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Jan-Kranti hindi news bulletin
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'फिल्मकार ऋत्विक घटक पर महत्वपूर्ण चर्चा और दो पुस्तकों का विमोचन जाहिद खान एवं जयनारायण प्रसाद द्वारा संपादित पुस्तक ‘ऋत्विक घटक: नव यथार्थवाद सिनेमा का कलात्मक सर्जक’ का हुआ विमोचन मुंबई,महाराष्ट्र ( जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 13 अप्रैल 2026, )। ऋत्विक घटक (1925 –1976) बांग्ला सिनेमा के उन महान फिल्मकारों में हैं जिन्होंने बंगाल विभाजन की पीड़ा, विस्थापन, शरणार्थी जीवन और सामाजिक विघटन को अपनी फिल्मों में गहरी संवेदना और वैचारिक तीक्ष्णता के साथ चित्रित किया। उनका सिनेमा यथार्थवाद, मेलोड्रामा, ब्रेख्तियन शैली, मिथकीय प्रतीक और अभिव्यक्तिवादी ध्वनि के अनोखे संयोजन के लिए जाना जाता है। उन्होंने केवल आठ फीचर फिल्में बनाईं, पर उनकी विभाजन त्रयी विशेष रूप से चर्चित रही। जनवादी लेखक संघ एवं स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कल इंदिरा गाँधी हास्पिटल में स्थित विरूंगला केन्द्र, मीरा रोड में आयोजित कार्यक्रम में जाहिद खान एवं जयनारायण प्रसाद द्वारा संपादित पुस्तक ‘ऋत्विक घटक: नव यथार्थवाद सिनेमा का कलात्मक सर्जक’ का विमोचन हुआ। इसी अवसर पर जाहिद खान द्वारा अनुवादित कृष्ण चंदर का उर्दू नाटक ‘दरवाजा खोल दो’ (हिंदी अनुवाद) का भी विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता पुलक चक्रवर्ती ने बताया कि, ऋत्विक घटक मार्क्सवादी विचारधारा से गहराई से प्रभावित थे। उन्होंने 1948 में भारतीय जन नाट्य संघ (IPTA) से जुड़कर अपनी सांस्कृतिक यात्रा शुरू की, जो उस समय भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआय) का सांस्कृतिक मोर्चा था। विभाजन, अकाल और सामाजिक अन्याय ने उन्हें मार्क्सवाद की ओर आकर्षित किया। वे आईपीटीए के सक्रिय सदस्य रहे, नाटक लिखे-निर्देशित किए और 1951 में पार्टी के लिए ‘ऑन द कल्चरल फ्रंट’ नामक महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार किया, जिसमें उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी की सांस्कृतिक नीति पर जोर दिया कि कला को जनता की पीड़ा और आकांक्षाओं को व्यक्त करना चाहिए। हालांकि उनका जुड़ाव केवल संगठनात्मक नहीं था — वे सच्चे अर्थों में क्रांतिकारी कलाकार थे। मार्क्सवाद उनकी फिल्मों की रीढ़ बना रहा — उनकी रचनाएँ पूंजीवाद की विनाशकारी प्रवृत्तियों, वर्ग संघर्ष, विभाजन की त्रासदी और बौद्धिक संकट के खिलाफ निरंतर विद्रोह का रूप लेती रहीं। घटक ने कला के माध्यम से मानवता और सामाजिक न्याय के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता निभाई। उनकी प्रसिद्ध फिल्म मेघे ढाका तारा शरणार्थी परिवार की त्रासदी के माध्यम से स्त्री-त्याग और शोषण की मार्मिक कथा कहती है और उनकी सर्वश्रेष्ठ कृति मानी जाती है। कोमल गांधार थिएटर आंदोलन और सांस्कृतिक पुनर्मिलन की आकांक्षा को राजनीतिक विभाजन के संदर्भ में प्रस्तुत करती है, जबकि सुवर्णरेखा विस्थापन, जाति-वर्ग और नैतिक संकट की दार्शनिक पड़ताल करती है। अजान्त्रिक में मनुष्य और मशीन के संबंध को प्रतीकात्मक ढंग से दिखाया गया है। बांग्लादेश में बनी तितास एक्टी नदीर नाम एक लुप्त होती नदी-सभ्यता की महाकाव्यात्मक कथा है, जबकि जुक्ति, तक्को आर गप्पो राजनीतिक बहस और बौद्धिक संकट पर आधारित अर्ध-आत्मकथात्मक फिल्म है। उनकी प्रारंभिक फिल्म नागरिक और बाड़ी थेके पालिए भी उल्लेखनीय हैं। कार्यक्रम