18 shares
More like this
- RadheRadheje*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 23 जुलाई 2026* *⛅दिन - गुरुवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - वर्षा* *⛅मास - आषाढ़* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - नवमी प्रातः 07:03 तक तत्पश्चात् दशमी* *⛅नक्षत्र - विशाखा मध्यरात्रि 01:42 तक तत्पश्चात् अनुराधा* *⛅योग - शुभ शाम 07:20 तक तत्पश्चात् शुक्ल* *⛅राहुकाल - दोपहर 02:13 से दोपहर 03:53 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:53* *⛅सूर्यास्त - 07:13 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:28 से प्रातः 05:11 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:07 से दोपहर 01:00 (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:12 से मध्यरात्रि 12:55 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️ व्रत पर्व विवरण - सर्वार्थसिद्धि योग (मध्यरात्रि 01:42 से 24 जुलाई प्रातः 05:54 तक), बाल गंगाधर तिलक व चंद्रशेखर आजाद जयंती* *🌥️ विशेष - दशमी को कलंबी शाक खाना त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 #💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #thursday #god #vishnubhagwan #jaishreekrishna #panchang #prosperity #healthylifestyle #keytosuccess #sadguru #blessings #mantra #jaishreeram #radheradheje #facebookviral #fbviral #trendingnow3122
- एस्ट्रो पं.रामपाल भट्ट#💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #🔯आज का राशिफल☀️ #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #🔯वास्तु दोष उपाय 🌄श्री सनातन हिंदू पंचांग-31.07.2026🌄 ✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️ 🕉️ शुभ शुक्रवार - 🌞 - शुभ प्रभात् 🕉️ 74-30💥मध्यमान्💥75-30 (केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्) 🕉️💥💥🌄💥💥🕉️ ________________________________ ✴️आपकी कुंडली✴️आपका भविष्य✴️ जन्मकुंडली विश्लेषण कुंडली मिलान राशिरत्न वास्तुदोष संबंधी कोई भी प्रमाणिक जानकारी परामर्श एवं व प्रभावी समाधान वाट्स एप्प पर संपर्क / वाट्स एप्प नं - 97996-70464. _______________________________ ____________आज विशेष___________ शिवलिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाने के नियम, मिलने वाले लाभ एवं धार्मिक महत्व ________________________________ _______________________________ 🕉️✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️🕉️ _________________________________ _________दैनिक पंचांग विवरण________ ✴️🌄✴️✴️🌞✴️✴️🌄✴️ _________________________________ आज दिनांक.......................31.7.2026 कलियुग संवत्.............................5128 विक्रम संवत्.................. ............ 2083 शक संवत्.................................. 1948 संवत्सर.....................................श्री रौद्र अयन.........................................दक्षिण गोल........................................... उत्तर ऋतु............................................ वर्षा मास......................................... श्रावण पक्ष........................................... कृष्ण तिथि....द्वितीया. रात्रि. 10.32 तक / तृतीया वार.........................................शुक्रवार नक्षत्र... धनिष्ठा. रात्रि. 7.27 तक / शतभिषा चंद्र राशि....... मकर. प्रातः 6.38 तक / कुंभ योग.......सौभाग्य. रात्रि.11.53 तक/ शोभन करण.................तैत्तिल. प्रातः 10.04 तक करण......... गर. रात्रि. 10.32 तक / वणिज _________________________________ 🌞✴️✴️🌄✴️✴️🌞 नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है ________________________________ -दैनिक सूर्योंदयास्त दिनमानादि पंचांग विवरण- ✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️ ________________________________ सूर्योदय....................प्रातः 05.59.08 पर सूर्यास्त....................सायं. 07.16.16 पर दिनमान-घं.मि.से....................13.17.08 रात्रिमान-घं.मि.से. ..................10.43.19 चंद्रास्त..................... 07.18.06 AM पर चंद्रोदय.....................08.28.52 PM पर राहुकाल.....प्रातः 10.58 से 12.38(अशुभ) यमघंट.........अपरा. 3.57 से 5.37(त्याज्य) गुलिक.....प्रातः 7.39 से 9.18(शुभे त्याज्य) अभिजित....... मध्या.12.11 से 1.04(शुभ) पंचक..................... प्रातः 6.38 पर प्रारंभ हवन मुहूर्त(अग्निवास).................. आज है दिशाशूल............................ पश्चिम दिशा दोष परिहार........जौ का सेवन कर यात्रा करें ________________________________ ___________आज का दिन___________ 🌞✴️🌄✴️✴️🌞✴️✴️🌄🌞 _______________________________ व्रत विशेष...........................फल द्वितीया अन्य व्रत.................. अशून्यशयन् व्रतारंभ पर्व विशेष.................... ... हिंडोला प्रारंभ काल विशेष........... सनातन् चातुर्मास जारी दिन विशेष.................... .विश्व रेंजर दिवस दिन विशेष........... मुंशी प्रेमचंद जन्म दिवस खगोलीय............ सूर्य नक्षत्र - पुष्य. जारी है खगोलीय................................... नहीं है नक्षत्र वाहन.................मूषक (वर्षा मध्यम्) विष्टि(भद्रा)... ............................. .नहीं है पंचक..................... प्रातः 6.38 पर प्रारंभ सर्वा.सि.योग.............................. .नहीं है अमृत सि.योग.............................. नहीं है सिद्ध रवियोग.............................. नहीं है ________________________________ ✴️🌄✴️✴️🌞✴️✴️🌄✴️ _______________________________ ✴️ अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी✴️ _________________________________ दिनांक............................ 01.08.2026 तिथि.............श्रावण कृष्णा तृतीया शनिवार व्रत विशेष....................................नहीं है अन्य व्रत्.........पवित्र श्रावण स्नान व्रत जारी पर्व विशेष.................................. .नहीं है काल विशेष........... .सनातन् चातुर्मास जारी दिन विशेष.................विश्व स्तनपान दिवस दिन विशेष...........विश्व फेफड़ा केंसर दिवस दिन विशेष.... सन् 2026 अगस्त मास प्रारंभ खगोलीय............ सूर्य नक्षत्र - पुष्य. जारी है नक्षत्र वाहन................. मूषक (वर्षा मध्यम् खगोलीय.......कन्यायां शुक्र. प्रातः 9.28 पर खगोलीय..धनिष्ठायां 4 राहु. रात्रि. 3.12* पर खगोलीय.... मघायां 2 केतु. रात्रि. 3.12* पर विष्टि(भद्रा).प्रातः10.53 से रात्रि.11.08 तक पंचक....................................... जारी है सर्वा.सि.योग.............................. . नहीं है अमृत सि.