#रात_की_बात........
मुझ पे बीती कल रात की बात
उजड़ी साँसों, जज़्बात की बात।
आ रहा शहर से गाँव एक रात की बात
हुई अपनी मौत से मुलाक़ात की बात।
सड़क पे नचा रहे गाड़ियां नौजवां
दिल काँप उठा देख हालात की बात।
पूछा कि बताओ आपनी शिनाख़्त
भड़के बड़े, करने लगे सवालात की बात।
बोले, किसने तुम्हें डांटने का हक़ दिया
नापो ज़मीन या सुनोगे लात की बात।
कुछ डरा कुछ डराया बताया वालिदैन को,
किराये ले जाते थार में बरात की बात।
पहले भी यहाँ हादसे कितने गुजरें,
कह न सका बाप कौन जात की बात।
इतने में ट्रक थार स्कॉर्पियो टकराए
औलाद हुई चिथड़े सौगात की बात।
जिगर समझ ले ज़िंदगी खेल नहीं है
छोड़ पुरानी कर नई रिवायात की बात।
#जिगर_चूरूवी