में अनारकली ऑफ आरा और कागज-2 जैसी सामाजिक-राजनीतिक मुद्दे पर आधारित फिल्में, और रात बाकी है व शी नामक क्राइम-ड्रामा सीरीज़ बना चुके फिल्म निर्देशक अविनाश दास ने कहा, “ऋत्विक घटक का सिनेमा सबसे ज़्यादा ओरिजिनल सिनेमा है। उन्होंने सिनेमा का पूरा व्याकरण खड़ा किया है। उनका कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ाव केवल संगठनात्मक नहीं था, इसलिए जब उन्हें लगा कि वह इस संगठन के साथ बहुत दूर तक नहीं जा सकते, तो उन्होंने संगठन छोड़ दिया।” अविनाश दास ने एक फिल्म डायरेक्टर की विवशताओं का जिक्र करते हुए बताया कि फिल्म बनाने में कितनी मशक्कत, चिरौरी और तानों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने डॉ. चंद्र प्रकाश द्विवेदी के हवाले से कहा कि “डायरेक्टर का जन्म अपमानित होने के लिए होता है।” ऐसे में ऋत्विक घटक द्वारा अपनी शर्तों पर सिनेमा बनाना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने मीरा रोड के स्वर संगम फाउंडेशन की तुलना कलकत्ता के उस सृजनात्मक माहौल से की, जिसमें ऋत्विक घटक और मृणाल सेन एक-दूसरे को सहयोग देते थे। मुंबई विश्व विद्यालय के हिन्दी विभाग के भूतपूर्व प्रोफेसर डॉ.हूबनाथ पांडे ने ऋत्विक घटक की फिल्मों को समझने के अपने शोध संस्मरण साझा किए और बताया कि बंगाली न समझने के बावजूद उन्होंने विजुअल्स के सहारे घटक की फिल्मों को देखा। उन्होंने ‘खुद्दार’ फिल्म में अमिताभ बच्चन के सीन का उदाहरण देकर परसानीफिकेशन की घटक की अनोखी अवधारणा पर प्रकाश डाला। डॉ. पांडेय ने हर महीने कम से कम एक फिल्म दिखाने की पेशकश की और कहा कि हमें फिल्में देखना सीखना होगा। उन्होंने फिल्म सोसाइटी की स्थापना की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “बी. शांताराम की फिल्म सोसाइटी बंद हो चुकी है। इसकी शुरुआत मीरा रोड से की जा सकती है। मेरे पास दस हजार फिल्मों का संकलन है।” पुस्तक के संपादक जाहिद खान ने बताया कि हिंदी पट्टी में ऋत्विक घटक को मुख्यतः ‘मधुमती’ और ‘मुसाफिर’ जैसी फिल्मों के स्क्रिप्ट लेखन के लिए जाना जाता है, जबकि उनका नाम मृणाल सेन और सत्यजीत राय के साथ क्लासिकल डायरेक्टर के रूप में लिया जाता है। उन्होंने ऋत्विक घटक को मूल रूप से नाटककार बताया, जो आईपीटीए से जुड़े रहे और बाद में सिनेमा की ओर मुड़े क्योंकि सिनेमा के पास अधिक दर्शक थे। जाहिद खान ने कहा कि घटक कला के माध्यम से मानवता और मानवीय मूल्यों को क्षरण से बचाने के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे। उन्होंने श्रोताओं से अपील की कि ऋत्विक घटक के पूरे व्यक्तित्व और कृतित्व को समझने के लिए यह पुस्तक अवश्य पढ़ें। जलेस के केन्द्रीय कमिटी सदस्य संजय भिसे ने कहा कि, ऋत्विक घटक का महत्व इस बात में है कि उन्होंने सिनेमा को मात्र मनोरंजन नहीं माना, बल्कि उसे इतिहास, राजनीति और मानवीय संवेदना का माध्यम बनाया। उनकी फिल्मों में विभाजन की त्रासदी निजी जीवन की कहानियों से जुड़कर व्यापक सामाजिक और राष्ट्रीय संदर्भ ग्रहण करती है। उन्होंने सिनेमा की भाषा को नए ढंग से गढ़ते हुए दर्द को विद्रोह और कविता में रूपांतरित किया, जिससे उनका सिनेमा आज भी गहरे प्रभाव के साथ याद किया जाता है। मराठी फिल्म उद्योग क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने अपने बच्चों के नाम ऋत्विक घटक से प्रभावित होकर ऋत्विक रखा है। कलकत्ता से विशेष रूप से आए जयनारायण प्रसाद ने सत्यजीत राय, मृणाल सेन और ऋत्विक घटक के बीच के संबंधों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ‘मेघे