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MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
MEKHRAM SAHU
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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
١١ ٣٩٤ ١١ सतगुरु कबीर साहेब की शरण ही जीवन का परम उद्रेश्य है। अब मोहिं दरसन देहु कबीर। 1 अर्थः हे सतगुरु कबीर साहेब! अब आप मुझे अपने साक्षात दर्शन दीजिए। मेरी आत्मा आपके दर्शनों के लिए व्याकुल है। दरस से पाप कटत है, 35R 2 निरमल होत शरीर। अर्थः आपके पावन दर्शन मात्र से ही मनुष्य के जन्म ्जन्मांतर के सारे पाप नष्ट होे जाते हैं, और उसका तनन्मन ( शरीर ) पूरी तरह पवित्र और निर्मल हो जाता है। अमृत भोजन हंसा पावे , 3 खीर।। கி शब्द अर्थः जो जीवात्मा रूपी हंस आपकी शरण में आता है वह आपके सत्य वचनों (शब्दों ) रूपी दूध की खीर अमृत भोजन प्राप्त करता है। अर्थात, उसे परम फ। ज्ञान और परम आनंद की प्राप्ति होती है। जह देखो जहं पाट पटंबर , ओढ़न अम्बर चीर। अर्थः प्रभु की कृपा से अब मैं जहॉ भी देखता हूँ॰ मुझे चारों ओर दिव्य वस्त्र ( पाट पटंबर ) और सतगुरु की कृपा से पाप कटते हैं रेशमी चादरें ही दिखाई देती हैं। इसका ज्ञान मिलता है, और जीवात्मा को है कि गुरु की कृपा से संसार आध्यात्मिक अर्थ के कणन्कण में परमात्मा का वैभव और सत्यलोक का मार्ग प्राप्त होता हैi प्रकाश व्याप्त दिखाई देने लगता है। धरमदास की अरज गुंसाई, 5 हंस लगावो तीर।। মনযুত अर्थः धनी धरमदास साहब की अपने स्वामी (गुंसाई) কনীয মাচন से यही विनम्र विनती है कि इस दास रूपी हंस को (সীঃ ক কিনাই) भवसागर पार कराकर सत्यलाक दीजिए ताकि उसे जन्म-्मरण के चक्र परलगा से मुक्ति मिल सके। ग्ुर शब्द ही सार है उद्घार है सप्रेम साहेब बंदगी साहेब ١١ ٣٩٤ ١١ सतगुरु कबीर साहेब की शरण ही जीवन का परम उद्रेश्य है। अब मोहिं दरसन देहु कबीर। 1 अर्थः हे सतगुरु कबीर साहेब! अब आप मुझे अपने साक्षात दर्शन दीजिए। मेरी आत्मा आपके दर्शनों के लिए व्याकुल है। दरस से पाप कटत है, 35R 2 निरमल होत शरीर। अर्थः आपके पावन दर्शन मात्र से ही मनुष्य के जन्म ्जन्मांतर के सारे पाप नष्ट होे जाते हैं, और उसका तनन्मन ( शरीर ) पूरी तरह पवित्र और निर्मल हो जाता है। अमृत भोजन हंसा पावे , 3 खीर।। கி शब्द अर्थः जो जीवात्मा रूपी हंस आपकी शरण में आता है वह आपके सत्य वचनों (शब्दों ) रूपी दूध की खीर अमृत भोजन प्राप्त करता है। अर्थात, उसे परम फ। ज्ञान और परम आनंद की प्राप्ति होती है। जह देखो जहं पाट पटंबर , ओढ़न अम्बर चीर। अर्थः प्रभु की कृपा से अब मैं जहॉ भी देखता हूँ॰ मुझे चारों ओर दिव्य वस्त्र ( पाट पटंबर ) और सतगुरु की कृपा से पाप कटते हैं रेशमी चादरें ही दिखाई देती हैं। इसका ज्ञान मिलता है, और जीवात्मा को है कि गुरु की कृपा से संसार आध्यात्मिक अर्थ के कणन्कण में परमात्मा का वैभव और सत्यलोक का मार्ग प्राप्त होता हैi प्रकाश व्याप्त दिखाई देने लगता है। धरमदास की अरज गुंसाई, 5 हंस लगावो तीर।। মনযুত अर्थः धनी धरमदास साहब की अपने स्वामी (गुंसाई) কনীয মাচন से यही विनम्र विनती है कि इस दास रूपी हंस को (সীঃ ক কিনাই) भवसागर पार कराकर सत्यलाक दीजिए ताकि उसे जन्म-्मरण के चक्र परलगा से मुक्ति मिल सके। ग्ुर शब्द ही