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विस्फोटक जानकारी🔔: विष्णु-सहस्रनाम — वह प्राचीन संस्कृत स्तोत्र जिसमें भगवान विष्णु के करीब 1000 नाम संकलित हैं और जो महाभारत के अनुषासन पर्व में मिलता है; मूल संस्कृत पाठ विकिस्रोत पर भी उपलब्ध है। अद्भुत मोड़: इसमें कुछ नाम (जैसे 'शिव', 'शम्भु' आदि) भी शामिल हैं — यह बताता है कि पुराणिक और दार्शनिक परंपराओं में ईश्वर के बहु-रूपों को एकात्मक दृष्टि से देखा गया है, जैसा आचार्य शंकर की व्याख्या में भी मिलता है। उदाहरण-उद्धरण (संक्षेप): "विष्णुः भूतभव्यभवत्प्रभुः" — शब्दों में ब्रह्म के गुणों का संक्षेप। वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार मंत्र-जप और नियमित पाठ से मापनयोग्य लाभ जैसे तनाव में कमी और कॉर्टिसोल में गिरावट देखी गई है, यानी मन-शरीर पर वास्तविक, शोध-आधारित प्रभाव मिलते हैं। सावधानियाँ भी जरूरी हैं: कुछ आधुनिक लेख और प्रथाएँ इसे ग्रह-दोष निवारण या तात्कालिक भौतिक लाभ का आसान उपाय बताती हैं — आस्था का सम्मान आवश्यक है, पर ज्योतिषीय दावों के पक्ष में वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिलता; इसलिए ऐसे भौतिक दावों को बिना प्रमाण मानना अनुचित है। निष्कर्ष: शास्त्रीय महिमा और आध्यात्मिक अनुभव स्वीकारें, मंत्र-जप के मनोवैज्ञानिक-शारीरिक लाभ अपनाएँ, पर चमत्कारत्मक भौतिक दावों पर वैज्ञानिक सत्यापन माँगें। 🔱📿✨ #विष्णुSahasranama #MantraPower #धर्मऔरतर्क #MantraScience #वेदोंकीवाणी
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