ढाका तारा’ फिल्म का विशेष उल्लेख किया और कहा कि विभाजन की पीड़ा और शरणार्थियों की समस्या को इस फिल्म में अद्भुत रूप से प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम में रंगमंच और सिनेमा अभिनेता अजय रोहिल्ला ने ऋत्विक घटक के सिनेमा की स्ट्रांग विजुअल सेंस की तारीफ की। सिने पत्रकार हरि मृदुल ने बताया कि घटक बड़े कथाकार भी थे और उनकी कहानियों का अनुवाद ‘संभावना प्रकाशन’ से आया है। सिने जगत से जुड़े फरीद खान ने भी ‘मेघ ढके तारा’ का उल्लेख करते हुए ऋत्विक घटक को यथार्थवादी सिनेमा का महत्वपूर्ण हस्ताक्षर बताया। हृदयेश मयंक, चेयरमैन, स्वर संगम फाउंडेशन एवं अध्यक्ष, विरूंगला केन्द्र, मीरा रोड ने बताया कि प्रो. हूबनाथ पांडेय के प्रस्ताव पर स्वर संगम फाउंडेशन शीघ्र ही कमेटी की बैठक बुलाकर फिल्म सोसाइटी संबंधी विचार करेगी। कार्यक्रम का संचालन रमन मिश्र ने किया। हरिप्रसाद राय ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए इस समृद्ध करने वाला अनुभव बताया। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #📚कविता-कहानी संग्रह #🆕 ताजा अपडेट ##india_jankranti_news, #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #moj_content
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भाकपा माले की ताजपुर प्रखंड कमिटी की बैठक संपन्न, लिया गया संगठनात्मक व आंदोलनात्मक निर्णय जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट महंगाई, बेरोजगारी, किसान- मजदूरों की बदहाली, बिजली आपूर्ति की अनियमितता, राशन वितरण में गड़बड़ी, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर गांव-गांव चलाया जायेगा अभियान समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 12 अप्रैल 2026)। भाकपा माले ताजपुर प्रखंड कमिटी की बैठक रविवार को नगर परिषद क्षेत्र के गांधी चौक पर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में संगठन की मजबूती, सदस्यता अभियान तेज करने तथा जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन चलाने समेत 15 अप्रैल को राज्य सम्मेलन के डेलीगेट चुनाव में समस्तीपुर शहर मालगोदाम चौक स्थित जिला कार्यालय में निर्वाचक मंडल के सदस्यों से वोटिंग कराने, कल्याणपुर के वीरसिंगपुर में 18-19 अप्रैल को आहूत जिला सम्मेलन, 16-17-18 मई दरभंगा में आहूत राज्य सम्मेलन की सफलता को लेकर कोष संग्रह करने, पंचायत, लोकल कमिटी एवं शाखा की बैठक करने, सम्मेलन का प्रचार-प्रसार एवं पर्चा वितरण करने आदि का निर्णय लिया गया। बैठक में विचार व्यक्त करते हुए सदस्यों ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, किसान- मजदूरों की बदहाली, बिजली आपूर्ति की अनियमितता, राशन वितरण में गड़बड़ी, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर गांव-गांव अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित कर लोगों को संगठित किया जाएगा और चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। प्रखंड कमिटी ने सभी पंचायतों में शाखा कमिटी सक्रिय करने, नए सदस्यों को जोड़ने तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने का भी निर्णय लिया। साथ ही निकट भविष्य में प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई। बैठक में प्रखंड कमिटी के सदस्य ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, संजीव राय, राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर महतो, प्रभात रंजन गुप्ता, आसिफ होदा, मनोज कुमार सिंह, मो० एजाज, रंजू कुमारी, जीतेंद्र सहनी, ललन दास आदि उपस्थित थे। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Samastipur news ##Bihar politics