योग.............................. नहीं है सिद्ध रवियोग.............................. नहीं है _________________________________ 🕉️✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️🕉️ ________________________________ *विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट* 🌞श्री सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार🌞 ________________________________ दिल्ली -10 मिनट---------जोधपुर +6 मिनट जयपुर -5 मिनट------अहमदाबाद +8 मिनट इंदौर - 4 मिनट-------------मुंबई +7 मिनट लखनऊ - 25 मिनट------बीकानेर +5 मिनट कोलकाता -54 मिनट--जैसलमेर +15 मिनट _________________________________ 🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄 ______🏵️🌞🌞✴️🌞🌞🏵️________ अभिजित् मुहुर्त - दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता. _________________________________ ब्रह्म मुहूर्त - सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है.. _________________________________ प्रदोष काल - सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय प्रदोष काल होता है __________________________________ गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं 12 मिनट बाद का समय कहलाता है 🌄✡️✡️✡️✴️✡️✡️✡️🌄 🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄 _________________________________ भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें। ________________________________ ✴️🌄दिन का चौघड़िया 🌄✴️ _________________________________ चंचल...............प्रातः 5.59 से 7.39 तक लाभ................प्रातः 7.39 से 9.18 तक अमृत.............प्रातः 9.18 से 10.58 तक शुभ.............अपरा. 12.38 से 2.17 तक चंचल...............सायं. 5.37 से 7.16 तक _________________________________ ✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️ ________________________________ लाभ.............. रात्रि. 9.57 से 11.18 तक शुभ...रात्रि. 12.38 AM से 1.58 AM तक अमृत....रात्रि 1.58 AM से 3.19 AM तक चंचल...रात्रि. 3.19 AM से 4.39 AM तक ________________________________ ✴️🌞✴️🌄✴️🌄✴️🌞✴️ _________________________________ (विशेष - ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है ) _________________________________ ✴️🌞✴️🌄✴️🌄✴️🌞✴️ _________________________________ 🔱🌄🔱🔱✴️🔱🔱🌄🔱 _________________________________ 🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞 शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. _________________________________ ✴️🏵️🌄🏵️✴️🏵️🌄🏵️✴️ _______________ु__________________ दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र की शांति आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये __ आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षरे.... ________________________________ समय - नक्षत्र नाम - नक्षत्र चरण - चरणाक्षर _________________________________ 06.38 AM तक.......धनिष्ठा....2....... गी _______राशि मकर - पाया ताम्र________ ________________________________ 01.02 PM तक.......धनिष्ठा....3.........गू 07.27 PM तक...... धनिष्ठा....4.........गे 01.48 AM तक....शतभिषा....1.........गो उपरांत रात्रि तक....शतभिषा....2........ सा _______राशि कुंभ - पाया ताम्र________ _________________________________ ✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️ 💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥 🕉️✴️✴️🌞✴️✴️🕉️ ________________________________ शिवलिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाने के नियम, मिलने वाले लाभ एवं धार्मिक महत्व यदि बिल्वपत्र पर चंदन या अष्टगंध से ॐ, शिव पंचाक्षर मंत्र या शिव नाम लिखकर चढ़ाया जाता है तो फलस्वरूप व्यक्ति की दुर्लभ कामनाओं की पूर्ति हो जाती है। कालिका पुराण के अनुसार चढ़े हुए बिल्व पत्र को सीधे हाथ के अंगूठे एवं तर्जनी (अंगूठे के पास की उंगली) से पकड़कर उतारना चाहिए। चढ़ाने के लिए सीधे हाथ की अनामिका (रिंग फिंगर) एवं अंगूठे का प्रयोग करना चाहिए। तीन जन्मों के पापों के संहार के लिए त्रिनेत्ररूपी भगवान शिव को तीन पत्तियोंयुक्त बिल्व पत्र, जो सत्व-रज-तम का प्रतीक है, को इस मंत्र को बोलकर अर्पित करना चाहिए- 'त्रिदलं त्रिगुणाकरं त्रिनेत्र व त्रिधायुतम्। त्रिजन्म पाप संहारं एकबिल्वम शिवार्पणम्।। शिव उपासना अर्थात मंगल की कामना की साधना के लिए यदि प्रत्येक शिवभक्त अर्थात कल्याण की आकांक्षा का प्रेमी यदि बेल पत्र के वृक्ष का रोपण एवं उसके पत्र का अर्पण करें तो देश की अनेक समस्याओं सहित पर्यावरण की समस्या से भी बहुत हद तक मुक्ति मिल सकती है। इसमें तनिक भी संदेह नहीं है। आवश्यकता मात्र ऐसे शिवभक्तों की है। बिल्वपत्र के बारे में महत्वपूर्ण बातें 1-बिल्वपत्र 6 महीने तक बासी नहीं माना जाता। इसे एक बार शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद धोकर पुन: चढ़ाया जा सकता है। कई जगह शिवालयों में बिल्वपत्र उपलब्ध नहीं हो पाने पर इसके चूर्ण को चढ़ाने का विधान भी है। 2-बिल्वपत्र को औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। इसमें निहित इगेलिन व इगेलेनिन नामक क्षार-तत्व औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। यह चातुर्मास में उत्पन्न होने वाली विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से भी निजात दिलाता है । 3-यह गैस, कफ और अपचन की समस्या को दूर करने में सक्षम है। इसके अलावा यह कृमि और दुर्गंध की समस्या में भी फायदेमंद है । प्रतिदिन 7 बिल्वपत्र खाकर पानी पीने से स्वप्नदोष की बीमारी से छुटकारा मिलता है। इसी प्रकार यह एक औषधि के रूप में भी काम आता है। 4-मधुमेह के रोगियों के लिए बिल्वपत्र रामबाण इलाज है। मधुमेह होने पर 5 बिल्वपत्र, 5 कालीमिर्च के साथ प्रतिदिन सुबह के समय खाने से अत्यधिक लाभ होता है। बिल्वपत्र के प्रतिदिन सेवन से गर्मी बढ़ने की समस्या भी समाप्त हो जाती है। 5-शिवलिंग पर प्रतिदिन बिल्वपत्र चढ़ाने से सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं भक्त को कभी भी पैसों की समस्या नहीं रहती है। बिल्वपत्र को तिजोरी में रखने से भी बरकत आती है। 6-कुछ विशेष तिथियों पर बिल्वपत्र को तोड़ना वर्जित होता है। चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, द्वादशी, चतुर्दशी, अमावस्या, पूर्णिमा, संक्रांति पर बिल्वपत्र को नहीं तोड़ना चाहिए। 7-सोमवार के दिन बिल्वपत्र को नहीं तोड़ना चाहिए, इसमें शिवजी का वास माना जाता है। इसके अलावा प्रतिदिन दोपहर के बाद भी बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिए। बिल्वपत्र चढ़ाने का मंत्रः- त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रयायुधम् । त्रिजन्मपाप-संहारमेकबिल्वं शिवार्पणम्।।1।। त्रिशाखैर्बिल्वपत्रैश्च ह्यच्छिद्रै: कोमलै: शुभै: । शिवपूजां करिष्यामि ह्येकबिल्वं शिवार्पणम्।।2।। अखण्डबिल्वपत्रेण पूजिते नन्दिकेश्वरे । शुद्धयन्ति सर्वपापेभ्यो ह्येकबिल्वं शिवार्पणम्।।3।। शालिग्रामशिलामेकां विप्राणां जातु अर्पयेत्। सोमयज्ञ-महापुण्यमेकबिल्वं शिवार्पणम्।।4।। दन्तिकोटिसहस्त्राणि वाजपेयशतानि च । कोटिकन्या-महादानमेकबिल्वं शिवार्पणम्।।5।। लक्ष्म्या: स्तनत उत्पन्नं महादेवस्य च प्रियम्। बिल्ववृक्षं प्रयच्छामि ह्येकबिल्वं शिवार्पणम्।।6।। दर्शनं बिल्ववृक्षस्य स्पर्शनं पापनाशनम्। अघोरपापसंहारमेकबिल्वं शिवार्पणम्।।7।। काशीक्षेत्र निवासं च कालभैरव दर्शनम्। प्रयागमाधवं दृष्ट्वा एक बिल्वं शिवार्पणम्।।8।। मूलतो ब्रह्मरूपाय मध्यतो विष्णुरूपिणे । अग्रत: शिवरूपाय ह्येकबिल्वं शिवार्पणम्।।