सार है उद्घार है सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    गुरु गोविंद दोनों खड़े , काके लागुं पाय। बलिहारी गुरु आपने , गोविंद दियो बताय Il 312f: जब गुरु और भगवान दोनों सामने हों , तो पहले गुरु को प्रणाम करना चाहिए, क्योंकि गुरु ही हमें भगवान पहुंचने का मार्ग बताते हैं। নক गुरु गोविंद दोनों खड़े , काके लागुं पाय। बलिहारी गुरु आपने , गोविंद दियो बताय Il 312f: जब गुरु और भगवान दोनों सामने हों , तो पहले गुरु को प्रणाम करना चाहिए, क्योंकि गुरु ही हमें भगवान पहुंचने का मार्ग बताते हैं। নক
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    बैद मुआ, रोगी मुआ , मुआ सकल संसार एक कबीरा ना मुआ, जिहि के राम आधार अर्थ वैद्य हो या रोगी , इस संसार में सभीका शरीर नश्वर है। जिसने राम (परमात्मा) का सच्चा सहारा ले लिया, वह आध्यात्मिक अर्थ में अमर हो जाता है। कबीर भजन ज्ञान கபசஎ Fwm बैद मुआ, रोगी मुआ , मुआ सकल संसार एक कबीरा ना मुआ, जिहि के राम आधार अर्थ वैद्य हो या रोगी , इस संसार में सभीका शरीर नश्वर है। जिसने राम (परमात्मा) का सच्चा सहारा ले लिया, वह आध्यात्मिक अर्थ में अमर हो जाता है। कबीर भजन ज्ञान கபசஎ Fwm
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    जीवन में नाम का प्रकाश ही सबसे बड़ा सहारा है। जब नाम से प्रेम हो जाता है, तब हर अंधकार मिट जाता है और भीतर शांति का उदय होता है। पंथ श्री हुजूर प्रकाश मुनि नाम साहेब जीवन में नाम का प्रकाश ही सबसे बड़ा सहारा है। जब नाम से प्रेम हो जाता है, तब हर अंधकार मिट जाता है और भीतर शांति का उदय होता है। पंथ श्री हुजूर प्रकाश मुनि नाम साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    ( सत्यनाम सत्यनाम ( सत्यनाम ) = జ్ధి # జ్ఞి # = = 8 गुरू पारस को अन्तरो , जानत हैं सब सन्त। वह लोहा कंचन करे ,ये करि लये महन्त। | गुरू में और पारस पव्थर में अंन्तर है, यह सब सन्त जानते हैं। पारस तो लोहे को सोना ही बनाता है, परन्तु गुरू शिष्य को अपने समान महान बना लेता हैं। सुप्रभात सप्रेम साहेब बांदगी साहेब ( सत्यनाम सत्यनाम ( सत्यनाम ) = జ్ధి # జ్ఞి # = = 8 गुरू पारस को अन्तरो , जानत हैं सब सन्त। वह लोहा कंचन करे ,ये करि लये महन्त। | गुरू में और पारस पव्थर में अंन्तर है, यह सब सन्त जानते हैं। पारस तो लोहे को सोना ही बनाता है, परन्तु गुरू शिष्य को अपने समान महान बना लेता हैं। सुप्रभात सप्रेम साहेब बांदगी साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    शब्द सम्भारे बोलिए, शब्द के हाथ न पाँव| एक शब्द औषधि करे, কক্র ক্রই ঘান Il GenerateddvONEPLUS Al शब्द सम्भारे बोलिए, शब्द के हाथ न पाँव| एक शब्द औषधि करे, কক্র ক্রই ঘান Il GenerateddvONEPLUS Al
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    saheb bandagi group
    #🙏Saprem Saheb Bandagi Saheb🙏 #🙏🙏saheb bandagi saheb🙏🙏
