Wallet Install
Home
Explore
Wallet
Video
Profile
Trends
English
MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
MEKHRAM SAHU
2K views • 5 days ago
#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
।। सत्यनाम ।। सदगुरु कबोर DHARMDAS  8 सत्संग समाराह [) ೫೭?m @ % | हुज़ूर प्रकाशमुनि " धर्मदास  पंथ श्री नाम साहव साहेब के सभी भक्तजनों को अत्यंत हर्ष के साथ किया सूचित जाता है कि सदगुरु कबीर साहेब की असीम कृपा एवं पंथ श्री हुज़ूर प्रकाशमुनि नाम साहेब तथा पंथ श्री हुज़ूर उदितमुनि नाम  दृष्टि से सदगुरु कबीर सत्संग समारोह का भव्य साहेब की दया- आयोजन होने जा रहा है, जिसमें आप सभी सादर आमंत्रित हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा २१ सितंबर २०२६ शोभा यात्रा , स्वागत व सत्संग प्रवचन 22 মিননয 2026 प्रातः गुरु महिमा, सत्संग भजन एवं " अनुराग सागर अखड पाठ 23 মিননয 2026  प्रातः गुरु महिमा सत्संग एस.के.डी॰वी. मिशन कार्यक्रम आनंदी चौका आरती के साथ समापन स्थान : भट्टू अनाज मंडी , फतेहाबाद , हरियाणा श्री हुज़ूर 7 सप्रेम साहेब बंदगी साहेब ।। उदितमुनि नाम साहब এথ 1 SKDV MISSION ।। सत्यनाम ।। सदगुरु कबोर DHARMDAS  8 सत्संग समाराह [) ೫೭?m @ % | हुज़ूर प्रकाशमुनि " धर्मदास  पंथ श्री नाम साहव साहेब के सभी भक्तजनों को अत्यंत हर्ष के साथ किया सूचित जाता है कि सदगुरु कबीर साहेब की असीम कृपा एवं पंथ श्री हुज़ूर प्रकाशमुनि नाम साहेब तथा पंथ श्री हुज़ूर उदितमुनि नाम  दृष्टि से सदगुरु कबीर सत्संग समारोह का भव्य साहेब की दया- आयोजन होने जा रहा है, जिसमें आप सभी सादर आमंत्रित हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा २१ सितंबर २०२६ शोभा यात्रा , स्वागत व सत्संग प्रवचन 22 মিননয 2026 प्रातः गुरु महिमा, सत्संग भजन एवं " अनुराग सागर अखड पाठ 23 মিননয 2026  प्रातः गुरु महिमा सत्संग एस.के.डी॰वी. मिशन कार्यक्रम आनंदी चौका आरती के साथ समापन स्थान : भट्टू अनाज मंडी , फतेहाबाद , हरियाणा श्री हुज़ूर 7 सप्रेम साहेब बंदगी साहेब ।। उदितमुनि नाम साहब এথ 1 SKDV MISSION
25 likes
15 shares

More like this

  • MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    पानी की नन्ही सी बूंद सागर में मिलकर सागर ही बन जाती है। सागर उसे अपना स्वरूप प्रदान कर देता है। पूर्णतः अपने प्रभु को, अपने आराध्य के चरणों में समर्पित हा जाएँ तो देखो ~ हम अगर प्रभु को समर्पित होते हैं हम साहेब के चरणों में समा जाते हैं तो साहेब भी हमें अपना स्वरूप प्रदान कर देते हैं। जाता कुछ नहीं है। 9ভ্নুভ' ~पंथ प्रकाशमुन नाम साहब KABIR DHARMDAS VANSHAVALI kabirdharmdasvanshavali.org पानी की नन्ही सी बूंद सागर में मिलकर सागर ही बन जाती है। सागर उसे अपना स्वरूप प्रदान कर देता है। पूर्णतः अपने प्रभु को, अपने आराध्य के चरणों में समर्पित हा जाएँ तो देखो ~ हम अगर प्रभु को समर्पित होते हैं हम साहेब के चरणों में समा जाते हैं तो साहेब भी हमें अपना स्वरूप प्रदान कर देते हैं। जाता कुछ नहीं है। 9ভ্নুভ' ~पंथ प्रकाशमुन नाम साहब KABIR DHARMDAS VANSHAVALI kabirdharmdasvanshavali.org