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कुकुरमुत्ते की तरह बिहार में खुल रहे निजी स्कूल नेपाल की तरह बिहार में भी अंकुश लगाने की सरकार से मांग जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट पड़ोसी देश नेपाल में बनी सरकार ने निजी विद्यालयों को बंद कर दुनिया में मिसाल कायम किया है: भाग्य नारायण चौधरी मोतिहारी,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 12 अप्रैल, 2026)। कुकुरमुत्ते की तरह बिहार में खुल रहे निजी स्कूल व कोचिंग सेंटर पर अंकुश लगाने की सरकार से मांग भाग्य नारायण चौधरी, सेवा निवृत कार्यालय अधीक्षक पूर्वी चम्पारण समाहरणालय, मोतिहारी सह पूर्व राज्याध्यक्ष बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, गोपगुट, बिहार, पटना सह मुख्य सलाहकार बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, गोपगुट, बिहार, पटना सह मुख्य संरक्षक पूर्वी चम्पारण, जिला महासंघ गोप सम्मानित अध्यक्ष गुट, मोतिहारीसह बिहार अनु० कर्मचारी संघ, पूर्वी चम्पारण सह सचिव नगर निगम कर्मचारी महासंघ, पूर्वी चम्पारण, सह जिला कमिटी सदस्य भाकपा माले, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी सह Mediator जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी ने माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, पटना, मंत्री, शिक्षा विभाग, पटना, मुख्य सचिव, बिहार, पटना के साथ ही प्रधान सचिव, शिक्षा विभाग, पटना से पत्र सं. 46/26 तिथि 10 अप्रैल 2026 के माध्यम से मांग करते हुऐ कहाँ है की बिहार में कुकुरमुत्ते की तरह निजी स्कूलों को खोल कर छात्रों, अभिभावकों को मनमानी पूर्वक लूटने वाले स्कूलों को नेपाल की तरह बंद करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में यह भी निम्न लिखित तथ्यों को प्रस्तुत किया है- 1. कि मन माने तौर पर प्रवेश शुल्क, मासिक शुल्क, वाहन शुल्क, किताब कॉपी, पोशाक एंव अन्य शुल्क, पुन:नामांकन शुल्क वसूले जाते हैं! 2. कि सरकार द्वारा निर्धारित 25% गरीब, कमजोर छात्रों के नाम पर खाना पूर्ति करने की साजिस में स्कूलों के शिक्षक अन्य कर्मचारी के बच्चो के नाम पंजी कृत कर उनके लिए प्राप्त अनुदान का फर्जीवाडा किया जाता है! 3. कि समय समय पर अन्य विशेष शुल्क वसूले जाते हैं! सर्व विदित है कि हाल ही में पड़ोसी देश नेपाल में बनी सरकार ने निजी विद्यालयों को बंद कर दुनिया में मिसाल कायम किया है! साथ ही यह किया गया है कि समान शिक्षा नीति के तहत सरकार के मंत्री, संतरी से लेकर आम खास के बच्चे एक साथ एक ही तरह के विद्यालयों में पढ़ेंगे! जनहित, बिहार के आम जनता के हित में सादर अनुरोध किया है कि बिहार के सभी लुट के शोषक निजी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लेने की कृपा की जाय ! मिलेगी! इस कार्य से पूरे सूबे बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश दुनिया में श्रेयस्कर संवाद जाएगा और बड़ी ख्याति मिल सकती हैं। पत्र की प्रतिलिपि सभी जिला पदाधिकारी को सकारात्मक प्रतिवेदन भेजने का अनुरोध किया हैं। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #moj_content #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट ##education ##india_jankranti_news,
