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MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
MEKHRAM SAHU
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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
बिन मांगें मोती मिले, मांगे मिले न भीख | मांगन से मरना भला, ये सतगुरु की सीख।। बिन मांगें मोती मिले, मांगे मिले न भीख | मांगन से मरना भला, ये सतगुरु की सीख।।
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    2[46 गुरू प्रेम का, बिसरे तन मन का भान | सुख दुःख की चिंता नहीं, हर पल रहे सतगुरू का ध्यान...!! Generated by ONEPLUS Al 2[46 गुरू प्रेम का, बिसरे तन मन का भान | सुख दुःख की चिंता नहीं, हर पल रहे सतगुरू का ध्यान...!! Generated by ONEPLUS Al
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    जीवन में नाम का प्रकाश ही सबसे बड़ा सहारा है। जब नाम से प्रेम हो जाता है, तब हर अंधकार मिट जाता है और भीतर शांति का उदय होता है। पंथ श्री हुजूर प्रकाश मुनि नाम साहेब जीवन में नाम का प्रकाश ही सबसे बड़ा सहारा है। जब नाम से प्रेम हो जाता है, तब हर अंधकार मिट जाता है और भीतर शांति का उदय होता है। पंथ श्री हुजूर प्रकाश मुनि नाम साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    ( सत्यनाम सत्यनाम ( सत्यनाम ) = జ్ధి # జ్ఞి # = = 8 गुरू पारस को अन्तरो , जानत हैं सब सन्त। वह लोहा कंचन करे ,ये करि लये महन्त। | गुरू में और पारस पव्थर में अंन्तर है, यह सब सन्त जानते हैं। पारस तो लोहे को सोना ही बनाता है, परन्तु गुरू शिष्य को अपने समान महान बना लेता हैं। सुप्रभात सप्रेम साहेब बांदगी साहेब ( सत्यनाम सत्यनाम ( सत्यनाम ) = జ్ధి # జ్ఞి # = = 8 गुरू पारस को अन्तरो , जानत हैं सब सन्त। वह लोहा कंचन करे ,ये करि लये महन्त। | गुरू में और पारस पव्थर में अंन्तर है, यह सब सन्त जानते हैं। पारस तो लोहे को सोना ही बनाता है, परन्तु गुरू शिष्य को अपने समान महान बना लेता हैं। सुप्रभात सप्रेम साहेब बांदगी साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    दर्पण जब साफ़ होता है तभी छवि स्वच्छ AGIి) -6957 दिखाई पड़ता है। ठीक ऐसे ही अगर हमें अपने भीतर आत्मतत्व का साक्षात्कार करना है तो अपने अहंकार और स्वार्थ का त्याग करना होगा | ~पंथ श्री हुजूर उदितमुनि नाम साहब अहकार स्वार्थ लोभ त्याय कर अहकार स्वार्थ अहकार और स्वार्थका KABIR DHARMDAS VANSHAVALI Ikabirdharmdasvanshavaliorg दर्पण जब साफ़ होता है तभी छवि स्वच्छ AGIి) -6957 दिखाई पड़ता है। ठीक ऐसे ही अगर हमें अपने भीतर आत्मतत्व का साक्षात्कार करना है तो अपने अहंकार और स्वार्थ का त्याग करना होगा | ~पंथ श्री हुजूर उदितमुनि नाम साहब अहकार स्वार्थ लोभ त्याय कर अहकार स्वार्थ अहकार और स्वार्थका KABIR DHARMDAS VANSHAVALI Ikabirdharmdasvanshavaliorg
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    saheb bandagi group
    #🙏Saprem Saheb Bandagi Saheb🙏 #🙏🙏saheb bandagi saheb🙏🙏