    22
    19
  • MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    साहेब बंदगी साहेब
    29
    30
  • MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    ।। सत्यनाम ।l प्रकाशमुनिनाम साहेब पंथश्री गृन्धमुनिनाम साहब पंथ श्री हुजूर  ম[টং कास 16 41 ग़ुरु पूर्णिमा धनी थर्मदासजी साहेब की हार्दिक शुभकामनाएं गुरू के चरणों में ही जीवन का सच्चा मार्ग है, गुरू कृपा से ही मिलती है हर राह में सफलता। पंथ श्री हुजूर उदितमुनिनाम साहेब सप्रेम साहेब बंदगी साहेब ।। सत्यनाम ।l प्रकाशमुनिनाम साहेब पंथश्री गृन्धमुनिनाम साहब पंथ श्री हुजूर  ম[টং कास 16 41 ग़ुरु पूर्णिमा धनी थर्मदासजी साहेब की हार्दिक शुभकामनाएं गुरू के चरणों में ही जीवन का सच्चा मार्ग है, गुरू कृपा से ही मिलती है हर राह में सफलता। पंथ श्री हुजूर उदितमुनिनाम साहेब सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
    17
    6
  • MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    सदगुरु कबीर वाणी वचन Dol 6|9 पंथ श्री हुजूर उदितमुनिनाम साहब के प्रवचन जब हम सेवा की बात करते ह तो अक्सर हमारा मन एक सीमित दायरे गें सोचता हे।  कोई भोतिक मदद कोई दान या कोई शारीरिक श्रम यही सेवा की सामान्य समडा हे। लेकिन क्या सेवा का अर्थ इतना सतही ह? सेवा का वास्तविक अर्थ हे अहं से मुक्ति।  जव तक '॰ कर्ता बना रहता हेःतव तक चास्तविक सेचा संभव नहीं ह। सेच। करने वाला  जव तक यह सोचता है कि"मे सेवा कर रहा तय तक बह सेवा के सार को नहीं समझ पाया हे। वास्तविक सेता तव होती ह जव करने वाला गायय हो जाता हे।  जेसे सूर्य प्रकाश देता हे, पर कभी नहीं सोचता " कि चह प्रकाश दे रहा हे।जेसो नदी बहती ह॰ पर कभी नही सोचती किबह किसी की 66 सेवा चही जो अहंसे मुक्त हो, प्यारा बुझा रही हे। यही सेचा का परम स्वरुप हे।  जहा कर्ता नःहो, केवल करुणा हो। सेवा का अर्थ हे स्वयं को मिटाकर स्वयंको मिटा कर॰ सबगें स्वयं को देखो में देखना।  বুমযৌ  यही सेचा हे॰ यही साथना ह यही पंथ ह।७७ जव तक 'दूसरा' हे॰ तब तक सेवा अथूरी ह।  जय आपःकिसी की सेवा करते हता यास्तय मे॰ आप स्वयं कीही सेचा कर रहे हें, क्योकि  बह ' दूसरा' आपसे अलग नहीं हे। बंदगी साहेब जी सप्रेम साहेब Nkp सदगुरु कबीर वाणी वचन Dol 6|9 पंथ श्री हुजूर उदितमुनिनाम साहब के प्रवचन जब हम सेवा की बात करते ह तो अक्सर हमारा मन एक सीमित दायरे गें सोचता हे।  कोई भोतिक मदद कोई दान या कोई शारीरिक श्रम यही सेवा की सामान्य समडा हे। लेकिन क्या सेवा का अर्थ इतना सतही ह? सेवा का वास्तविक अर्थ हे अहं से मुक्ति।  जव तक '॰ कर्ता बना रहता हेःतव तक चास्तविक सेचा संभव नहीं ह। सेच। करने वाला  जव तक यह सोचता है कि"मे सेवा कर रहा तय तक बह सेवा के सार को नहीं समझ पाया हे। वास्तविक सेता तव होती ह जव करने वाला गायय हो जाता हे।  जेसे सूर्य प्रकाश देता हे, पर कभी नहीं सोचता " कि चह प्रकाश दे रहा हे।जेसो नदी बहती ह॰ पर कभी नही सोचती किबह किसी की 66 सेवा चही जो अहंसे मुक्त हो, प्यारा बुझा रही हे। यही सेचा का परम स्वरुप हे।  जहा कर्ता नःहो, केवल करुणा हो। सेवा का अर्थ हे स्वयं को मिटाकर स्वयंको मिटा कर॰ सबगें स्वयं को देखो में देखना।  বুমযৌ  यही सेचा हे॰ यही साथना ह यही पंथ ह।७७ जव तक 'दूसरा' हे॰ तब तक सेवा अथूरी ह।  जय आपःकिसी की सेवा करते हता यास्तय मे॰ आप स्वयं कीही सेचा कर रहे हें, क्योकि  बह ' दूसरा' आपसे अलग नहीं हे। बंदगी साहेब जी सप्रेम साहेब Nkp