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हाई स्कूल में सीखी गई सबसे महत्वपूर्ण सीख – जीवन बदल देने वाला अनुभव : हाई स्कूल ने मुझे जिम्मेदारी का एहसास कराया। समय पर स्कूल जाना, होमवर्क पूरा करना और परीक्षा की तैयारी करना — ये सभी चीजें जीवन में अनुशासन लाने में मदद करती हैं। इंडिया जनक्रांति न्यूज़ डेस्क (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 11 अप्रैल 2026)। हाई स्कूल का समय हर छात्र के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दौर होता है। यही वह समय होता है जब हम केवल किताबों से ही नहीं, बल्कि जीवन जीने के तरीके भी सीखते हैं। मैंने भी हाई स्कूल में कई चीजें सीखी, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण सीख थी — समय का महत्व और आत्मविश्वास की ताकत। हाई स्कूल में पढ़ाई का दबाव धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। पहले जहाँ पढ़ाई आसान लगती थी, वहीं हाई स्कूल में हर विषय चुनौतीपूर्ण बन जाता है। शुरुआत में मुझे भी पढ़ाई को लेकर कठिनाई महसूस हुई। कई बार अच्छे अंक नहीं मिले, जिससे आत्मविश्वास कम होने लगा। लेकिन इसी दौरान मेरे एक शिक्षक ने मुझे समझाया कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी होती है। मैंने धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या बदलनी शुरू की। समय पर पढ़ाई करना, लक्ष्य तय करना और नियमित अभ्यास करना शुरू किया। कुछ ही महीनों में मुझे फर्क दिखने लगा। पढ़ाई आसान लगने लगी और परीक्षा में अच्छे अंक आने लगे। तब मुझे समझ आया कि मेहनत और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। हाई स्कूल में मैंने टीमवर्क का महत्व भी सीखा। समूह में पढ़ाई करने से कठिन विषय भी आसान लगने लगते थे। दोस्त एक-दूसरे की मदद करते थे और पढ़ाई के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ता था। इससे यह भी समझ आया कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सहयोग बहुत जरूरी है। इसके अलावा हाई स्कूल ने मुझे जिम्मेदारी का एहसास कराया। समय पर स्कूल जाना, होमवर्क पूरा करना और परीक्षा की तैयारी करना — ये सभी चीजें जीवन में अनुशासन लाने में मदद करती हैं। यही अनुशासन आगे चलकर करियर और जीवन में सफलता दिलाता है। अंत में, हाई स्कूल से मैंने यही सीखा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की असली कुंजी है। हाई स्कूल का वह समय आज भी मेरे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण सीखों में शामिल है, जिसने मुझे आगे बढ़ने और हर चुनौती का सामना करने की ताकत दी। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। ##education ##Samastipur news #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #moj_content #🆕 ताजा अपडेट
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समस्तीपुर बना अपराधियों का गढ़..? हालिया घटनाओं से बढ़ी चिंता, पुलिस पर उठ रहे सवाल जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट आखिर अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ क्यों नहीं रह गया है। समस्तीपुर,बिहार(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 11 अप्रैल 2026)।