9।। बिल्वाष्टकमिदं पुण्यं य: पठेच्छिवसन्निधौ। सर्वपापविनिर्मुक्त: शिवलोकमवाप्नुयात्।।10।। इति बिल्वाष्टकं सम्पूर्णम्।। ________________________________ ✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️ _________________________________ मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) आज कुछ लोग सोच सकते हैं कि आप नया सीखने के लिए काफ़ी उम्रदराज़ हो चुके हैं- लेकिन यह सच्चाई से बहुत दूर है- आप अपने तेज़ और सक्रिय दिमाग़ की वजह से कुछ भी आसानी से सीख सकते हैं। अगर आप आय में वृद्धि के स्रोत खोज रहे हैं, तो सुरक्षित आर्थिक परियोजनाओं में निवेश करें। घरेलू मोर्चे पर समस्या खड़ी हो सकती है, इसलिए तोल-मोल कर ही बोलें। प्रेम-संबंध में ग़ुलाम की तरह व्यवहार न करें। पेशेवर तौर पर आज का दिन सकारात्मक रहेगा। इसका भरपूर उपयोग करें। अपने व्यक्तित्व और रंग-रूप को बेहतर बनाने की कोशिश संतोषजनक साबित होगी। परिवार के सदस्यों के साथ थोड़ी दिक़्क़त का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन दिन के आख़िर में आपका जीवनसाथी आपकी परेशानियों को समझेगा। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) आज आपको बाहर का और खुला खाना खाते वक़्त ख़ास तौर पर बचाव पर ध्यान देने की ज़रूरत है। हालाँकि बिना वजह तनाव न लें, क्योंकि यह आपको मानसिक कष्ट दे सकता है। अपने अतिरिक्त धन को सुरक्षित जगह पर रखिए, जो आने वाले वक़्त में आप फिर पा सकें। दोस्तों के साथ शाम बेहद मज़ेदार और हँसी-ख़ुशी से भरपूर रहेगी विवादित मुद्दों को उठाने से बचें, अगर आप आज ‘डेट’ पर जा रहे हैं तो। बैंकिग क्षेत्र से जुड़े लोगों को कोई अच्छी ख़बर मिल सकती है। पदोन्नति की काफ़ी संभावना है। आप अपनी ख़ुशी दुगनी करने के लिए सहकर्मियों से बांट सकते हैं। आज जीवनसाथी के साथ समय बिताने के लिए आपके पास पर्याप्त समय होगा। आप अपने जीवनसाथी के साथ रोमानी दिन गुज़ार सकते हैं, इससे आपका रिश्ता मज़बूत होगा। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज कोई अच्छी ख़बर मिल सकती है। माता या पिता की सेहत पर आपको आज बहुत धन खर्च करना पड़ सकता है। इससे आपकी आर्थिक स्थिति बिगड़ेगी लेकिन साथ ही रिश्तों में मजबूती आएगी। अपने बच्चों के साथ एक दोस्ताना रिश्ता विकसित करें। पुरानी बातों को पीछे छोड़कर आगे आने वाले अच्छे वक़्त की ओर देखें। आपकी कोशिशें फलदायी रहेंगी। आपकी आँखें इतनी चमकीली हैं कि वे आपके प्रिय की अंधेरी रात को भी रोशन कर सकती हैं। कामकाज के सिलसिले में आपके ऊपर ज़िम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है। आज आपको अपने कामों को समय पर निपटाने की कोशिश करनी चाहिए। ख्याल रखें कि घर पर आपका कोई इंतजार कर रहा है जिसको आपकी जरुरत है। जब आपका जीवनसाथी जब सारे मनमुटाव भुलाकर प्यार के साथ आपके पास फिर आएगा, तो जीवन और भी सुन्दर लगेगा। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज कुछ अवांछित विचार दिमाग़ में छा सकते हैं। ख़ुद को शारीरिक व्यायाम का मज़ा लेने दें, क्योंकि खाली दिमाग़ शैतान का घर होता है। आज आप अपने घर के वरिष्ठ जनों से पैसे की बचत करने को लेकर कोई सलाह ले सकते हैं और उस सलाह को जिंदगी में जगह भी दे सकते हैं. आपको परिवार के सदस्यों के साथ थोड़ी दिक़्क़त होगी, लेकिन इस वजह से अपनी मानसिक शान्ति भंग न होने दें। आज आप अपने प्रेमी के साथ कहीं घूमने का प्लान बनाएंगे लेकिन किसी जरुरी काम के आने की वजह से यह प्लान कामयाब नहीं हो पाएगा जिसकी वजह से आप दोनों के बीच कहासुनी हो सकती है। आपके तारे आज आपको असाधारण शक्ति देंगे, इसलिए ऐसे निर्णय लें जो ज़रूरी हों और आने वाले समय में आपको सही दिशा दे सकें। आज अपने लिए वक्त निकालकर अपने जीवनसाथी के साथ आप कहीं घूमने जा सकते हैं। हालांकि इस दौरान आप दोनों के बीच थोड़ी बहुत कहासुनी हो सकती है। जीवनसाथी के साथ यह दिन और दिनों की अपेक्षा बेहतर गुज़रेगा। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज अपनी ख़ुशियों को दूसरों के साथ साझा करना आपकी सेहत को भी बेहतर करेगा। लेकिन ख़याल रखें कि इसे नज़रअंदाज़ करना बाद में भारी पड़ सकता है। आपकी ग़ैर-यथार्थवादी योजनाएँ आपके धन को कम कर सकती हैं। परिवार में आप एक संधि कराने वाले दूत का दायित्व निभाएंगे। सबकी परेशानियों पर ग़ौर करें, जिससे समस्याओं पर समय रहते क़ाबू पाया जा सके। अपने प्रिय की ईमानदारी पर शक न करें। सहकर्मियों और वरिष्ठों के पूरे सहयोग के चलते दफ़्तर में काम तेज़ रफ़्तार पकड़ लेगा। वक्त से बढ़कर कुछ नहीं होता। इसलिए आप वक्त का सदुपयोग करते हैं लेकिन कई बार आपको जीवन को लचीला बनाने की जरुरत भी होती है और अपने घर परिवार के साथ समय बिताने की जरुरत होती है। यह शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक है। आप प्रेम की गहराई का अनुभव करेंगे। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज आउटडोर के खेल आपको आकर्षित करेंगे- ध्यान और योग आपको फ़ायदा पहुँचाएंगे। आज के दिन आप धन से जुड़ी समस्या के कारण परेशान रह सकते हैं। इसके लिए आपको अपने किसी विश्वास पात्र से सलाह लेनी चाहिए। यह परिवार में दबदबा बनाए रखने की अपनी आदतों को छोड़ने का वक़्त है। ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव में उनके कंधे से कंधा मिलाकर साथ दें। आपका बदला हुआ बर्ताव उनके लिए ख़ुशी का सबब साबित होगा। प्यार-मोहब्बत के मामले में दबाव बनाने की कोशिश न करें। कार्यक्षेत्र के नज़रिए से आज का दिन आपका है। इसका भरपूर फ़ायदा उठाएँ। खाली समय का सदुपयोग होना चाहिए लेकिन आज आप इस समय का दुरुपयोग करेंगे और इस वजह से आपका मूड भी खराब होगा। जीवनसाथी का बर्ताव आपके पेशेवर रिश्तों पर ग़लत असर डाल सकता है। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आज कुछ तनाव और मतभेद आपको चिड़चिड़ा और बेचैन बना सकते हैं। आज के दिन भूलकर भी किसी को पैसे उधार न दें और यदि देना जरुरी हो तो देने वाले से लिखित में लें कि वो पैसा वापस कब करेगा। बच्चे आपको अपनी उपलब्धियों से गर्व का अनुभव कराएंगे। विवाहेतर प्रेम संबंध आपकी प्रतिष्ठा धूमिल कर सकते हैं। भले ही छोटी-मोटी बाधाओं का सामना करना पड़े, लेकिन कुल मिलाकर यह दिन कई उपलब्धियाँ दे सकता है। उन सहकर्मियों का ख़ास ध्यान रखें, जो उम्मीद के मुताबिक़ चीज़ न मिलने पर जल्दी ही बुरा मान जाते हैं। यदि आपको व्यस्त दिनचर्या के बाद भी अपने लिए समय मिल पा रहा है तो आपको इस समय का सदुपयोग करना सीखना चाहिए। ऐसा करके अपने भविष्य को आप सुधार सकते हैं। मुश्किल हालात से उबरने में आपके जीवनसाथी की तरफ़ से ज़्यादा सहयोग हासिल नहीं होगा। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) आज आपका तेज़ काम आपको प्रेरित करेगा। सफलता हासिल करने के लिए समय के साथ अपने विचारों में बदलाव लाएँ। इससे आपका दृष्टिकोण व्यापक होगा, समझ का दायरा बढ़ेगा, व्यक्तित्व में निखार आएगा और दिमाग़ विकसित होगा। माता-पिता की मदद से आप आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में क़ामयाब रहेंगे। आम परिचितों से व्यक्तिगत बातों को बांटने से बचें। इसका अनुभव कीजिए। नए ग्राहकों से बात करने के लिए बेहतरीन दिन है। कोई आध्यात्मिक गुरू या बड़ा आपकी सहायता कर सकता है। विवाह एक दैवीय आशीर्वाद है और आज आप इसका अनुभव कर सकते हैं। