मन के भ्रमों और अतीत की चिंताओं में फँसने के बजाय वर्तमान को प्रेम और सहजता से जीना ही जीवन की सच्ची राह है क्योंकि इस गीत में कवि ने मनुष्य के चंचल मन जीवन की उलझनों और समय के महत्व का भावपूर्ण वर्णन किया है। कवि जीवनभर अच्छा और बुरा समझने की कोशिश करता है लेकिन अंत में उसे एहसास होता है कि अधिकांश उलझनें मन की कल्पनाएँ हैं मनुष्य सही-गलत के विचारों में उलझकर वर्तमान का आनंद खो देता है और जीवन का बहुमूल्य समय व्यर्थ कर देता है। बचपन की यादें पुराने मित्र और बीते दिन बार-बार मन को विचलित करते हैं। मन कभी हँसता है कभी रोता है और लगातार बदलता रहता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल वचन,मिलता पथ को प्रमाण ना सब मन का खेला , #Meelta Path Ko Praman Naa Sab Man Kaa Khela, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
आध्यात्मिक दार्शनक Hindi Song, Bhojpuri Song,