समस्तीपुर जिले में हाल के दिनों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने आम जनता के बीच डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। चोरी, लूट, हत्या और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे लोगों का विश्वास कानून-व्यवस्था पर कमजोर पड़ता दिख रहा है। हालिया घटना ने बढ़ाई दहशत: बीते दिनों जिले में एक ताजा आपराधिक घटना ने लोगों को और ज्यादा डरा दिया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ क्यों नहीं रह गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। कई मामलों में पीड़ितों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कार्रवाई में देरी होती है, जिससे अपराधियों के हौसले और बुलंद हो जाते हैं। हालांकि, Bihar Police का कहना है कि जिले में लगातार गश्ती बढ़ाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है और विशेष अभियान चलाकर अपराध पर नियंत्रण पाने की कोशिश की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध बढ़ने के पीछे बेरोजगारी, शिक्षा की कमी और सामाजिक असंतुलन जैसे कारण भी जिम्मेदार हैं। साथ ही, कुछ मामलों में स्थानीय दबाव और संसाधनों की कमी भी पुलिस की कार्यप्रणाली को प्रभावित करती है। निष्कर्ष: समस्तीपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर उठ रहे सवाल प्रशासन के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो, ताकि जिले में शांति और सुरक्षा का माहौल फिर से कायम हो सके। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #🆕 ताजा अपडेट #moj_content ##Samastipur news #📢 ताज़ा खबर 🗞️
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भारत की एक 'वंडर गर्ल'— रबानी जॉली रबानी जौली का अनूठा हुनर आँखों पर पट्टी बांधकर भी दुनिया को देख सकती है..? जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट रबानी जौली की कहानी हमें सिखाती है कि यदि आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत का साथ हो, तो असंभव शब्द भी शब्दकोश से मिटाया जा सकता है। इंडिया जनक्रांति न्यूज़ डेस्क (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय 10 अप्रैल 2026)। क्या आपने कभी ऐसी किसी प्रतिभा के बारे में सुना है जो अपनी आँखों पर पट्टी बांधकर भी दुनिया को देख सकती है.? यह जादुई लग सकता है, लेकिन यह हकीकत है, हमारी 'वंडर गर्ल' रबानी जौली, जिन्हें लोग वंडर गर्ल का नाम से जानते है। रबानी एक असाधारण 'ब्लाइंडफोल्ड चैलेंज' एक्सपर्ट हैं। जब वह आँखों पर गहरी पट्टी बांधती हैं, तो उनकी अन्य इंद्रियाँ एक अद्भुत स्तर पर सक्रिय हो जाती हैं। बिना देखे किताबें पढ़ना, रंगों की पहचान करना, यहाँ तक कि बेहद बारीकी से मेकअप करना उनके लिए बाएं हाथ का खेल है। उनकी यह क्षमता किसी चमत्कार से कम नहीं लगती, जो यह साबित करती है कि इंसान का सामर्थ्य केवल आँखों तक सीमित नहीं है। लेकिन रबानी की प्रतिभा केवल दृष्टि की सीमाओं को पार करने तक सीमित नहीं है। उनकी बुद्धिमत्ता और भाषाई ज्ञान विश्व स्तर का है। वे 500 से अधिक भाषाओं को न केवल पहचान सकती हैं, बल्कि उनका अंग्रेजी में धाराप्रवाह अनुवाद भी कर सकती हैं। भाषाओं का यह विशाल भंडार उन्हें एक वैश्विक सेतु बनाता है। उनकी इस अद्भुत क्षमता ने दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रबानी को कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए उन्हें प्रतिष्ठित 'ओएमजी वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' (OMG World Book of Records) में भी शामिल किया गया है, जो उनके नाम की एक बड़ी उपलब्धि है। रबानी जौली की कहानी हमें सिखाती है कि #moj_content #📚कविता-कहानी संग्रह ##india_jankranti_news, #🆕 ताजा अपडेट यदि आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत का साथ हो, तो असंभव शब्द भी शब्दकोश से मिटाया जा सकता है। वह न केवल भारत का गौरव हैं, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए एक मशाल हैं जो खुद को सीमाओं में बंधा हुआ महसूस करते हैं। रबानी का जीवन हमें याद दिलाता है कि हमारी असली दृष्टि हमारे मन और संकल्प में होती है। वह वास्तव में एक 'वंडर गर्ल' हैं, जो अपनी प्रतिभा से अंधेरे में भी उम्मीद की किरणें बिखेर रही हैं। उनकी यात्रा जारी है, और पूरी दुनिया उनकी अगली उपलब्धि की प्रतीक्षा कर रही है। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।