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) आज मौज-मस्ती की यात्राएं और सामाजिक मेलजोल आपको ख़ुश रखेंगे और सुकून देंगे। आज आपको अपना धन खर्च करने की जरुरत नहीं पड़ेगी क्योंकि घर का कोई बड़ा आज आपको धन दे सकता है। अगर आप पार्टी करने की सोच रहे हैं, तो अपने अच्छे दोस्तों को बुलाएँ। ऐसे कई लोग होंगे, जो आपका उत्साह बढाएंगे। जो लोग अब तक सिंगल हैं उनकी मुलाकात आज किसी खास से होने की संभावना है लेकिन बात को आगे बढ़ाने से पहले यह जरुर जान लें कि कहीं वो शख्स किसी के साथ रिश्ते में न हो। आज आपकी कड़ी मेहनत कार्यक्षेत्र में ज़रूर रंग दिखाएगी। कोई आध्यात्मिक गुरू या बड़ा आपकी सहायता कर सकता है। लंबे अरसे के बाद जीवनसाथी के साथ काफ़ी वक़्त गुज़ारने का मौक़ा मिल सकता है। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) लाभ लेने के लिए बड़ों को अपनी अतिरिक्त ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए। आज आपका सामना कई नई आर्थिक योजनाओं से होगा- कोई भी फ़ैसला करने से पहले अच्छाईयों और कमियों पर सावधानी से ग़ौर करें। किसी भी चीज़ को अंतिम रूप देने से पहले अपने परिवार की राय लीजिए। महज़ आपका अपना फ़ैसला कुछ दिक़्क़त खड़ी कर सकता है। बेहतर परिणाम पाने के लिए परिवार में तालमेल पैदा करें। आपको आज ही अपने प्रिय को दिल की बात बताने की ज़रूरत है, क्योंकि कल बहुत देर हो जाएगी। व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। व्यवसाय के लिए अचानक की गयी कोई यात्रा सकारात्मक परिणाम देगी। आपका व्यक्तित्व ऐसा है कि ज्यादा लोगों से मिलकर आप परेशान हो जाते हैं और फिर अपने लिए वक्त निकालने की कोशिश करने लग जाते हैं। इस लिहाज से आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा रहने वाला है। आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आजआपको काफ़ी समय से चल रही बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। जिन लोगों ने जमीन खरीदी थी और अब उसे बेचना चाहते हैं उन्हें आज कोई अच्छा खरीदार मिल सकता है और जमीन बेचकर उन्हें अच्छा धन लाभ हो सकता है। पारिवारिक सदस्यों के साथ सुकून भरे और शांत दिन का आनंद लें। अगर लोग परेशानियों के साथ आपके पास आएँ तो उन्हें नज़रअंदाज़ करें और उन्हें अपनी मानसिक शांति भंग न करने दें। आज हो सकता है कि पहली नज़र में ही आपको कोई पसंद कर ले। यह उन अच्छे दिनों में से एक दिन है जब कार्यक्षेत्र में आप अच्छा महसूस करेंगे। आज आपके सहकर्मी आपके काम की तारीफ करेंगे और आपका बॉस भी आपके काम से खुश होगा। कारोबारी भी आज कारोबार में मुनाफा कमा सकते हैं। आज आप कोई नई पुस्तक खरीदकर किसी कमरे में खुद को बंद करके पूरा दिन गुजार सकते हैं। आज आपका वैवाहिक जीवन हँसी-ख़ुशी, प्यार और उल्लास का केन्द्र बन सकता है। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) आज आपके दोस्त आपका परिचय किसी ख़ास इंसान से कराएंगे, जो आपकी सोच पर गहरा प्रभाव डालेगा। आप पैसा बना सकते हैं, बशर्ते आप अपनी जमा-पूंजी पारम्परिक तौर पर निवेश करें। अपने परिवार को पर्याप्त समय दें। उन्हें महसूस होने दें कि आप उनका ख़याल रखते हैं। उनके साथ अच्छा वक़्त बिताएँ और शिकायत करने का मौक़ा न दें। प्रेम का आह्लाद महसूस करने के लिए आप किसी नए व्यक्ति से मिल सकते हैं। दफ़्तर में आपको कुछ ऐसा काम मिल सकता है, जिसे आप हमेशा से करना चाहते थे। खाली वक्त का आज आप सदुपयोग करेंगे और उन कामों को पूरा करने की कोशिश करेंगे जो बीते दिनों पूरे नहीं हो पाए थे। आप अपने वैवाहिक जीवन की सारी ख़राब यादें भूल जाएंगे और आज का भरपूर आनंद लेंगे। ______________________________ 🌄💥✴️💥🕉️💥✴️💥🌄 ___________________________________ अस्वीकरण(Disclaimer)दैनिक पंचांग,धर्म, ज्योतिष,वास्तु आदि विषयों पर यहाँ प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं,जो पूर्ण रूप से दायित्व, मुक्त है,अतः संबंधित कोई भी प्रयोग अपने स्वविवेक के साथ करें या किसी संबद्ध विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें। ________________________________ 🌄✴️✴️✴️🕉️✴️✴️✴️🌄 ✴️संकलन एवं प्रस्तुत कर्त्ता✴️ ☀️पं.रामपाल भट्ट-ज्योतिष एवं वास्तुविद्☀️ श्री ज्योतिष समाधान सेवा भीलवाड़ा (राज) ✴️🏵️🌄🏵️✴️🏵️🌄🏵️✴️ _____________________________1317
- Pandit Dinesh Chandra Sharma#💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #🙏🏻 मेरे भगवान 🙏🏻 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌅सूर्य देव🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩1220
- RadheRadheje*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 31 जुलाई 2026* *⛅दिन - शुक्रवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - वर्षा* *⛅मास - श्रावण* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - द्वितीया रात्रि 10:31 तक तत्पश्चात् तृतीया* *⛅नक्षत्र - धनिष्ठा शाम 07:26 तक तत्पश्चात् शतभिषा* *⛅योग - सौभाग्य रात्रि 11:54 तक तत्पश्चात् शोभन* *⛅राहुकाल - सुबह 10:54 से दोपहर 12:33 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:57* *⛅सूर्यास्त - 07:09 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:31 से प्रातः 05:14 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:07 से दोपहर 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:12 से मध्यरात्रि 12:55 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 #friday #goddess #laxmiji #panchang #prosperity #healthylifestyle #keytosuccess #sadguru #blessings #mantra #jaishreeram #radheradheje #facebookviral #fbviral #trendingnow #💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स1312
- RadheRadheje*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 30 जुलाई 2026* *⛅दिन - गुरुवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - वर्षा* *⛅मास - श्रावण* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - प्रतिपदा रात्रि 09:30 तक तत्पश्चात् द्वितीया* *⛅नक्षत्र - श्रवण शाम 05:43 तक तत्पश्चात् धनिष्ठा* *⛅योग - आयुष्मान् मध्यरात्रि 12:05 तक तत्पश्चात् सौभाग्य* *⛅राहुकाल - दोपहर 02:12 से दोपहर 03:51 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:56* *⛅सूर्यास्त - 07:10 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:30 से प्रातः 05:13 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:07 से दोपहर 01:00 (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:12 से मध्यरात्रि 12:55 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - श्रावण व्रत आरम्भ* *🌥️विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 #💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स1623