    15
    10
  • MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    गुरू पारस गुरू पुरष है, गुरू चंदन बास सुबास। सतगुरू पारस जीव के, दीन्हा मुकि निवास।। < साढल কা ೩1 ೯೯೯ बनी धर्मदासाजी Fillar (गुरू पूर्णिमा ) पूर्णिमा आषाढ़ के पावन पर्व पर आप सभी को गुरू पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं! ९३ ।। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब ।। गुरू पारस गुरू पुरष है, गुरू चंदन बास सुबास। सतगुरू पारस जीव के, दीन्हा मुकि निवास।। < साढल কা ೩1 ೯೯೯ बनी धर्मदासाजी Fillar (गुरू पूर्णिमा ) पूर्णिमा आषाढ़ के पावन पर्व पर आप सभी को गुरू पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं! ९३ ।। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब ।।
    12
    18
  • MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    लाख करो पूजा चाहे, तीर्थ करो हजार। जीवो पर दया नहीं, तो सब कुछ बेकार II लाख करो पूजा चाहे, तीर्थ करो हजार। जीवो पर दया नहीं, तो सब कुछ बेकार II
    52
    90
  • MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    ( सत्यनाम सत्यनाम ( सत्यनाम ) = జ్ధి # జ్ఞి # = = 8 गुरू पारस को अन्तरो , जानत हैं सब सन्त। वह लोहा कंचन करे ,ये करि लये महन्त। | गुरू में और पारस पव्थर में अंन्तर है, यह सब सन्त जानते हैं। पारस तो लोहे को सोना ही बनाता है, परन्तु गुरू शिष्य को अपने समान महान बना लेता हैं। सुप्रभात सप्रेम साहेब बांदगी साहेब ( सत्यनाम सत्यनाम ( सत्यनाम ) = జ్ధి # జ్ఞి # = = 8 गुरू पारस को अन्तरो , जानत हैं सब सन्त। वह लोहा कंचन करे ,ये करि लये महन्त। | गुरू में और पारस पव्थर में अंन्तर है, यह सब सन्त जानते हैं। पारस तो लोहे को सोना ही बनाता है, परन्तु गुरू शिष्य को अपने समान महान बना लेता हैं। सुप्रभात सप्रेम साहेब बांदगी साहेब
    10
    15
  • MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    जीव मरा तो जोवित हुआ , मरकर पाया प्रण| अपना आप मिटा दिया, तब जाना भगवन।| अहंकार मिटा , आत्मज्ञान जागा। FOLLOW GOD VLOGS आध्यात्मिक विचार সস ০ মকি০ সান जीव मरा तो जोवित हुआ , मरकर पाया प्रण| अपना आप मिटा दिया, तब जाना भगवन।| अहंकार मिटा , आत्मज्ञान जागा। FOLLOW GOD VLOGS आध्यात्मिक विचार সস ০ মকি০ সান
    10
    13
  • MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    चींटी चावल ले चली, बीच में मिल गई दाल | कहत कबीर दो ना मिले, एक ले दूजी डाल II SKabi Se Sam Sp चींटी चावल ले चली, बीच में मिल गई दाल | कहत कबीर दो ना मिले, एक ले दूजी डाल II SKabi Se Sam Sp
    17
    16
Home
Explore
Wallet
Video