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मैं तुमसे दूर नहीं तुम मेरे पास हो , समय मेरे साथ है, तुम्हीं मेरे खास हो , मैं तुमसे...??? 🖋️प्रमोद कुमार सिन्हा, बाघी मैं तुमसे दूर नहीं , तुम मेरे पास हो , समय मेरे साथ है, तुम्हीं मेरे खास हो , मैं तुमसे...... एक साल का हुआ , दस अप्रैल मास है , तेरा हाथ मेरे माथे पर , यही तो अरदास है , मैं तुमसे..... भूल जाता हूँ कभी , याद पल पल दिलाते हो, कृपा बरसती रहती है हर वक़्त तुम बुलाते हो, मैं तुमसे...... कैसे बखानू शब्द नहीं , गहरी नींद में सुलाते हो , तुम्हारे समान कोई नहीं , अनहद सुना जगाते हो , मैं तुमसे..... याद तुम्हारी तड़पाती है , दर्शन बहुत दिन बीत गये , एक बार आबाज दे दो , समझूं समय को जीत गये , मैं तुमसे..... लायक कहाँ था मैं , तुमने लायक बना दिया, तेरी मेहरवानी तेरी कृपा , मौन रहना सीखा दिया , मैं तुमसे.... घंटों बैठने की तमन्ना है , गर दृष्टि पड़ जाये , आऊँ तो गले लगा लेना , जिंदगी मेरा सुधर जाये, मैं तुमसे...... जल्दबाजी नहीं है मुझे , जिस हाल में तुम रखो , अंतरदृष्टि डालो एकबार , हृदय में बसाकर देखो , मैं तुमसे....... अमृत रस तो पीला रहे , आनन्द का घूँट पीला दो , तड़प रहा जन्मान्तर से , जंचर पॉइंट पर पहुँचा दो, मैं तुमसे दूर..... तंग हो गया दुनियादारी से, प्रीत का घूँट तो पीला दो , मुक्ति की तमन्ना भी नही , मस्ती भरा जाम पीला दो , मैं तुमसे...... प्रमोद को कुछ नहीं चाहिये, बस अपने समान बना लो , जैसा भी हूँ हूँ तुम्हारा ही , एकबार अंक से लगा लो , मैं तुमसे...... जन्मदिन विशेष : आज मेरा आध्यात्मिक जन्म दिन है औऱ सर्टिफिकेट जन्म भी मेरी विनती गुरुदेव को समर्पित 👆प्रकाशन हेतु प्रेषित, प्रमोद कुमार सिन्हा केन्द्रीय ब्यूरो चीफ जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन द्वारा संप्रेषित व समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशित व प्रसारित। #📚कविता-कहानी संग्रह #moj_content ##Begusarai_jankranti_News ##कडवा सच
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पश्चिम एशिया में युद्ध विराम समय की पुकार : एडवोकेट डॉ संजय कुमार बबलू जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट आज पूरा विश्व सामूहिक रूप से अल्लाह का शुक्र अदा कर रहा है क्योंकि उसने अमन का दिखाया रास्ता समस्तीपुर, बिहार ( जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 09 अप्रैल 2026)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान युद्धविराम की घोषणा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत मिली है। पूरे भारत सहित समस्तीपुर बिहार में भी खुशी की लहर दौड़ गई है।