    कबीर सुता क्या करे, जागी न जपे geி 4 दिन तू भी सोवेगा , एक लम्बे पाँव पसारी ।l कबीर साहब कहते हैं की नींद में सोए क्यों रहते हो? अज्ञान ज्ञान की जागूति को हासिल कर परमात्मा का नाम लो। सजग होकर परमात्मा का ध्यान करो। वह दिन दूर नहीं तुम्हें गहन निद्रा में सो ही जाना है जव जब तक जाग सकते हो जागते क्यों नहीं? परमात्मा का साऊय नाम स्मरण क्यों नहीं करते ? काणीर श्री  सदग़रु सुप्रभात धनी धर्मदासजी साहेब सप्रेम साहेब बंदगी साहेब कबीर सुता क्या करे, जागी न जपे geி 4 दिन तू भी सोवेगा , एक लम्बे पाँव पसारी ।l कबीर साहब कहते हैं की नींद में सोए क्यों रहते हो? अज्ञान ज्ञान की जागूति को हासिल कर परमात्मा का नाम लो। सजग होकर परमात्मा का ध्यान करो। वह दिन दूर नहीं तुम्हें गहन निद्रा में सो ही जाना है जव जब तक जाग सकते हो जागते क्यों नहीं? परमात्मा का साऊय नाम स्मरण क्यों नहीं करते ? काणीर श्री  सदग़रु सुप्रभात धनी धर्मदासजी साहेब सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    दर्पण जब साफ़ होता है तभी छवि स्वच्छ AGIి) -6957 दिखाई पड़ता है। ठीक ऐसे ही अगर हमें अपने भीतर आत्मतत्व का साक्षात्कार करना है तो अपने अहंकार और स्वार्थ का त्याग करना होगा | ~पंथ श्री हुजूर उदितमुनि नाम साहब अहकार स्वार्थ लोभ त्याय कर अहकार स्वार्थ अहकार और स्वार्थका KABIR DHARMDAS VANSHAVALI Ikabirdharmdasvanshavaliorg दर्पण जब साफ़ होता है तभी छवि स्वच्छ AGIి) -6957 दिखाई पड़ता है। ठीक ऐसे ही अगर हमें अपने भीतर आत्मतत्व का साक्षात्कार करना है तो अपने अहंकार और स्वार्थ का त्याग करना होगा | ~पंथ श्री हुजूर उदितमुनि नाम साहब अहकार स्वार्थ लोभ त्याय कर अहकार स्वार्थ अहकार और स्वार्थका KABIR DHARMDAS VANSHAVALI Ikabirdharmdasvanshavaliorg
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    MEKHRAM SAHU
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    2[46 गुरू प्रेम का, बिसरे तन मन का भान | सुख दुःख की चिंता नहीं, हर पल रहे सतगुरू का ध्यान...!! Generated by ONEPLUS Al 2[46 गुरू प्रेम का, बिसरे तन मन का भान | सुख दुःख की चिंता नहीं, हर पल रहे सतगुरू का ध्यान...!! Generated by ONEPLUS Al
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  • saheb bandagi group - Author on ShareChat
    saheb bandagi group
    #🙏Saprem Saheb Bandagi Saheb🙏 #🙏🙏saheb bandagi saheb🙏🙏
    कबीर यहु घर प्रेम ख़ाला का घर नॉहि। , सीस उतारै हाथि करि, सो पैठे घर मॉहि।। న सुप्रभात सप्रेम साहेब बंदगी साहेब कबीर यहु घर प्रेम ख़ाला का घर नॉहि। , सीस उतारै हाथि करि, सो पैठे घर मॉहि।। న सुप्रभात सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    मोक्ष जो हमारा &&, वह तो परमात्मा के चरणों में समर्पित होने से ही प्राप्त होगा| T8 जो है भक्ति, भाव, सेवा और समर्पण का मार्ग है। श्री सदगुरू कबीर साहेब भक्ति समर्पण Td ಭd इन्हीं चार तत्वों से जीवन पवित्र होता है और परमात्मा की कृपा से मोंक्ष की प्राप्ति होती है। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब मोक्ष जो हमारा &&, वह तो परमात्मा के चरणों में समर्पित होने से ही प्राप्त होगा| T8 जो है भक्ति, भाव, सेवा और समर्पण का मार्ग है। श्री सदगुरू कबीर साहेब भक्ति समर्पण Td ಭd इन्हीं चार तत्वों से जीवन पवित्र होता है और परमात्मा की कृपा से मोंक्ष की प्राप्ति होती है। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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