    कबीर सुता क्या करे, जागी न जपे geி 4 दिन तू भी सोवेगा , एक लम्बे पाँव पसारी ।l कबीर साहब कहते हैं की नींद में सोए क्यों रहते हो? अज्ञान ज्ञान की जागूति को हासिल कर परमात्मा का नाम लो। सजग होकर परमात्मा का ध्यान करो। वह दिन दूर नहीं तुम्हें गहन निद्रा में सो ही जाना है जव जब तक जाग सकते हो जागते क्यों नहीं? परमात्मा का साऊय नाम स्मरण क्यों नहीं करते ? काणीर श्री  सदग़रु सुप्रभात धनी धर्मदासजी साहेब सप्रेम साहेब बंदगी साहेब कबीर सुता क्या करे, जागी न जपे geி 4 दिन तू भी सोवेगा , एक लम्बे पाँव पसारी ।l कबीर साहब कहते हैं की नींद में सोए क्यों रहते हो? अज्ञान ज्ञान की जागूति को हासिल कर परमात्मा का नाम लो। सजग होकर परमात्मा का ध्यान करो। वह दिन दूर नहीं तुम्हें गहन निद्रा में सो ही जाना है जव जब तक जाग सकते हो जागते क्यों नहीं? परमात्मा का साऊय नाम स्मरण क्यों नहीं करते ? काणीर श्री  सदग़रु सुप्रभात धनी धर्मदासजी साहेब सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    संत कबीर साहेब जी का संदेश 66 ಹಾಗ, संध्या समय सुमिरन  दिन सब कर्म मिटाय। कहे कबीर जो नाम जपे, কাল নিকম ন 3াম Il 99 भावार्थ जो व्यक्ति सच्चे मन से संध्या समय परमात्मा का नाम स्मरण करता है, उसका मन शांत होता है, बुरे विचार दूर होते हैं और जीवन में आध्यात्मिक प्रकाश बढ़ता है। नाम-सुमिरण ही मनुष्य का सबसे बड़ा सहारा है। कबीर af संध्या समय करें ये पाँच कार्य ईश्वर से दिनभर सबके भले की शांत बैठकर दीप जलाएं सत्संग चाचन যা বোংযায কং कामना करें ಹ अंधकार मिटाएं की क्षमा माँगें বুসিনে' Kabir Bhajan Gyan संध्या का महत्व पर आपको संत कबीर साहेब जी की संध्या का समय आत्मचिंतन , নাস-মুসিতো  अमृतवाणी , प्रेरणादायक दोहे, भजन और और परमात्मा को याद करने का सबसे आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी नईन्नई पोस्ट सुंदर समय है। नियमित रूप से देखने को मिलेंगी | दिनभर की भागदौड़ के बाद कुछ पल प्रभु यदि आप कबीर साहेब जी की शिक्षाओं से जुड़ना के नाम में बिताइए, क्यौंकि यही सच्ची चाहते हैं, तो हमारे Page को Follow करना शांति का मार्ग है। न भूलें | Comment # यदि यह संदेश आपके अपने परिवार व मित्रों Like কং सत साहेब ৪নয কী যেং কং, के साथ Share करें अवश्य लिखें सत साहेब संत कबीर साहेब जी का संदेश 66 ಹಾಗ, संध्या समय सुमिरन  दिन सब कर्म मिटाय। कहे कबीर जो नाम जपे, কাল নিকম ন 3াম Il 99 भावार्थ जो व्यक्ति सच्चे मन से संध्या समय परमात्मा का नाम स्मरण करता है, उसका मन शांत होता है, बुरे विचार दूर होते हैं और जीवन में आध्यात्मिक प्रकाश बढ़ता है। नाम-सुमिरण ही मनुष्य का सबसे बड़ा सहारा है। कबीर af संध्या समय करें ये पाँच कार्य ईश्वर से दिनभर सबके भले की शांत बैठकर दीप जलाएं सत्संग चाचन যা বোংযায কং कामना करें ಹ अंधकार मिटाएं की क्षमा माँगें বুসিনে' Kabir Bhajan Gyan संध्या का महत्व पर आपको संत कबीर साहेब जी की संध्या का समय आत्मचिंतन , নাস-মুসিতো  अमृतवाणी , प्रेरणादायक दोहे, भजन और और परमात्मा को याद करने का सबसे आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी नईन्नई पोस्ट सुंदर समय है। नियमित रूप से देखने को मिलेंगी | दिनभर की भागदौड़ के बाद कुछ पल प्रभु यदि आप कबीर साहेब जी की शिक्षाओं से जुड़ना के नाम में बिताइए, क्यौंकि यही सच्ची चाहते हैं, तो हमारे Page को Follow करना शांति का मार्ग है। न भूलें | Comment # यदि यह संदेश आपके अपने परिवार व मित्रों Like কং सत साहेब ৪নয কী যেং কং, के साथ Share करें अवश्य लिखें सत साहेब