युद्धविराम की खबर मिलते ही एन जी ओ संघ बिहार के सचिव एडवोकेट डॉ संजय कुमार बबलू ने युद्ध में शामिल देशों के प्रति आभार जताया और कहा विश्व शांति और मानवता की सलामती के लिए संपूर्ण विश्व के आवाम इबादत कर रहे थे। एडवोकेट डॉ संजय ने कहा कि यह युद्धविराम किसी एक राष्ट्र, समुदाय या धर्म की जीत नहीं, बल्कि पूरी 'इंसानियत' की जीत है। युद्ध हमेशा विनाश लाता है, जबकि संवाद से ही समस्याओं का हल संभव है। उन्होंने आगे कहा, "हम इस फैसले का तहे दिल से स्वागत करते हैं क्योंकि इससे दुनिया में शांति और भाईचारे की उम्मीद और भी मजबूत हुई है। पूरा विश्व सामूहिक रूप से अल्लाह का शुक्र अदा कर रहा है क्योंकि उसने अमन का रास्ता दिखाया। यह एक बड़ी जीत है और इसके लिए हम पूरी दुनिया के उन तमाम लोगों का शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने शांति के लिए आवाज उठाई। डॉ संजय ने कहा कि युद्धविराम से न केवल देशों के बीच तनाव कम होगा, बल्कि युद्ध की विभीषिका झेल रहे आम मासूम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। वसुधैव कुटुंबकम हमारे देश की विरासत रही है हमारे बौद्धिक संदेश ने कई बार विश्व युद्ध से विश्व के आम जनता को बचाया है। विश्व के सभी देशों को विश्व शांति के लिए एकजुट होकर युद्ध के खिलाफ अभियान चलाकर शांति के मंत्र को विश्व में फैलाने की आवश्यकता है। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। ##Samastipur news #🆕 ताजा अपडेट #moj_content #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Yudh viram
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भाकपा - माले द्वारा चुने गये डेलिगेट 18 -19 अप्रैल को कल्याणपुर में आहूत जिला सम्मेलन में लेंगें भाग जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट भाकपा माले जिला सम्मेलन के लिए 21 डेलीगेट चुने गए समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 9 अप्रैल 2026)। कल्याणपुर के वीरसिंगपुर स्थित चंदा विवाह भवन में 18-19 अप्रैल को आहूत भाकपा माले जिला सम्मेलन में भाग लेने को सप्ताहव्यापी चुनाव प्रक्रिया ताजपुर नगर एवं प्रखंड में बृहस्पतिवार को 21 डेलीगेट के नामों की घोषणा के साथ ही संपन्न हो गया। प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी सह प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने सर्वसम्मति से नगर एवं प्रखंड क्षेत्र से 21 डेलीगेटों क्रमशः किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, मनोज कुमार सिंह, संजीव राय, ललन दास, मुंशीलाल राय, मजदूर नेता प्रभात रंजन गुप्ता, शंकर महतो, छात्र नेता जीतेंद्र सहनी, युवा नेता मो० एजाज, मो० शाद एवं मो० क्यूम, फूटपाथी दुकानदार नेता मो० अबुबकर, मनोज साह, मो० गुलाब एवं मुकेश कुमार गुप्ता, आशा एवं रसोईया संघ की रंजू कुमारी, रेखा कुमारी, सविता सिंह, ऐपवा नेत्री सुलेखा कुमारी एवं नीलम देवी आदि प्रमुख हैं।के नामों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ये डेलिगेट जिला सम्मेलन में भाग लेंगे और प्रखंड की समस्याओं एवं संगठन की गतिविधियों को मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला सम्मेलन में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, किसान-मजदूर मुद्दों, महंगाई, बेरोजगारी तथा स्थानीय जनसमस्याओं आदि पर विस्तृत चर्चा की जाएगी साथ ही जिला सम्मेलन संगठन को मजबूत करने और जनसंघर्षों को तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में चुने गए डेलीगेटों से अपील की गई कि वे सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए ताजपुर प्रखंड की समस्याओं को प्रमुखता से रखें। साथ ही सम्मेलन की तैयारी को लेकर कार्यकर्ताओं को गांव-गांव संपर्क अभियान चलाने का अह्वान किया गया। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Bihar politics #🆕 ताजा अपडेट #moj_content ##Samastipur news