बड़े मंगल की हार्दिक शुभकामनाएँ💐 🙏🙏

सुशील मेहता
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22 hours ago
वैश्विक अभिवाहक दिवस हर साल 1 जून को ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स मनाया जाता है। इस वैश्विक दिवस की शुरुआत का एलान संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2012 में किया गया था। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है दुनियाभर के माता -पिता को सम्मान देना है। कई बार कुछ दिन ऐसे होते हैं जिन्हें मानने से रिश्ते और गहरे हो जाते हैं। इस दिन को मनाने का भी यही उद्देश्य है माता -पिता और बच्चों के बीच प्रेम का नाता और भी गहरा हो। इस दिन को विशेष मनाने के लिए बच्चे उन्हें अपनत्व का एहसास जरूर कराएं, आप उनके साथ हर वक्त, हर कठिनाई में खड़े हैं, जिन्होंने आपको यह सुंदर जीवन दिया उन्हें जरूर धन्यवाद दें। यूएन जनरल असेंबली द्वारा 2012 में इसकी घोषणा की गई थी। समूचे विश्व में इस दिवस को मनाया जाता है। इस खास दिन के अवसर पर आप अपने माता पिता के प्रति सम्मान जताने और उनके द्वारा आपके लिए किए गए कार्यों के प्रति शुक्रगुजार का भाव व्यक्त करें। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक मुद्दों को प्राथमिकता से उठाया है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने परिवार से जुड़ें मुद्दों पर फोकस करना शुरू कर दिया था 17 जून 2012 को यूएन द्वारा ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स घोषित करने को लेकर प्रस्ताव पास कर दिया था। प्रस्ताव पास कर कहा गया कि, ‘महासभा सिविल सोसायटी, विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के साथ मिलकर ग्लोबल डे ऑफ पैरेंट्स मनाने का सदस्य देशों को निमंत्रण देती है।’ #शुभ कामनाएँ 🙏
सुशील मेहता
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22 hours ago
विश्व दुग्ध दिवस हर साल 1 जून को विश्व दूध दिवस संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा इस दिन को विश्व दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि डेयरी क्षेत्र का जश्न मनाया जा सके और वैश्विक खाद्य के रूप में दूध उत्पादों के महत्व को उजागर किया जा सके। इसकी शुरुआत 1 जून 2000 को हुई थी। दूध हमारे खानपान का एक मुख्य आहार है। दूध से हमें प्रोटीन मिलता है और यह हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। दूध से कई प्रकार के अन्य खाद्य उत्पाद बनाए जाते हैं। हम हर दिन दूध पीते हैं या फिर दूध से बना कोई न कोई उत्पाद खाते हैं.. विश्व दुग्ध दिवस के पीछे महत्वपूर्ण उद्देश्य लोगों को हमारे जीवन में दूध और डेयरी उत्पादों के महत्व के बारे में जागरूक करना है। पोषण का एक बड़ा स्रोत होने के अलावा दूध और डेयरी उत्पाद दुनिया भर में लगभग एक अरब लोगों के लिए आजीविका का साधन भी हैं। डेयरी उत्पादों का बाजार वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक है। यह दिन भारत के लिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि भारत दुनिया भर में दूध के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है।इस विषय का उद्देश्य नियमित रूप से आहार में दूध और डेयरी उत्पादों को शामिल करने के बारे में हर साल अधिक से अधिक जागरूकता फैलाना है। संगठन का उद्देश्य डेयरी क्षेत्र के लिए कम कार्बन भविष्य बनाने में मदद करके डेयरी फार्मिंग को फिर से शुरू करना है। #शुभ कामनाएँ 🙏
सुशील मेहता
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1 days ago
अधिक मास पूर्णिमा अधिक मास (मलमास या पुरुषोत्तम मास) की पूर्णिमा का हिंदू धर्म में अत्यंत उच्च आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है, जो लगभग 3 वर्षों में एक बार आती है। यह पूर्णिमा भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) को समर्पित है, और इस दिन किया गया स्नान, दान, व्रत और पूजा-पाठ सामान्य पूर्णिमा की तुलना में अनंत गुना अधिक पुण्य फल (अक्षय फल) प्रदान करता है। यह पवित्र तिथि भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ है। अधिक मास पूर्णिमा का महत्व और लाभ:भगवान विष्णु की कृपा: इस दिन भगवान विष्णु (सत्यनारायण रूप) और देवी लक्ष्मी की पूजा करने से सुख, सौभाग्य, धन और ऐश्वर्य में वृद्धि होती है।पापों का नाश: मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से पूर्व जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और आत्मिक शुद्धि होती है।अक्षय पुण्य: इस दिन किए गए स्नान (विशेषकर गंगा या पवित्र नदियों में) और दान का फल कल्पवृक्ष के समान अक्षय (कभी न खत्म होने वाला) माना जाता है।पितरों का आशीर्वाद: यह पूर्णिमा पितरों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त करने और उनके श्राद्ध के लिए भी अत्यंत शुभ मानी जाती है।मनोकामना पूर्ति: यह तिथि कल्पवृक्ष के समान भक्तों की सभी इच्छाओं को पूरा करने वाली मानी जाती है। इस दिन क्या करें?स्नान-दान: पवित्र नदियों में स्नान करें या घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें, फिर निर्धनों को दान दें।सत्यनारायण पूजा: घर पर भगवान सत्यनारायण की कथा सुनें या पढ़ें।दीपदान: भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाएं, विशेषकर पीपल या तुलसी के पास।वृक्षारोपण: पीपल, वट या गूलर का पेड़ लगाने से अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है।संक्षेप में, यह दिन आध्यात्मिक उत्थान, मानसिक शांति और सांसारिक सुखों की प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। #शुभ कामनाएँ 🙏