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    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    कबीर कबीर अक्षर अनादि है, वेदों मैं प्रचारः कबीर अक्षर समझाने , साहेब प्रगटे बार बार कबीर अक्षर का कोई जन्म नहीं , नाहिं बिंद आधार; कबीर अक्षर कोई जाति नहीं , नाहिं वर्ण आधार. कबीर अक्षर का कोई रूप नहीं, नाहीं रंग आधार; कबीर अक्षर की कोई रेखा नहीं , चिन्ह नाहीं आधार. कबीर अक्षर पार ब्रह्म है, यही है चेतन सार; कबीर अक्षर जिन जानिया, उतरे भव जल पार. कबीर अक्षर सत्यनाम है, ये ही सत्यपुरुष निरालम्बकार; कबीर अक्षर साहेब है, ये ही दिव्य शब्द सार. कबीर अक्षर ही निःअक्षर है, ये ही सतगुरू ज्ञान; कबीर अक्षर को समझ के, पावे आत्म ज्ञान. कबीर अक्षर को समझना , ये ही खांडे की धार! कबीर अक्षर को जिन समझा , पाया साहेब का दीदार. कबीर अक्षर अनादि है, वेदों मै प्रचार; कबीर अक्षर समझाने , साहेब प्रगटे बार बार. 09 कबीर कबीर अक्षर अनादि है, वेदों मैं प्रचारः कबीर अक्षर समझाने , साहेब प्रगटे बार बार कबीर अक्षर का कोई जन्म नहीं , नाहिं बिंद आधार; कबीर अक्षर कोई जाति नहीं , नाहिं वर्ण आधार. कबीर अक्षर का कोई रूप नहीं, नाहीं रंग आधार; कबीर अक्षर की कोई रेखा नहीं , चिन्ह नाहीं आधार. कबीर अक्षर पार ब्रह्म है, यही है चेतन सार; कबीर अक्षर जिन जानिया, उतरे भव जल पार. कबीर अक्षर सत्यनाम है, ये ही सत्यपुरुष निरालम्बकार; कबीर अक्षर साहेब है, ये ही दिव्य शब्द सार. कबीर अक्षर ही निःअक्षर है, ये ही सतगुरू ज्ञान; कबीर अक्षर को समझ के, पावे आत्म ज्ञान. कबीर अक्षर को समझना , ये ही खांडे की धार! कबीर अक्षर को जिन समझा , पाया साहेब का दीदार. कबीर अक्षर अनादि है, वेदों मै प्रचार; कबीर अक्षर समझाने , साहेब प्रगटे बार बार. 09
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    saheb bandagi group
    #🙏Saprem Saheb Bandagi Saheb🙏 #🙏🙏saheb bandagi saheb🙏🙏
    ।। साहेब बंदगी साहेब ANSI OHARIOAS  ) Si1 ಒ7Lವ % 9 धर्मदास " है,यही सच्चा ज्ञान।  मानव   मानव सब एक मानवता का संचार करे केडीवी मिशन अभियान।।  बस इतना आशीर्वाद ৯ ননা মালিক, आपके शिवा किसी के सामने सिर न झुकाना पड़े I। ।। साहेब बंदगी साहेब ANSI OHARIOAS  ) Si1 ಒ7Lವ % 9 धर्मदास " है,यही सच्चा ज्ञान।  मानव   मानव सब एक मानवता का संचार करे केडीवी मिशन अभियान।।  बस इतना आशीर्वाद ৯ ননা মালিক, आपके शिवा किसी के सामने सिर न झुकाना पड़े I।
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    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    सत्यनाम ४कोटि करम लागे रहै, एक क्रोध की लार। किया कराया सब गया, जब आया अहंकार । इसका अर्थ यह है किः भले ही इंसान ने करोड़ों अच्छे काम क्यों न किए हों, लेकिन जैसे किए ही उसके मन में अहंकार (घमंड) आता है, उसके द्वारा गए सभी अच्छे कर्मों का फल नष्ट हो जाता है। अहंकार इंसान की बुद्धि को भ्रष्ट कर देता है, जिससे उसके अच्छे कर्म भी व्यर्थ हो जाते हैं। इसलिए हमेशा अपने कार्यों में नम्रता और सरलता बनाए रखनी चाहिए। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब सत्यनाम ४कोटि करम लागे रहै, एक क्रोध की लार। किया कराया सब गया, जब आया अहंकार । इसका अर्थ यह है किः भले ही इंसान ने करोड़ों अच्छे काम क्यों न किए हों, लेकिन जैसे किए ही उसके मन में अहंकार (घमंड) आता है, उसके द्वारा गए सभी अच्छे कर्मों का फल नष्ट हो जाता है। अहंकार इंसान की बुद्धि को भ्रष्ट कर देता है, जिससे उसके अच्छे कर्म भी व्यर्थ हो जाते हैं। इसलिए हमेशा अपने कार्यों में नम्रता और सरलता बनाए रखनी चाहिए। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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