- एस्ट्रो पं.रामपाल भट्ट#💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #🔯आज का राशिफल☀️ #🔯वास्तु दोष उपाय #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय 🌄श्री सनातन हिंदू पंचांग-30.07.2026🌄 ✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️ 🕉️ शुभ गुरुवार - 🌞 - शुभ प्रभात् 🕉️ 74-30💥मध्यमान्💥75-30 (केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्) 🕉️💥💥🌄💥💥🕉️ ________________________________ ✴️आपकी कुंडली✴️आपका भविष्य✴️ जन्मकुंडली विश्लेषण कुंडली मिलान राशिरत्न वास्तुदोष संबंधी कोई भी प्रमाणिक जानकारी परामर्श एवं व प्रभावी समाधान वाट्स एप्प पर संपर्क / वाट्स एप्प नं - 97996-70464. _______________________________ ____________आज विशेष___________ श्रावण मास और रुद्राक्ष का शिवजी से विशेष संबंध रुद्राक्ष परिचय एवं धारण विधि _______________________________ 🕉️🌄🏵️🌞🏵️🌄🕉️ _________________________________ _________दैनिक पंचांग विवरण________ ✴️🌄✴️🌞✴️🌄✴️ _________________________________ आज दिनांक.......................30.7.2026 कलियुग संवत्.............................5128 विक्रम संवत्.................. .............2083 शक संवत्.................................. 1948 संवत्सर.....................................श्री रौद्र अयन........................................दक्षिण गोल........................................... उत्तर ऋतु............................................ वर्षा मास......................................... श्रावण पक्ष........................................... कृष्ण तिथि.... प्रतिपदा. रात्रि. 9.31 तक / द्वितीया वार.......................................... गुरुवार नक्षत्र..... श्रवण. अपरा. 5.43 तक / धनिष्ठा चंद्र राशि............... मकर. संपूर्ण (अहोरात्र) योग.आयुष्मान्. रात्रि.12.04* तक/सौभाग्य करण...................बालव. प्रातः 8.50 तक करण...... कौलव. रात्रि. 9.31 तक / तैत्तिल _________________________________ 🌞✴️✴️🌄✴️✴️🌞 नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है ________________________________ -दैनिक सूर्योंदयास्त दिनमानादि पंचांग विवरण- ✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️ ________________________________ सूर्योदय....................प्रातः 05.58.39 पर सूर्यास्त....................सायं. 07.16.51 पर दिनमान-घं.मि.से....................13.18.12 रात्रिमान-घं.मि.से. .................. 10.42.16 चंद्रास्त..................... 06.30.05 AM पर चंद्रोदय.....................07.55.56 PM पर राहुकाल.......अपरा. 2.18 से 3.57(अशुभ) यमघंट...........प्रातः 5.59 से 7.38(त्याज्य) गुलिक.. प्रातः 9.18 से 10.58(शुभे त्याज्य) अभिजित....... मध्या.12.11 से 1.04(शुभ) पंचक........................................ नहीं है हवन मुहूर्त(अग्निवास)............ आज नहीं है दिशाशूल............................ दक्षिण दिशा दोष परिहार.......दही का सेवन कर यात्रा करें ________________________________ ___________आज का दिन___________ 🌞✴️🌄✴️🌞✴️🌄🌞 _______________________________ व्रत विशेष...................................नहीं है अन्य व्रत.................................... नहीं है पर्व विशेष.................................. नहीं है काल विशेष........... सनातन् चातुर्मास जारी दिन विशेष........... अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस दिन विशेष..विश्व मानव तस्करी निषेध दिवस खगोलीय............ सूर्य नक्षत्र - पुष्य. जारी है खगोलीय................................... नहीं है नक्षत्र वाहन.................मूषक (वर्षा मध्यम्) विष्टि(भद्रा)... ..............................नहीं है पंचक........................................ नहीं है सर्वा.सि.योग.............................. . नहीं है अमृत सि.योग............................. .नहीं है सिद्ध रवियोग.............................. नहीं है ________________________________ ✴️🌄✴️🌞✴️🌄✴️ _______________________________ ✴️ अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी✴️ _________________________________ दिनांक........................... 31.07.2026 तिथि........... श्रावण कृष्णा द्वितीया शुक्रवार व्रत विशेष...........................फल द्वितीया अन्य व्रत.................. अशून्यशयन् व्रतारंभ पर्व विशेष.................... ... हिंडोला प्रारंभ काल विशेष........... सनातन् चातुर्मास जारी दिन विशेष.................... .विश्व रेंजर दिवस दिन विशेष........... मुंशी प्रेमचंद जन्म दिवस खगोलीय............ सूर्य नक्षत्र - पुष्य. जारी है खगोलीय................................... नहीं है नक्षत्र वाहन.................मूषक (वर्षा मध्यम्) विष्टि(भद्रा)... ..............................नहीं है पंचक..................... प्रातः 6.38 पर प्रारंभ सर्वा.सि.योग.............................. . नहीं है अमृत सि.योग.............................. नहीं है सिद्ध रवियोग.............................. नहीं है _________________________________ 🕉️🌄🏵️🌞🏵️🌄🕉️ ________________________________ *विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट* 🌞श्री सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार🌞 ________________________________ दिल्ली -10 मिनट---------जोधपुर +6 मिनट जयपुर -5 मिनट------अहमदाबाद +8 मिनट इंदौर - 4 मिनट-------------मुंबई +7 मिनट लखनऊ - 25 मिनट------बीकानेर +5 मिनट कोलकाता -54 मिनट--जैसलमेर +15 मिनट _________________________________ 🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄 ______🏵️🌞🌞✴️🌞🌞🏵️________ अभिजित् मुहुर्त - दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता. _________________________________ ब्रह्म मुहूर्त - सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है.. _________________________________ प्रदोष काल - सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय प्रदोष काल होता है __________________________________ गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं 12 मिनट बाद का समय कहलाता है 🌄✡️✡️✴️✡️✡️🌄 🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄 _________________________________ भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें। ________________________________ ✴️🌄दिन का चौघड़िया 🌄✴️ _________________________________ शुभ.................प्रातः 5.59 से 7.38 तक चंचल.......... पूर्वा. 10.58 से 12.38 तक लाभ........... अपरा. 12.38 से 2.18 तक अमृत............ अपरा. 2.18 से 3.07 तक शुभ................ सायं. 5.37 से 7.17 तक _________________________________ ✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️ ________________________________ अमृत.........सायं-रात्रि 7.17 से 8.37 तक चंचल.............. रात्रि. 8.37 से 9.57 तक लाभ..रात्रि.12.38 AM से 1.58 AM तक शुभ....रात्रि. 7.19 AM से 4.39 AM तक अमृत...