Shamsher bhalu Khan
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4 months ago
#मिलते_हैं जंजीरों की खानक से बाजुओं को बल मिलते हैं। इन तख्तों पर मौत के मुश्किलों के हल मिलते हैं। मिलना गर तुम चाहो तो दरकार ए जरूरत नागा ढूंढने से सनम क्या ख़ुदा अज़्वाज़ल मिलते हैं। मिलते हैं मुर्दे जन्नत में अहले खाना से बेखुद बताते यहां जो किया वहां के फ़ल मिलते हैं। माहिरिन ने बनाया ताज़ कटवा कर हाथ अपने शाहजहां और मुमताज़ वहां बेकल मिलते हैं। जिगर आफताब को थाम लिया आसमान ने गोद में ज़मीन की सागर के जल मिलते हैं। #जिगर_चूरूवी