Jagdish Sharma
497 views
1 days ago
।। ॐ ।। भवाप्ययौ हि भूतानां श्रुतौ विस्तरशो मया। त्वत्तः कमलपत्राक्ष माहात्म्यमपि चाव्ययम्।। क्योंकि हे कमलनेत्र! मैंने भूतों की उत्पत्ति और प्रलय को आपसे विस्तारपूर्वक सुना है तथा आपका अविनाशी प्रभाव भी सुना है। #यथार्थ गीता #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #❤️जीवन की सीख