रात्रि 4.39 AM से 5.59 AM तक ________________________________ ✴️🌞🌄✴️🌄🌞✴️ _________________________________ (विशेष - ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है ) _________________________________ ✴️🌞🌄✴️🌄🌞✴️ _________________________________ 🔱🌄🔱🔱✴️🔱🔱🌄🔱 _________________________________ 🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞 शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. _________________________________ ✴️🏵️🌄🏵️✴️🏵️🌄🏵️✴️ _______________ु__________________ दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र की शांति आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये __ आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षरे.... ________________________________ समय - नक्षत्र नाम - नक्षत्र चरण - चरणाक्षर _________________________________ 11.13 AM तक.... श्रवण .....3........खे 05.43 PM तक.....श्रवण......4....... खो 12.l 1 AM तक.... धनिष्ठा.....1........गा उपरांत रात्रि तक.....धनिष्ठा.....2........गी _______राशि मकर - पाया ताम्र________ _________________________________ ✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️ 💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥 🕉️✴️✴️🌞✴️✴️🕉️ ________________________________ श्रावण मास और रुद्राक्ष का शिवजी से विशेष संबंध रुद्राक्ष परिचय एवं धारण विधि सावन के महीने में (सावन का महीना 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है) भगवान शिव की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। 25 जुलाई मंगलवार के दिन देवशयनी एकादशी थी। देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु निद्रा लोक में चले जाएंगे और फिर 20 नवंबर से देवोत्थान एकादशी के दिन जागेंगे। ऐसे में इस दौरान सृष्टि का सारा कार्यभार भगवान शिव के कंधों पर होता है। तो आइये अब हम विस्तार में जानते हैं रुद्राक्ष और सनातन धर्म में इसका महत्व। साथ ही यह भी जानेंगे कि रुद्राक्ष कैसे धारण करें और इसे धारण करने से हमारे जीवन में क्या बदलाव आते हैं। रुद्राक्ष उत्पत्ति की पौराणिक कथा रुद्राक्ष उत्पत्ति से जुड़ी एक कथा शिव महापुराण में वर्णित है। शिव महापुराण की इस कथानुसार भगवान् शिव ने एक बार एक हजार वर्षों तक समाधि लगाई। इस समाधि से जब वो वापस बाहरी जगत के संपर्क में आए तो जग कल्याण के लिए उनके नेत्रों से अश्रु धारा बही और आँसू की यह बूंदें जब पृथ्वी पर गिरीं तो इनसे रुद्राक्ष वृक्षों की उत्पत्ति हुई और भक्तों के हित में यह वृक्ष पूरी धरती पर फैल गए। इन वृक्षों पर जो फल लगे उन्हें ही रुद्राक्ष कहा गया। रुद्राक्ष को पापनाशक, रोगनाशक और सिद्धिदायक माना गया है। शरीर के विभिन्न अंगों में अलग-अलग तरह के रुद्राक्ष धारण करने से लाभ प्राप्त किये जा सकते हैं। रुद्राक्ष को लेकर धार्मिक और वैज्ञानिक मान्यताएं हिंदू मान्यताओं और हमारे पुराणों के अनुसार रुद्राक्ष की कृपा से व्यक्ति को जीवन में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जबकि विज्ञान का मानना है कि रुद्राक्ष से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक, पैरामैग्नेटिक जैसी तरंगे उत्सर्जित होती हैं जो कि मनुष्य जीवन के लिए किसी वरदान से काम नहीं हैं। अतः यह कहना गलत नहीं होगा कि रुद्राक्ष को धारण करने वाले व्यक्ति को धार्मिक, आध्यात्मिक और चिकित्सीय तीनों तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। विभिन्न प्रकार के रुद्राक्ष और उनका महत्व रुद्राक्ष एक मुखी से चौदह मुखी तक होते हैं और हर रुद्राक्ष का अलग महत्व और अलग धारण विधि है। रुद्राक्ष धारण करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि रुद्राक्ष असली है या नहीं, क्योंकि रुद्राक्ष कहीं से भी खंडित न हो, इस पर कीड़ा न लगा हो, तभी रुद्राक्ष से आपको लाभ प्राप्त होगा। मनवांछित फल को पाने के लिए रुद्राक्ष को धारण करना बहुत शुभ माना गया है। रुद्राक्ष को पहनने के बाद व्यक्ति को जीवन और मरण का वास्तविक ज्ञान प्राप्त होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। आंतरिक शक्तियों को जागृत करने के लिए भी इसे धारण किया जाता है। इसके चिकित्सीय गुण तनाव, उच्च रक्तचाप और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाते हैं। एक मुखी रुद्राक्ष हिंदू शास्त्रों के अनुसार, उस रुद्राक्ष को एक मुखी रुद्राक्ष कहा जाता है जिसमें एक आँख हो। यह रुद्राक्ष भगवान शिव का प्रतीक स्वरूप माना जाता है। ज्योतिष में एक मुखी रुद्राक्ष का स्वामी सूर्य ग्रह है इसलिए इसे आत्म चेतना को जाग्रत करने का कारक भी माना जाता है। इस रुद्राक्ष को धारण करने से लौकिक और पारलौकिक अनुभव को प्राप्त किया जा सकता है। इस रुद्राक्ष के प्रभाव से व्यक्ति के अंदर आत्मबल का भी निर्माण होता है। इसके साथ ही इसे धारण करने से आप के अंदर नेतृत्वकारी क्षमताओं का विकास होता है। सूर्य के समान आप में तेज की वृद्धि होती है और आप हर स्थिति में अच्छा प्रदर्शन कर पाने में सक्षम होते हैं। एक मुखी रुद्राक्ष को धारण करने की विधि – रुद्राक्ष को पहनने से पूर्व इस पर गंगाजल या कच्चे दूध का छिड़काव करें। इसके बाद धूप, अगरबत्ती जलाकर भगवान शिव की आराधना करें। उन्हें सफ़ेद पुष्प अर्पित करें। इसके बाद रुद्राक्ष मंत्र ‘ॐ ह्रीं नमः:’ का 108 बार जाप करना चाहिए। आप सूर्य देव के बीज मंत्र ‘ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः’ का 108 बार जाप करके भी इसे धारण कर सकते हैं। पूजा-अर्चना करने के बाद रविवार को प्रातः काल में या कृतिका, उत्तराफाल्गुनी और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रुद्राक्ष को धारण करना शुभ होता है। दो मुखी रुद्राक्ष दांपत्य जीवन में सामंजस्य बिठाने के लिए दो मुखी रुद्राक्ष पहनना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार यह रुद्राक्ष भगवान शिव के अर्द्ध-नारीश्वर रूप का प्रतीक है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दो मुखी रुद्राक्ष का स्वामी ग्रह चंद्र है। जिन जातकों की कुंडली में चंद्र कमजोर है उन्हें दो मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। विशेषकर गर्भवती महिलाओं द्वारा यदि इस रुद्राक्ष की आराधना की जाए तो उन्हें इससे लाभ मिलता है। यह रुद्राक्ष बायीं आँख से जुड़े रोगों के साथ-साथ फेफड़े, हृदय और दिमाग से संबंधित बीमारियों को मिटाने में भी लाभकारी साबित होता है। दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करने की विधि- दो मुखी रुद्राक्ष को सफ़ेद या काले धागे में पिरोकर अथवा सोने या चाँदी की चेन में पिरोकर धारण करना चाहिए। धारण करने से पूर्व रुद्राक्ष को गंगाजल या दूध से शुद्ध करें। शिव-पार्वती जी की धूप अगरबत्ती जलाकर पूजा करें और उन्हें सफ़ेद पुष्प अर्पित करें। इसके बाद चंद्र के बीज मंत्र ‘ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः’ का 108 बार जाप करें। आप रुद्राक्ष मंत्र ‘ॐ नम:’ का 108 बार जाप करके भी इसे धारण कर सकते हैं। इसके उपरांत हस्त, रोहिणी, श्रवण नक्षत्र में या सोमवार के दिन दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करें। यहाँ क्लिक करके खरीदें दो मुखी रुद्राक्ष तीन मुखी रुद्राक्ष तीन मुखी रुद्राक्ष को भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहनना चाहिए। वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल ग्रह को तीन मुखी रुद्राक्ष का स्वामी माना गया है। तीन मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से कुंडली से मंगल दोष दूर हो जाता है। इस रुद्राक्ष को विद्या प्राप्ति के लिए भी धारण किया