sn vyas
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#कर्म #कर्म ही पूजा है #श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक ॐ #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏💐श्रीमद्भागवत गीता💐🙏 bhagwat geeta 🙏🙏🛐ॐ श्री परमात्मने नमः🛐🙏🙏 🙏कर्म का सिद्धांत पुस्तक से 🙏 #भाग_२५/५ 🏹🎻🪔📝🦚🔥🦚📝🪔🎻🏹 🦚प्रारब्ध तो भोगने से ही छुटकारा मिलता है🦚 🔥(बुद्धि कर्मासारिणी)🔥 एक चींटे का प्रारब्ध, मोटर के नीचे दब कर मरने का निर्माण हुआ हो ,, तो वह चीटा जब सड़क पर से गुजरता हो और मोटर सामने से आती देख के तुरंत ही अपने बचाव की प्रबल इच्छा से घबराया हुआ दौड़ती हुई मोटर के पहिए की ओर ही दौड़ पड़ेगा ,, और पीस कर मर जाएगा । *बचने की इच्छा से दौड़ने का किया हुआ पुरुषार्थ उसके प्रारब्ध के अनुसार उसकी बुद्धि उसको मोटर के पहिए की तरफ ही दौड़ आएगी। उसके प्रारब्ध के अनुसार उसको बुद्धि सूझेगी और जानबूझकर पुरुषार्थ करके भी मोटर के पहिए के नीचे पिस कर अपना प्रारब्ध भोगेगा।* *कोई भी पुरुषार्थ न करें और जहां है ,, वहीं खड़ा रहे तो बच जाए ,,, किंतु उसका प्रारब्ध भुगताने के लिए उसकी बुद्धि उसको चक्के की ओर दौड़ने की प्रेरणा करेगी ,,, प्रारब्ध भोगने में बुद्धि कर्म का अनुसरण करती है ,,, जैसा कर्म जैसी बुद्धि सूझेगी।* *गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं ---* 💜💫💦🩸🍃🎈🌾🌻🌼🌞🔥 *तुलसी जसि भवतब्यता तैसी मिलइ सहाय।* *आपुनु आवइ ताहि पहि ताहि तहाँ लै जाय ॥* *जो होना निश्चित हो , वहां आप का प्रारब्ध आप को घसीटते हुए ले जाएगा या तो घसीटते हुए आपके पास चला आएगा ,,, और किसी भी तरह आपको प्रारब्ध फल देकर ही आपका पीछा छोड़ेगा।* *प्रारब्ध के कारण बड़े बड़े ज्ञानी और महान बुद्धिशाली की बुद्धि भी उल्टी हो जाती है। पुराण और शास्त्र उसके साक्षी दे रहे हैं कि ---* *असंभवं हेम मृगस्य जन्म* *तथापि रामो लुलुभे मृगाय।* *प्राय:समापन्न विपत्ति काले* *धीयोअपि पुंसाम् मलिनी भवन्ति।* 🏹🎻🪔📝🦚🔥🦚📝🪔🎻🏹 *सोने का मृग होना असंभव होने पर भी राम जैसा राम भी उसमें लुभा गए क्योंकि आगे कोई महान प्रारब्ध निर्माण हो चुका है ,,, इसलिए वह भोगने के लिए महा बुद्धि शाली आदमी की बुद्धि प्रारब्ध की ओर गमन करती है।* क्रमश: आगे अब छठवाँ भाग ✍🏽
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