্রুমী छवाय बिन पानी , साबुन बिन, निर्मल करे सुभाय।। 66 0 भावार्थ निंदक (आलोचक ) को अपने पास रखो, उसे अपने घर के आंगन में कूटी ( झोपड़ी ) बना कर रहने दो। वह बिना पानी और बिना साबुन के ही तुम्हारे स्वभाव को निर्मल (शुद्ध ) कर देता है। कबीर भजन ज्ञान कबीर वाणी , भजन और आध्यात्मिक ज्ञान का संगम
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    नींबू मिर्ची टाँगकर, / समझे टल गया काल। कर्म सुधारे जो मनुज , उसका जोवन खुशहाल।| "अंधविश्वास नहीं, अच्छे कर्म जीवन बदलते हैं। " FOLLOW GOD VLOGS आध्यात्मिक विचार प्रेम - भक्ति - ज्ञान नींबू मिर्ची टाँगकर, / समझे टल गया काल। कर्म सुधारे जो मनुज , उसका जोवन खुशहाल।| "अंधविश्वास नहीं, अच्छे कर्म जीवन बदलते हैं। " FOLLOW GOD VLOGS आध्यात्मिक विचार प्रेम - भक्ति - ज्ञान
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    जिनके मन विश्वास है, सदा गुरू हैं संग | कोटि काल झकझोरिए, तऊ न हो चित भंग Il 3মল নিংনাম अट्रट शांति মাট্ন कबीर श्री सतगुरू गुरू कृपा जीवन में সকাথ भावार्थ जिस साधक का विश्वास अपने सतगुरू पर अटल होता है, उसे समय की लाखों परीक्षाएँ भी विचलित नहीं कर सकतीं | कठिन परिरिवितियॉॅ, दुःख, संकट और विपत्तियों चाहे कितनी भी क्यों न आएँ, उसका चित गुरू चरणों में स्थिर रहता है। ऐसा विश्वास ही उसे भवसागर से पार लगाता है। अटूट विश्वास ही साधना की सबसे बडी शक्ति है। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब...  जिनके मन विश्वास है, सदा गुरू हैं संग | कोटि काल झकझोरिए, तऊ न हो चित भंग Il 3মল নিংনাম अट्रट शांति মাট্ন कबीर श्री सतगुरू गुरू कृपा जीवन में সকাথ भावार्थ जिस साधक का विश्वास अपने सतगुरू पर अटल होता है, उसे समय की लाखों परीक्षाएँ भी विचलित नहीं कर सकतीं | कठिन परिरिवितियॉॅ, दुःख, संकट और विपत्तियों चाहे कितनी भी क्यों न आएँ, उसका चित गुरू चरणों में स्थिर रहता है। ऐसा विश्वास ही उसे भवसागर से पार लगाता है। अटूट विश्वास ही साधना की सबसे बडी शक्ति है। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब...
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    कबीर साहिब के रहेस्यमयी प्रश्न कहां ढूँढ़े रे बन्दे तू॰ मैं तो तेरे पास मे? मंदिर, मस्जिद, तीर्थ में खोजे , क्या पाया हतिहास में? जो खोजे दिल के अंदर झाँके , वो मिले उसी प्रकाश में। फेरत जुग माला भया, মিমা ন মন কা ক? हाथ की माला तो फेर ली, मन की माला क्यों नहीं ? बाहर भटके जग सारा , खुद से क्यों कोई नहीं ? पोथी पढ़़ि पढ़़ि जग मुआ , पंडित भया न कोय? ज्ञान किताबों में ढूँढे सब, अनुभव से क्यों डरता है? जो घर फूँके आपना , जो जिया नहीं उसे क्या जाने , सत्य कहों पर बसता है? चले हमारे साथ। की, जाति न पूछो साधु अहंकार , लालच , मोह त्यागकर , पूछ लीजिये ज्ञान? क्या तुम तैयार हो उस परम सत्य के रास्ते पर? सोचो. 3IT3, 3raft, आज भी जाति, पंथ , ऊँच नीच में बँटा इंसान , इसी ! कब समझेगा ? एक है मालिक, एक है पहचान ! ऐसे ही ज्ञानवर्धक पोस्ट के लिए कबार भजन ज्ञान ঐত কী কাঁলী কং हमारे  कबीर वाणी , भजन और आध्यात्मिक ज्ञान का संगम LIKE COMMENT SHARE FOLLOW कबीर्भजन श्ञन कबीर साहिब के रहेस्यमयी प्रश्न कहां ढूँढ़े रे बन्दे तू॰ मैं तो तेरे पास मे? मंदिर, मस्जिद, तीर्थ में खोजे , क्या पाया हतिहास में? जो खोजे दिल के अंदर झाँके , वो मिले उसी प्रकाश में। फेरत जुग माला भया, মিমা ন মন কা ক? हाथ की माला तो फेर ली, मन की माला क्यों नहीं ? बाहर भटके जग सारा , खुद से क्यों कोई नहीं ? पोथी पढ़़ि पढ़़ि जग मुआ , पंडित भया न कोय? ज्ञान किताबों में ढूँढे सब, अनुभव से क्यों डरता है? जो घर फूँके आपना , जो जिया नहीं उसे क्या जाने , सत्य कहों पर बसता है? चले हमारे साथ। की, जाति न पूछो साधु अहंकार , लालच , मोह त्यागकर , पूछ लीजिये ज्ञान? क्या तुम तैयार हो उस परम सत्य के रास्ते पर? सोचो. 3IT3, 3raft, आज भी जाति, पंथ , ऊँच नीच में बँटा इंसान , इसी ! कब समझेगा ? एक है मालिक, एक है पहचान ! ऐसे ही ज्ञानवर्धक पोस्ट के लिए कबार भजन ज्ञान ঐত কী কাঁলী কং हमारे  कबीर वाणी , भजन और आध्यात्मिक ज्ञान का संगम LIKE COMMENT SHARE FOLLOW कबीर्भजन श्ञन
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    तोन बार तरकस करें कंधे धरे कमान| बिन तीर के जीत लिया, मन का साए मैदन।| मन जीता , जग जीता। कबीर साहिब अमृतवाणी प्रेम ही परमात्मा है | god Vlogs | तोन बार तरकस करें कंधे धरे कमान| बिन तीर के जीत लिया, मन का साए मैदन।| मन जीता , जग जीता। कबीर साहिब अमृतवाणी प्रेम ही परमात्मा है | god Vlogs |
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