जाता है। इसे धारण करने से तन और मन शुद्ध होता है। तीन मुखी रुद्राक्ष को धारण करने की विधि- तीन मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से पहले इसे गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करें। इसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा अथवा चित्र के सामने धूप-अगरबत्ती जलाकर उनकी पूजा-अर्चना करें। इसके बाद हनुमान जी को लाल पुष्प अर्पित करें और मंगल देव के बीज मंत्र ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ का जाप करें। आप रुद्राक्ष मंत्र ‘ॐ क्लीं नमः’ का 108 बार जाप करके भी रुद्राक्ष को धारण कर सकते हैं। इस विधि को करने के बाद मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा नक्षत्र में अथवा मंगलवार को प्रातः काल में इस रुद्राक्ष को धारण करें। यहाँ क्लिक करके खरीदें तीन मुखी रुद्राक्ष चार मुखी रुद्राक्ष चार मुखी रुद्राक्ष का संबंध त्रिदेवों में से एक भगवान ब्रह्मा जी से माना जाता है। इस चार मुखी रुद्राक्ष को धारण करने वाले व्यक्ति को भगवान ब्रह्मा की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता का विकास होता है। चार मुखी रुद्राक्ष पर बुध ग्रह का आधिपत्य माना जाता है। चार मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति को खुद में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं। यह रुद्राक्ष किडनी और थायराइड से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए भी पहना जाता है। चार मुखी रुद्राक्ष को धारण करने की विधि- चार मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से पूर्व इसे कच्चे दूध या गंगाजल से शुद्ध कर लें। इसके बाद भगवान् विष्णु की धूप-दीप जलाकर आराधना करें और उन्हें पीले पुष्प अर्पित करें। इसके बाद रुद्राक्ष मंत्र ‘ॐ ह्रीं नमः:’ का 108 बार जाप करें। आप बुध ग्रह के बीज मंत्र ‘ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः’ का कम-से-कम 108 बार जाप करके भी रुद्राक्ष को धारण कर सकते हैं। इस क्रिया को करने के बाद बुधवार के दिन अथवा आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती नक्षत्र में चार मुखी रुद्राक्ष को धारण करें। यहाँ क्लिक करके खरीदें चार मुखी रुद्राक्ष पाँच मुखी रुद्राक्ष ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देव गुरु बृहस्पति को पांच मुखी रुद्राक्ष का अधिपति माना गया है। पाँच मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से जातक को मानसिक शांति का अनुभव होता है और इससे स्वास्थ्य में भी सकारात्मक बदलाव आते हैं। इस रुद्राक्ष को धारण करने से मनुष्य की आयु में भी वृद्धि होती है। माना जाता है कि जो भी जातक पाँच मुखी रुद्राक्ष धारण करता है उसे भगवान् शिव के पाँच रूपों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस रुद्राक्ष को धारण करके व्यक्ति किसी भी तरह की दुर्घटना से बच जाता है। पांच मुखी रुद्राक्ष को धारण करने की विधि- पाँच मुखी रुद्राक्ष को सोने या चाँदी में मढ़वाकर या बिना मढ़वाए भी धारण कर सकते हैं। इस रुद्राक्ष को धारण करने से पूर्व इसे गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करना चाहिए इसके बाद धूप-दीप जलाकर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करनी चाहिए। तत्पश्चात ‘ॐ ह्रीं नमः:’ मंत्र का 108 बार जाप करें। आप गुरु बृहस्पति के बीज मंत्र ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः’ का 108 बार जाप करके भी रुद्राक्ष को धारण कर सकते हैं। इस विधान को करने के बाद गुरुवार के दिन पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में पांच मुखी रुद्राक्ष को धारण करें। ________________________________ ✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️ _________________________________ मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) आज तनाव से बचने के लिए अपना क़ीमती वक़्त बच्चों के साथ गुज़ारें। आप बच्चों की उपचार करने की शक्ति महसूस करेंगे। वे आध्यात्मिक तौर पर धरती पर सबसे ज़्यादा ताक़तवर और भावनात्मक लोग हैं। उनके साथ आप ख़ुद को आप ऐसी योजनाओं को अमली जामा पहनाने की स्थिति में होंगे, जो कई लोगों को प्रभावित करेगी। बिना किसी को बताए आज आप अकेले वक्त बिताने घर से बाहर जा सकते हैं। लेकिन आप अकेले तो होंगे लेकिन शांत नहीं आपके दिल में आज के दिन कई चिंताएं हैं होंगी। आज आप महसूस करेंगे कि जीवनसाथी के साथ की एहमियत कितनी हे। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज न्हआपकी ऊँची बौद्धिक क्षमताएँ आपको कमियों से लड़ने में सहायता करेंगी। सिर्फ़ सकारात्मक विचारों के ज़रिए इन समस्याओं से निजात पायी जा सकती है। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। पारिवारिक उत्तरदायित्व में वृद्धि होगी, जो आपको मानसिक तनाव दे सकती हैॉंं। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। एक बढ़िया जीवनसाथी के साथ जीवन वाक़ई अद्भुत लगता है और आज आप इस बात का अनुभव कर सकते हैं। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज कुछ ळदबी हुई समस्याएँ फिर से उभरकर आपको मानसिक तनाव दे सकती हैं। आप घूमने-फिरने और पैसे ख़र्च करने के मूड में होंगे- लेकिन अगर आपने ऐसा किया तो बाद में आपको पछताना पड़ सकता है। अपने बर्ताव में उदार बनें और परिवार के साथ प्यार भरे लम्हे गुज़ारें। आपका प्रिय को आपसे भरोसे और वादे की ज़रूरत है। दफ़्तर में आपके दुश्मन भी आज आपके दोस्त बन जाएंगे - आपके सिर्फ़ एक छोटे-से अच्छे काम की बदौलत। सेमिनार और प्रदर्शनी आदि आपको नई जानकारियाँ और तथ्य मुहैया कराएंगे। लंबे अरसे के बाद जीवनसाथी के साथ काफ़ी वक़्त गुज़ारने का मौक़ा मिल सकता है। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज ।। अपने जीवन-साथी के साथ पारिवारिक समस्याओं को साझा करें। एक-दूसरे को फिर से भली-भांति जानने के लिए थोड़ा और वक़्त एक-दूसरे के साथ बिताएँ और ख़ुद की स्नेही जोड़े की छवि को मज़बूत करें। आपके बच्चे भी घर में ख़ुशी और सुकून के माहौल को महसूस कर सकेंगे। इससे आपको एक-दूसरे के साथ व्यवहार में ज़्यादा खुलापन और आज़ादी मिलेगी। दिन चढ़ने पर वित्तीय तौर पर सुधार आएगा। घर वालों के साथ समय बिताना ख़ुशनुमा अनुभव रहेगा। आज आपका प्रेमी अपने मनोभावों को आपके सामने खुलकर नहीं रख पाएगा जिसकी वजह से आपको खिन्नता होगी। आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मौक़ा मिलेगा। खाली समय में आज आप अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरीज देख सकते हैं। जीवनसाथी के किसी अचानक काम की वजह से आपकी योजनाएँ बिगड़ सकती हैं। लेकिन फिर आपको महसूस होगा कि जो होता है अच्छे के लिए ही होता है। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद सेहत अच्छी रहेगी। लेकिन इसे हमेशा के लिए सच मानने की ग़लती न करें। अपनी ज़िंदगी और सेहत का सम्मान करें। विदेशों में पड़ी आपकी जमीन आज अच्छे दामों में बिक सकती है जिससे आपको मुनाफा होगा। घर से जुड़ी योजनाओं पर विचार करने की ज़रूरत है। आपके पास आज अपनी क्षमताओं को दिखाने के मौक़े होंगे। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) शारीरिक और मानसिक लाभ के लिए ध्यान व योग करना उपयोगी रहेगा। अतिरिक्त आय के लिए अपने सृजनात्मक विचारों का सहारा लें। विवाद, मतभेद और दूसरों की आपमें कमियाँ निकालने की आदत को नज़रअन्दाज़ करें। आपका प्रिय आपको ख़ुश रखने के लिए कुछ ख़ास करेगा। लेखक और मीडियाकर्मी बड़ी ख्याति प्राप्त कर सकते हैं। अपने जिगरी यारों के साथ आज आप खाली समय का आनंद लेने का विचार बना सकते हैं। आप और आपका जीवनसाथी मिलकर वैवाहिक जीवन की बेहतरीन यादें रचेंगे। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) आज आप ऊर्जा से भरे होंगे- आप जो भी करेंगे उसे आप उससे आधे वक़्त में ही कर देंगे, जितना वक़्त आप अक्सर लेते हैं। आपके पास आज पैसा भी पर्याप्त मात्रा में होगा और इसके साथ ही मन में शांति भी होगी। अगर आप परिवार के सदस्यों के साथ समय नहीं बिताएंगे, तो आप घर पर समस्याओं की उम्मीद कर सकते हैं। आपका बेपनाह प्यार आपके प्रिय के लिए बेहद क़ीमती है। दूसरे आपसे काफ़ी ज़्यादा समय की मांग कर सकते हैं। उनसे किसी भी तरह का वादा करने से पहले यह देख लें कि आपका काम उससे प्रभावित न हो और साथ ही वे आपकी उदारता और सुहृदयता का ग़लत फ़ायदा न उठाएँ। अगर आप लंबे समय से अपने जीवन में किसी रोचक चीज़ के होने का इंतज़ार कर रहे हैं, तो निश्चय ही आपको उसके संकेत दिखाई देने लगेंगे। आपको महसूस होगा कि आपका वैवाहिक जीवन बहुत ख़ूबसूरत है। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) आज मज़बूती और निडरता का गुण आपकी मानसिक क्षमताओं में वृद्धि करेगा। किसी भी तरह के हालात को क़ाबू में रखने के लिए इस रफ़्तार को बरक़रार रखिए। घर की जरुरतों को देखते हुए आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कोई कीमती सामान खरीद सकते हैं जिससे आर्थिक हालात थोड़े तंग हो सकते हैं। अपनी बातों पर क़ाबू रखें, क्योंकि इसके चलते बड़े-बुज़ुर्ग आहत महसूस कर सकते हैं। बेकार की बातें करके समय बर्बाद करने से बेहतर है कि आप शांत रहें। याद रखें कि समझदार कामों के ज़रिए ही हम जीवन को अर्थ देते हैं। उन्हें महसूस करने दें कि आप उनका ख़याल रखते हैं। प्यार एक ऐसा जज़्बा है जिसे न सिर्फ़ महसूस किया जाना चाहिए, बल्कि अपने प्रिय के साथ बांटना भी चाहिए। आज का दिन बढ़िया प्रदर्शन और ख़ास कामों के लिए है। आज लोग आपकी वह प्रशंसा करेंगे, जिसे आप हमेशा से सुनना चाहते थे। आपका जीवनसाथी वाक़ई आपके लिए फ़रिश्तों की तरह है और आपको आज यह एहसास होगा। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) आज उन भावनाओं को पहचानें, जो आपको प्रेरित करती हैं। डर, शंका और लालच जैसी नकारात्मक भावनाओं को छोड़ें, क्योंकि ये विचार उन चीज़ों को आकर्षित करते हैं, जो आप नहीं चाहते हैं। निवेश के लिए अच्छा दिन है, लेकिन उचित सलाह से ही निवेश करें। जिन्हें आप चाहते हैं, उनके साथ उपहारों का लेन-देन करने के लिए अच्छा दिन है। आज आप अपने उद्देश्यों की पूर्ति करने में सफल रहेंगे, बशर्ते इसके लिए आप दूसरों से मदद लें तो। अपने जरुरी कामों को निपटाकर आज आप अपने लिए समय तो अवश्य निकालेंगे लेकिन इस समय का उपयोग आप अपने हिसाब से नहीं कर पाएंगे। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आज सेहत से जुड़े कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। बिना किसी की सलाह लिये बिना आज आपको पैसा कहीं भी इनवेस्ट नहीं करना चाहिए। घर में कुछ बदलाव लाने के लिए पहले बाक़ी लोगों की राय भली-भांति जान लें। अपनी बातों को सही साबित करने के लिए आज के दिन आप अपने संगी से झगड़ सकते हैं। हालांकि आपका साथी समझदारी दिखाते हुए आपको शांत कर देगा। कामकाज में आ रहे बदलावों के कारण आपको लाभ मिलेगा। छात्र-छात्राओं को आज अपने काम को कल पर नहीं टालना चाहिए, आपको जब भी खाली समय मिले अपने काम को पूरा कर लें। ऐसा करना आपके लिए हितकारी है। अपने साथी पर किया गया संदेह एक बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) आज मानसिक और नैतिक शिक्षा के साथ शारीरिक शिक्षा भी लें, केवल तभी सर्वांगीण विकास संभव है। याद रखें कि एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ दिमाग़ निवास करता है। अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। परिवार के लोगों से अपनी परेशानियां साझा करके आप हल्का महसूस करते हैं, लेकिन कई बार आप अपने अहम को आगे रखकर घर वालों को जरुरी बातें नहीं बताते। आपको ऐसा नहीं करना चाहिए ऐसा करके परेशानी और भी बढ़ेगी कम नहीं होगी। सावधान रहें, क्योंकि कोई आपकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर सकता है। व्यवसाय में किसी धोखेबाज़ी से बचने के लिए अपने आँख-कान खुले रखें। कई कामों को छोड़कर आप आज अपने पसंदीदा कामों को करने का मन बनाएंगे लेकिन काम की अधिकता के कारण आप ऐसा नहीं कर पाएँगे। रिश्तेदारों का दख़ल शादीशुदा ज़िन्दगी में परेशानी पैदा कर सकता है। ______________________________ 🌄💥✴️💥🕉️💥✴️💥🌄 ___________________________________ अस्वीकरण(Disclaimer)दैनिक पंचांग,धर्म, ज्योतिष,वास्तु आदि विषयों पर यहाँ प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं,जो पूर्ण रूप से दायित्व, मुक्त है,अतः संबंधित कोई भी प्रयोग अपने स्वविवेक के साथ करें या किसी संबद्ध विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें। ________________________________ 🌄✴️✴️✴️🕉️✴️✴️✴️🌄 ✴️संकलन एवं प्रस्तुत कर्त्ता✴️ ☀️पं.रामपाल भट्ट-ज्योतिष एवं वास्तुविद्☀️ श्री ज्योतिष समाधान सेवा भीलवाड़ा (राज) ✴️🏵️🌄🏵️✴️🏵️🌄🏵️✴️ _____________________________2821
- नन्द किशोर गुप्ता#🚩आज पंचांग एवं शुभ मुहूर्त🙏 #💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #🌞आज का पंचांग/राशिफल🌞 #🚩 आज पंचांग एवं शुभ मुहूर्त #🌷शुभ बृहस्पतिवार🙏🏻💐1312
- नन्द किशोर गुप्ता#🚩आज पंचांग एवं शुभ मुहूर्त🙏 #💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #🌞आज का पंचांग/राशिफल🌞 #🌷शुभ बृहस्पतिवार🙏🏻💐 #🚩 आज पंचांग एवं शुभ मुहूर्त1810
- RadheRadheje*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 29 जुलाई 2026* *⛅दिन - बुधवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - वर्षा* *⛅मास - आषाढ़* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - पूर्णिमा रात्रि 08:05 तक तत्पश्चात् प्रतिपदा* *⛅नक्षत्र - उत्तराषाढा दोपहर 03:37 तक तत्पश्चात् श्रवण* *⛅योग - प्रीति रात्रि 11:58 तक तत्पश्चात् आयुष्मान्* *⛅राहुकाल - दोपहर 12:33 से दोपहर 02:12 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:56* *⛅सूर्यास्त - 07:11 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:30 से प्रातः 05:13 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:12 से मध्यरात्रि 12:55 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण :- व्यास- गुरु- आषाढ़ी पूर्णिमा, विद्यालाभ योग (प्रातः 04:30 से दोपहर 03:37 तक), 36वीं ऋषि प्रसाद जयंती, संन्यासी चतुर्मास आरम्भ* *🌥️विशेष - पूर्णिमा और व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 #wednesday #GuruPurnima #vedvyasji #sadguru #panchang #prosperity #healthylifestyle #keytosuccess #sadguru #blessings #mantra #jaishreeram #radheradheje #facebookviral #fbviral #trendingnow #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫2621